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यहां अब भी रखे हैं 500 अाैैर 1000 के पुराने नाेट, क्या हाेगा सरकार का फैसला

Sun, 22 Apr 2018 12:27 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमाे पिक
नाेटबंदी के बाद हजार और पांच सौ के पुराने नोट पूरी तरह से अवैध हो चुके हैं। इन्हें बदलने की समयसीमा भी बीत चुकी है। अब सवाल यह है कि विभिन्न अपराधों से जुड़े मालखानों में रखे पुराने नोटों का क्या होगा। अभी भी माल मुकदमा के रूप में कुछ मालखानों में पुराने नोट रखे हैं।

 
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डेमाे पिक
मालखानों में रखे पुराने नाेटाें के मामले में गुरुवार को एसएसपी के खिलाफ अवमानना वाद दाखिल किया गया है। नाेटबंदी से पहले कल्याणपुर पुलिस ने रेलवे और बैंक की परीक्षा का साल्वर गैंग विकास नगर से पकड़ा था। इसमें फतेहपुर का रविकांत वर्मा भी शामिल था। रविकांत से पुलिस ने छह लाख रुपये बरामद किया था। थाने के मालखाने इसे जमा किया गया था।

 
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रविकांत काे हाईकोर्ट से जमानत के बाद एसीएमएम 2 की कोर्ट ने छह लाख रुपये, एटीएम कार्ड और मोबाइल रिलीज का आर्डर कर दिया। रविकांत कल्याणपुर थाने में रिलीज का कोर्ट का आदेश लेकर पहुंचा ताे पुलिस ने उसे बंद हुए पांच सौ और हजार के छह लाख रुपये के पुराने नोट थमाए। उसने लेने से इनकार कर दिया। अधिवक्ता शशिकांत शुक्ला ने एसएसपी के खिलाफ अवमानना वाद दाखिल किया है।

 

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डेमाे पिक
इसमें कहा गया है कि नोट बंदी के दौरान रिजर्व बैंक ने मालखाने में जमा पुराने नोट बदलवाने को कहा था। अभियुक्त ने भी कोर्ट में इस बारे में अर्जी दी थी। कोर्ट ने नोट बदलवाने को कल्याणपुर पुलिस से कहा था। फिर भी नोट नहीं बदलवाए गए। इस मामले का खुलासा होने पर आईजी आलोक सिंह का कहना है कि एसएसपी से कहकर दिखवाया जाएगा कि माल मुकदमा के रूप में और भी मालखानों में पुराने नोट तो नहीं रखे हैं।

 
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अगर ऐसे मामले और सामने आए तो रिजर्व बैंक के संज्ञान में लाते हुए मार्ग दर्शन मांगा जाएगा। पुराने नोट बदलने में कुछ मुकदमों में कई कानूनी पेच फंसने के कारण नोट नहीं बदले जा सके होंगे। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित का कहना है कि नोटबंदी के दौरान माल मुकदमा (पुराने नोट) के बारे में संबंधित लोगों ने कोर्ट में अर्जी देकर पुलिस के लिए नोट बदलने के आदेश कराए थे। चूंकि यह माल मुकदमा था। चार्जशीट में नोटों का पूरा ब्योरा होता है।

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डेमाे पिक
इसलिए उन पुराने नोटों की फोटो कापी कराकर नए नोटों के साथ बतौर माल मुकदमा रखवा दिए गए थे। नोटबंदी के समय डीजीपी ने एक सर्कुलर सभी एसपी और एसएसपी के लिए जारी किया था। इसमें कहा गया था कि संबंधित पक्ष कोर्ट में पुराने नोट बदलवाने के लिए कोई अर्जी नहीं देते हैं तो पुलिस यह मामला अदालत के संज्ञान में लाकर नोट बदलवा लें। इसलिए डीजीपी के आदेश का अनुपालन कराना पुलिस की जिम्मेदारी थी। न बदलवाने पर पुलिस की जवाबदेही बनेगी।
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