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पिता ने दो बच्चों को कुएं में फेंका: आरोपी को जरा भी अफसोस नहीं, बोला- सामान दिलाने की जिद पर आया था गुस्सा

Mon, 25 Apr 2022 05:50 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पिता - फोटो : अमर उजाला
यूपी के जौनपुर जिले के जफराबाद थानाक्षेत्र के नैपुरा में रविवार शाम एक पिता ने अपने दो मासूम बच्चों को कुएं में फेंक कर मार डाला। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं दो बच्चों की मौत के बाद मां अबतक बेसुध है। आरोपी पिता इरफान को अपने इस कृत्य पर जरा भी अफसोस नहीं है।

उसने कहा कि बच्चों को सामान दिलाने की जिद पर गुस्सा आया तो 7 वर्षीय पुत्री और पांच साल के बेट को कुएं में फेंक दिया। थानाध्यक्ष राजाराम द्विवेदी ने बताया कि आरोपी की पत्नी शाहीन बानो की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर इरफान के जेल भेज दिया गया। बच्चों का हत्यारा पिता बातचीत से मानसिक रूप से सामान्य प्रतीत हो रहा है। वह आम लोगों की तरह ही बातचीत कर रहा है। हर सवाल का जवाब दे रहा है। इधर, गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में बसी इसी घटना की चर्चा लोगों के बीच है। 
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- फोटो : अमर उजाला
पत्नी साहिन बानो के मुताबिक रोज की तरह रविवार को भी इरफान दुकान पर काम करने के लिए गया था। जहां से खाना खाने के लिए दोपहर में करीब 12 बजे आया था। दोपहर में पत्नी साहिन नमाज पढ़ रही थीं। उनके दोनों बच्चे सायमा (7) और बेटा अरमान (5) खेल रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान इरफान ने सायमा और अरमान को अपने साथ लेकर गया। पत्नी ने सोचा कि वह बच्चों को खिलाने के लिए ले जा रहा है, लेकिन  बच्चों को खिलाते-खिलाते घर से 50  मीटर दूर कुएं में ले जाकर फेंक दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद जफराबाद स्थित दुकानदार के यहां काम पर चला गया। इधर, साहिन सोच रही थी कि इरफान उसके बच्चों को लेकर खिलाने गया था। मगर, जब वह शाम को करीब चार बजे घर पहुंचा तो साहिन ने बच्चों के बारे में पूछा तो उसने कहा कि मैंने दोनों को कुएं में फेंक दिया है। इस पर चीखते हुए  साहिन ने कारण पूछा तो बोला कि मैं कहा से खिलाऊंगा। बच्चों की मौत की जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया। 

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- फोटो : अमर उजाला
सायमा (7) कक्षा दो में और पुत्र अरमान (5) कक्षा एक में गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते थे। गांव वालों ने बताया कि दोनों बच्चे पढ़ने में बहुत रुचि रखते थे। काफी होनहार और पढ़ाई के प्रति उनका रुझान ज्यादा रहता था। दोनों बच्चों ने जिस कुएं में दम तोड़ा उसी के पास बैठकर वो अक्सर पढ़ते-लिखते और खेलते दिखाई देते थे। 
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Jaunpur - फोटो : अमर उजाला
 पति के कारण गोद सूनी होने पर रोते हुए पत्नी शाहिना कह रही थी कि वह सोचती थी कि कभी बच्चों को किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े, इसलिए वह रात में जग कर बीड़ी बनाती थी। लेकिन, उसे (पति) को पता नहीं क्या हो गया कि दोनों बच्चों की जान का दुश्मन बन गया।
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- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने बताया कि इरफान ने कई वर्षों तक सऊदी अरब में भी काम किया था। हालांकि वह चार-पांच साल पहले वहां से वापस आया और फिर नहीं गया। शाहीन बानो बच्चों की देखभाल तथा परिवार चलाने के लिए स्वयं घर पर बीड़ी बनाकर मेहनत करती थी। ग्रामीणों के मुताबिक, बातचीत करने में इरफान की मानसिक स्थिति सामान्य लगती है। लेकिन उसकी हरकतें थोड़ी अजीब हैं। दिन भर कई बार गांव का चक्कर लगाना, रात के समय एकांत में खड़ा होकर तारें गिनना, अचानक हाथ पांव झटकना। यह सब स्थितियां उसके मानसिक स्थिति के खराब होने को दर्शाता था।
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- फोटो : अमर उजाला
इरफान के दो और भाई हैं, जो मुंबई में रोजी रोटी कमाते हैं। इरफान पहले सऊदी अरब में काम करता था। रविवार को हुई घटना को लेकर कुछ लोग कहते हैं कि सऊदी से आते समय इरफान का सारा सामान गायब हो गया था। तभी से उसकी मानसिक हालत कभी कभी ठीक नहीं रहती थी। वही कुछ लोग उसकी हालत को ठीक बताते हुए कहते है कि वह झक्की टाइप का था तो कुछ लोग दूसरी तरह की बातें कर रहे थे।
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- फोटो : अमर उजाला।
पुत्री-पुत्र की मौत हो गई और पति जेल में चला गया। ऐसे में शाहीन बानो की दुनिया उजड़ गई। अब उसके आगे पीछे परिवार में रहने वाला कोई नहीं रह गया। रविवार को मायके वाले शाहीन बानो को अपने साथ लेकर चले गए। शाहीन बानो के घर में रहने वाला अब कोई नहीं है। घर में ताला बंद है। 
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