फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उन्नाव रेप कांड: सीबीअाई ने बदली जांच की दिशा, अब इनपर गिरेगी गाज

Mon, 14 May 2018 05:31 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 6
कुलदीप सिंह सेंगर
उन्नाव के बांगरमऊ सीट से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर रेप अाैर हत्या के मामले में अाराेपी करार दिए गए हैं। विधायक पर रेप का आरोप लगाने वाली किशोरी के पिता की मौत का मामले में सीबीअाई छानबीन कर रही है। इलाज में लापरवाही पर जिला अस्पताल के सीएमएस का पहले ही निलंबन हो चुका है।

 
 
विज्ञापन

2 of 6
रेप पीड़िता
किशोरी के पिता के इलाज व मेडिकल परीक्षण में बरती गई लापरवाही के मामले में अब जल्द ही जांच शुरू हो सकती है। सीबीआई ने अपनी जांच की दिशा अब डाक्टरों की ओर मोड़ दी है। हाल ही में सीएमओ कार्यालय पहुंचे सीबीआई के अधिकारियों ने शासन की ओर से निलंबित किए गए सीएमएस व ईएमओ के अलावा जांच के दायरे में आए डाक्टरों से पूछताछ करने की ओर इशारा किया था।
 
 
विज्ञापन

3 of 6
अाराेपी विधायक एवं रेप पीड़िता
इसको लेकर डाक्टरों को जिले में ही मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। विधायक प्रकरण में किशोरी के पिता से मारपीट व आर्म्स एक्ट के मामले में पुलिस ने 4 अप्रैल को जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया था। जिला अस्पताल में ईएमओ डा. प्रशांत उपाध्याय ने मेडिकल परीक्षण किया था। इस दौरान किशोरी के पिता के शरीर में मिलीं चोटों को दरकिनार कर दिया गया था।
 
 

4 of 6
रेप पीड़िता
7 अप्रैल को किशोरी के पिता की हालत बिगड़ने के बाद जेल से अस्पताल लाने में भी इलाज में लापरवाही बरती गई थी। अल्ट्रासाउंड जांच के बाद जबरन जेल भेज दिया गया था। बंदी के मेडिकल परीक्षण से लेकर उपचार में छह डाक्टरों की लापरवाही सामने आई थी। एसआईटी ने जांच में सीएमएस डा. डीके द्विवेदी, ईएमओ डा. प्रशांत उपाध्याय को निलंबित करने के साथ ही अन्य डाक्टरों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई थी।
 
 
विज्ञापन

5 of 6
अाराेपी विधायक
शासन ने सीएमएस डा. डीके द्विवेदी व ईएमओ डा. प्रशांत उपाध्याय को निलंबित करने के साथ ही डा. गौरव अग्रवाल, डा. जेपी सचान व डा. मनोज को लापरवाह मानते हुए इनके खिलाफ जांच के आदेश जारी कर दिए थे। सूत्रों की मानें तो सीबीआई जल्द ही इन डाक्टरों से पूछताछ करेगी। वहीं शासन के निर्देश पर भी इन डाक्टरों के खिलाफ जांच की जाएगी। जांच में लापरवाही मिलने पर डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

इन सवालाें के जवाब तलाश रही है सीबीआई

6 of 6
कुलदीप सिंह सेंगर
-क्या जिला अस्पताल के डाक्टरों ने दबाव में काम किया? अगर उन पर दबाव था तो उन्होंने अधिकारियों को मामले की सूचना क्यों नहीं दी?
-सीबीआई आरोपों में घिरे विधायक से डाक्टरों के कनेक्शन तलाश रही है।
-मेडिकल के दौरान डाक्टरों ने चोटों पर क्यों नहीं ध्यान दिया?
-जेल प्रशासन से चिट्ठी लिखे जाने के बाद भी उपचार में देरी क्यों बरती गई? जेल प्रशासन व अस्पताल प्रशासन को जांच के घेरे में रखा गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें