बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई के भाइयों अजय कांत, रजयकांत व शोभित बाजपेई को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जमानतें दाखिल करने के बाद शोभित जेल से रिहा भी हो गया है, जबकि अजय व रजय अभी जेल में ही हैं।
विज्ञापन
2 of 5
विकास दुबे कांड: जय बाजपेई और पत्नी श्वेता
- फोटो : amar ujala
गैंगस्टर कोर्ट में चार सितंबर को तीनों भाइयों अजयकांत, रजयकांत व शोभित ने आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद कोर्ट ने तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। सेशन कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद तीनों ने हाईकोर्ट में जमानत की गुहार लगाई थी। शोभित को पहले जमानत मिल गई।
विज्ञापन
3 of 5
जय बाजपेई
- फोटो : amar ujala
एक-एक लाख की दो जमानतें और इसी धनराशि का निजी मुचलका दाखिल करने पर उसे जेल से रिहा कर दिया गया। अजय व रजय की जमानत अर्जी भी हाईकोर्ट से मंजूर हो गई है लेकिन अभी उनकी जमानतें दाखिल नहीं हुई हैं। बिकरू कांड के बाद जय बाजपेई का नाम सामने आया था।
4 of 5
विकास दुबे: जय की पत्नी श्वेता
- फोटो : amar ujala
जय की गिरफ्तारी के बाद तीनों भाइयों पर भी गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। नजीराबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद तीनों भाई कई दिन तक फरार रहे। कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट व कुर्की का नोटिस जारी किया था। पुलिस ने मुनादी के बाद मकान व दुकानों पर कुर्की की नोटिस भी चस्पा कर दी थी। इसके चलते तीनों भाइयों ने गैंगस्टर कोर्ट में समर्पण कर दिया था।
महीने के आखिरी रविवार को थाने में लगानी होगी हाजिरी
शोभित को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल की कैद से आजादी तो मिल गई लेकिन हाईकोर्ट ने जमानत के साथ शर्त रखी है कि हर महीने के आखिरी रविवार को 10 से 12 बजे के बीच नजीराबाद थाने में हाजिरी लगानी होगी। समय के अंदर अगर शोभित हाजिर नहीं होता है तो एसओ इसकी शिकायत कोर्ट में कर सकता है और इस आधार पर शोभित की जमानत खारिज भी हो सकती है।