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कानपुर: ठंड का कहर, ठिठुर रहा शहर, आफत में जान, 16 लोगों ने तोड़ा दम

Thu, 26 Dec 2019 12:06 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर में ठंड का कहर - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में इस सीजन में अब तक का सबसे सर्द दिन बुधवार रहा। न्यूनतम तापमान 4.6 पर आ गया। ठंड से बुधवार को 16 लोगों की मौत हो गई।  सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) ने नौ, अस्थमा ने दो, हार्ट अटैक ने तीन और ब्रेन अटैक ने दो व्यक्तियों की जान ली। सांस मरीजों पर कोहरा आफत बनकर गिर रहा है। दरअसल, कोहरे की घनी चादर की वजह से प्रदूषित तत्व वातावरण में ऊपर नहीं जा पा रहे हैं, जिससे सांस रोगियों का दम घुट रहा है।

बुधवार को धूप निकली लेकिन ठंड इतनी ज्यादा थी कि बेअसर साबित हुई। एक दिन पहले मंगलवार को न्यूनतम पारा 5.8 रिकार्ड किया गया था, यह भी अब तक का सबसे न्यूनतम तापमान था। अधिकतम तापमान 16.4 डिग्री रिकार्ड किया गया। घने कोहरे और प्रदूषण की वजह से सांस रोगियों को दिक्कत हो रही है। सांस की नली में सूजन बढ़ गई है।  सीओपीडी मरीजों की हालत गंभीर है।
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कानपुर में ठंड का कहर - फोटो : अमर उजाला
उनका इलाज हैलट, उर्सला समेत निजी अस्पतालों में चल रहा है। कल्याणपुर क्षेत्र के एक अस्पताल में तीन सीओपीडी मरीजों आवास विकास के घनश्याम (55), रीतेश गुप्ता (47) और शिक्षिका नंदिनी (50) ने दम तोड़ दिया। सिविल लाइंस के एक अस्पताल में इलाज के दौरान तड़के राजेश कुमार (62) और वैभव वर्मा (58) की सीओपीडी से मौत हो गई। सीओपीडी मरीज नौबस्ता के मनु (62) की घर पर ही सांसें थम गईं। उनके पुत्र विपुल ने बताया कि इलाज चल रहा था। अचानक हालत बिगड़ी और मौत हो गई।

चमनगंज निवासी सीओपीडी मरीज अफशां (57) और आदिल (47) ने भी दम तोड़ दिया। परिजन उन्हें क्षेत्र के अस्पताल में ले गए थे, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई थी। बेकनगंज निवासी सीओपीडी मरीज नादिर (43) की शाम को सिविल लाइंस के अस्पताल में मौत हुई। इसी तरह काकादेव के मनोज वर्मा (55) और कल्याणपुर के मुकेश (55) की जान अस्थमा अटैक ने ली। दो दिन पहले इनकी तबियत बिगड़ी, तो डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल में दिखाया गया था।
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कानपुर में ठंड का कहर - फोटो : अमर उजाला
चक्कर, बेहोशी और मौत
उस्मानपुर की रहने वाली मधु गुप्ता (55), बेकनगंज के रियाज (56) और नवाबगंज के वीरसेन गुप्ता की हार्ट अटैक से मौत हो गई। तीमारदारों ने बताया कि तबियत अचानक बिगड़ी, चक्कर और बेहोशी आई। इसके बाद मौत हो गई। आजादनगर के देवेश कुमार (48) की ब्रेन अटैक से मौत हो गई। उनके छोटे भाई राजेश ने बताया कि सुबह अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ गया। चक्कर खाकर गिर पड़े। हैलट ले जाते वक्त मौत हो गई। जाजमऊ के नियाज अशरफ की भी ब्रेन अटैक से जान चली गई।

- शहर में सीओपीडी रोगियों की संख्या-4 लाख
- गंभीर स्थिति में सीओपीडी के मरीज- 16 हजार
- अस्थमा मरीजों की संख्या- 2 लाख

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कानपुर में ठंड का कहर - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2008 में आईआईटी और डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल ने संयुक्त शोध किया था। उस वक्त प्रदूषण के कारण लोगों के फेफड़ों के काम करने की क्षमता 10 फीसदी कम पाई गई थी। प्रदूषण बढ़ने के कारण फेफड़ों की स्थिति और बिगड़ी है। सीओपीडी मरीजों की हालत ठंड में बिगड़ जाती है। घना कोहरा होने पर प्रदूषण ऊपर नहीं जा पाता। जिस वजह से सांस मरीजों का दम घुटने लगता है।
डॉ. एसके कटियार, सीनियर चेस्ट फिजिशियन एवं पूर्व प्राचार्य, जीएसवीएम मेडिकल कालेज   

नया साल कड़ाके की ठंड में
नए साल के आगाज का जश्न भी कड़ाके की ठंड बीच मनाया जाएगा। न्यूनतम तापमान चार डिग्री तक जाने का अनुमान है। 30 और 31 को बारिश के भी आसार हैं। 

घना कोहरा छाया 
वातावरण में नमी की अधिकता के चलते सुबह और शाम को घना कोहरा छाया रहा। सुबह सात बजे तक तीन सौ मीटर तक की दृश्यता रही। दिन में भी करीब दो बजे के बाद से धुंध छाने लगी थी, जो शाम होते ही कोहरे में तब्दील हो गई। सुबह हवा में नमी की मात्रा नौ प्रतिशत बढ़कर 75 पर आ गई। अधिकतम नमी एक दिन पहले की तरह 94 प्रतिशत रही। मंगलवार की अपेक्षा बुधवार को हवा की नमी में दो किलोमीटर प्रतिघंटे की कमी आई।
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कानपुर में ठंड का कहर - फोटो : अमर उजाला
अगले एक सप्ताह में तापमान डिग्री सेल्सियस में
26 को न्यूनतम 5, अधिकतम 16
27 को न्यूनतम 4 अधिकतम 15
28 को न्यूनतम 5 अधिकतम 15
29 को न्यूनतम 4 अधिकतम 15
30 को न्यूनतम 4 अधिकतम 14
31 को न्यूनतम 4 अधिकतम 14

बरतें सावधानी
- अस्थमा, सीओपीडी के रोगी एन-95 मास्क लगाएं, कपड़े का मास्क बेअसर रहता है।
- सुबह और शाम को कोहरा घना होने पर बाहर न निकलें।
- रात में पार्टियों में न जाएं, हो सके तो बाहर सफर पर न निकलें।
- बाहर निकलने पर कान और मुंह गर्म कपड़े से ढके रहें।
- रात में भी अच्छी तरह पहन-ओढ़कर सोएं।
- अचानक गर्म कमरे से बाहर खुले में न निकलें।
- ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, अस्थमा रोगी दवा की डोज डॉक्टर से दुरुस्त करवा लें।
- गरिष्ठ, तला-भुना भोजन न लें, सादा पौष्टिक भोजन लें।
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