स्कूल की छत पर मास्टर चला रहा था नकली नोटों का कारखाना
Wed, 08 Feb 2017 08:35 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
सार
निजी स्कूल संचालक गिरफ्तार, 6.46 लाख के नकली नोट बरामद
100, 500, 2000 के हैं नकली नोट, प्रिंटर, मॉनीटर, नंबरिग मशीनें, कागज समेत तमाम सामान मिला
विभिन्न स्कूलों और सरकारी विभागों के अफसरों की 155 मोहरें भी मिलीं
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बिठूर में छापे में पकड़े नकली नोट, दाएं आरोपी नरेंद्र
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
बिठूर के हिंगूपुर गांव में नकली नोटों की छपाई का कारखाना चला रहे निजी स्कूल के संचालक नरेंद्र कुमार निषाद को पुलिस और स्वॉट टीम ने मंगलवार को दबोच लिया। उसके घर से 6.46 लाख रुपये के नकली नोट, मुद्रित कागज, सुरक्षा धागा, नंबरिंग मशीन, प्रिंटर, मॉनीटर, की-बोर्ड, कई स्कूलों के प्राचार्यों, प्रबंधकों और सरकारी विभागों से जुड़े अफसरों की 155 मोहरें बरामद हुईं हैं।
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20 प्रतिशत कमीशन पर राजनीतिक दलों को नकली नोट सप्लाई करने की थी योजना
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इस झोपड़ी में चल रहा था नकली नोट छापने का धंधा
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
नरेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह अब तक लाखों रुपये के नकली नोट चौबेपुर, बिल्हौर, शुक्लागंज (उन्नाव), सचेंडी, पनकी और कल्याणपुर बाजार में खपा चुका है। आज-कल नकली नोट विधानसभा चुनाव में खपाने के लिए तैयार कर रहा था। 20 प्रतिशत कमीशन पर राजनीतिक दलों को नकली नोट सप्लाई करने योजना थी। बता दें कि इससे पहले 4 जनवरी को कानपुर देहात के पुखरायां के मीरपुर गांव में नकली नोट छापने का कारखाना पकड़ा गया था।
कल्याणपुर सीओ संजीव दीक्षित ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि बिठूर एसओ जितेंद्र प्रताप सिंह और स्वॉट टीम प्रभारी केके सिंह ने टीम के साथ हिंगूपुर स्थित एसएस पब्लिक स्कूल के संचालक नरेंद्र कुमार निषाद के घर छापा मारा। स्कूल के ऊपरी तल पर बने नरेंद्र के कमरे में नकली नोट छापने का कारखाना मिला। नरेंद्र को पकड़ लिया गया।
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विधानसभा चुनाव में नेताओं को सप्लाई करने थे नोट
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पकड़े गए नकली नोट
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
सीओ के मुताबिक रिटायर्ड ग्राम विकास अधिकारी मन्नी लाल के बेटे नरेंद्र के कमरे से दो हजार के 128, 500 के 380 नोट और 100 के 800 नकली नोट (कुल 6.46 लाख रुपये) मिले। कमरे से चार नंबरिंग मशीनें, दो प्रिंटर, सीपीओ, एक मॉनीटर, की-बोर्ड, कैंची, ए-4 साइज के 215 कागज, 100 रुपये के अर्धमुद्रित नोट, विभिन्न विभाग के अधिकारियों के पदनाम की मोहरें भी मिलीं। नरेंद्र एक साल से घर पर ही नकली नोट का कारखाना चला रहा था। पूछताछ में नरेंद्र ने बताया कि विधानसभा चुनाव में नेताओं को सप्लाई के लिए भारी मात्रा में नकली नोट छाप रहा था। बता दें कि कानपुर देहात के पुखरायां के मीरपुर गांव में भी 4 जनवरी को नकली नोट छापने का कारखाना पकड़ा गया था। मौके से 76 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए थे और बाद में भी कई लाख के नकली नोट बरामद किए गए थे। उस गैंग का सरगना पनकी गंगागज कानपुर का वीपी था। पुलिस उस गैंग से भी नरेंद्र के तार जुड़े होने की छानबीन कर रही है।
नकली नोट मामले में पकड़े गए युवक के पिता मन्नी लाल और मां कमला
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
कई धंधे हैं नरेंद्र के
नरेंद्र ने 1988 में पीपीएन डिग्री कालेज से बॉयोलॉजी से बीएससी किया था। वह इंटर तक के छात्र-छात्राओं को कोचिंग पढ़ता था। खुद को बीएमएस डॉक्टर भी बताता है। उसने बताया कि वह बिठूर में क्लीनिक भी चलाता था। खुद को ज्योतिष भी बताता है। परिवार में पत्नी नीरू और एक बेटी है। नरेंद्र स्कूल के ऊपर बने कमरे में रहता है। पत्नी और बेटी निचले हिस्से में रहते हैं।
कितने नोट खपाए, पता नहीं
नरेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसने 2000, 500 और 100 रुपये के नकली नोट छापे थे। 2000 और 500 के नोट की छपाई से वह संतुष्ट नहीं था। कलर की सही मिक्सिंग नहीं हो पा रही थी। इसलिए 100 रुपये के नकली नोट खूब छापे। नकली नोटों के जरिए क्षेत्र के तमाम लोगों की मदद भी की। उन लोगों ने मार्केंट में नोट चलाए। उसने खुद भी बाजार में नकली नोटों को खपाया। उसे खुद नहीं पता है कि कितने नकली नोट मार्केंट में खपा चुका है।
आर्थिक तंगी के चलते शुरू किया था काम
नरेंद्र ने पूछताछ के दौरान पहले पुलिस अफसरों को अरदब में लेने का प्रयास किया। कहा कि हम भी पढ़े-लिखे हैं। टॉपर हैं। अगर गुनाह करते तो कोई हमें पकड़ नहीं सकता था। मेरा दिमाग तेज है इसलिए नकली नोट छापने का विचार मन में आया। मै तो ज्योतिष भी जानता हूं। बस आप दो मिनट में पानी पीकर आएं, मै आपके बारे में सब कुछ बता दूंगा। जब अफसरों ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच कबूल दिया।