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बिकरू कांड: उस खौफनाक रात का मंजर ग्रामीणों के दिलों में है कैद, दहशतगर्द के अंत के बाद आजाद हुआ था बिकरू

Fri, 02 Jul 2021 01:12 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जमीदोज पड़ा है विकास दुबे का किला - फोटो : amar ujala
दहशतगर्द विकास दुबे के अंत के बाद से बिकरू आबाद हुआ। ग्रामीणों के दिलों में जो उसकी दहशत कैद थी वो भी खत्म हुई। जिसका सबसे बड़ा सुबूत बिकरू में ढाई दशक बाद प्रधानी के चुनाव में दस दावेदारों का उतरना है। एक महिला ने ग्राम प्रधानी का चुनाव जीता। मगर 2 जुलाई 2020 की रात का खौफनाक मंजर गांव वालों के दिल और दिमाग में बसा हुआ है। गांव निवासी विश्वनाथ कुशवाहा ने कहा कि दो जुलाई की रात गोलियों की तड़तड़ाहट से गांव गूंज उठा था। हर तरफ खूनी मंजर था। मगर विकास दुबे के अंत के बाद से गांव वाले आजाद हो गए। हर कोई अपनी मन की गाड़ी खरीद सकता है। किसान अपनी खेती कर सकते हैं और बेखौफ होकर चुनाव लड़ सकते हैं। पंचायती चुनाव में ऐसा हुआ भी। रामजी कश्यप ने बताया कि विकास दुबे ने जब आठ पुलिसकर्मियों को मार दिया था तो हम लोग बहुत दहशत में आ गए थे। ऐसा लगने लगा था कि अब विकास कुछ भी कर सकता है। जब विकास एनकाउंटर में ढेर हुआ तब राहत की सांस ली थी।
 
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बिकरू में मधु बनीं प्रधान - फोटो : अमर उजाला
बिकरू के नाम से लोग चौंक जाते हैं
ग्रामीणों ने बताया कि एक कांड ने बिकरू को बदनाम कर दिया है। जब भी कहीं बाहर कोई ये पूछता है कि कहां के रहने वाले हो। जैसे ही उनको बिकरू गांव का नाम सुनाई देता है तो वो चौंक जाते हैं। एक बार विकास दुबे का जिक्र जरूर करते हैं। कुछ अन्य ग्रामीणों ने बताया कि आसपास गांव के लोग बिकरू से रिश्ता करने से भी कतराते हैं। कुछ युवाओं का कहना था कि लोग यहां के रहने वालों को नौकरी भी नहीं देना चाहते।



 
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विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
बिकरू कांड -घटनाक्रम पर एक नजर
2 जुलाई - रात लगभग 12:45 बजे गैंगस्टर विकास दुबे द्वारा साथियों के साथ मिलकर आठ पुलिस कर्मियों की हत्या।
3 जुलाई- सुबह करीब  7:00 बजे पुलिस ने गांव से लगभग 2 किमी दूर कांशीराम निवादा गांव स्थित मंदिर में दबिश देकर विकास के दो अहम गुर्गों अतुल दुबे व प्रेम प्रकाश पांडे को मुठभेड़ में मार गिराया।
5 जुलाई - सुबह 4:00 बजे पुलिस ने विकास के नौकर दयाशंकर उर्फ कल्लू को मुठभेड़ के दौरान कल्यानपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। इसी दिन विकास पर घोषित इनाम की धनराशि बढ़ाकर एक लाख रुपये की गई।

 

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विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
8 जुलाई-  सुबह लगभग 7:00 बजे हमीरपुर के मौदहा क्षेत्र में विकास दुबे के खास गुर्गे व पारिवारिक अमर दुबे को मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने ढेर कर दिया। इसी दिन सुबह करीब 8 बजे घटना से जुड़े बिकरू निवासी श्यामू बाजपेई को गांव से कुछ ही दूर बेला मार्ग के निकट से पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया।
9 जुलाई - सुबह फरीदाबाद से गिरफ्तार प्रभात मिश्रा को एसटीएफ ने तब मार गिराया, जब मौका पाते ही उसने हमला बोला था। इसी दिन विकास के एक अन्य साथी प्रवीण उर्फ बउआ दुबे को पुलिस ने इटावा के पास मार गिराया।

 
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विकास दुबे कांड: शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्रा, जय बाजपेई - फोटो : amar ujala
9 जुलाई-  बिकरू कांड के मास्टर माइंड कुख्यात विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से गिरफ्तार किया गया।
10 जुलाई-  सुबह लगभग 6:30 बजे यूपी एसटीएफ की टीम ने विकास को उस समय ढेर कर दिया, जब उसने मौका पाते ही एसटीएफ से पिस्तौल छीन भागने का प्रयास किया और बचाव में एसटीएफ पर फायरिंग शुरू कर दी।

नहीं बनी पुलिस चौकी
वारदात के बाद तत्कालीन एसएसपी ने गांव में अस्थायी पुलिस चौकी बनवाने की बात कही थी। कुछ दिन तक वहां पुलिसकर्मी तैनात रहे थे लेकिन आज तक वहां चौकी नहीं बन सकी।
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