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तस्वीरों में हाथरस का भयावह मंजर: लाशों के ढेर में अपनों को खोजते रहे लोग... चारों तरफ बिखरे पड़े थे शव

Wed, 03 Jul 2024 02:59 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
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hathras stampede - फोटो : अमर उजाला
हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र में सत्संग के बाद मची भगदड़ में जिला मुख्यालय पर एक के बाद एक 27 लाशें पहुंची। बुधवार सुबह तक भगदड़ में मरने वाले 121 लोगों में से अधिकांश की पहचान कर ली गई है। सत्संग में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही पड़ोसी राज्यों से भी श्रद्धालु आए थे। हादसे की जानकारी मिलने के बाद आए परिजन इन लाशों के ढेर में अपनों की खोज करते रहे। वीभत्स नजारा और परिजन की चीत्कार से हर किसी की आंखें नम हो गईं। पुलिस व प्रशासन शवों की पहचान कराने में देर शाम तक जुटा रहा।
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hathras stampede - फोटो : अमर उजाला
मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर मंगलवार दोपहर बाद 3 बजे के करीब जैसे-जैसे शवों की संख्या बढ़ती गई, भीड़ भी जुटती गई। एंबुलेंस सायरन बजाते आती गई और लाशों के ढेर लगते चलते गए। कुछ घायलों को निजी वाहनों से भी मेडिकल कॉलेज लाया गया। जिनमें से अधिकांश ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। 
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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
इनके साथ सत्संग में गए परिजन भीड़ में गुम हो गए और अपनों की तलाश करते रहे। शाम 5 बजे के बाद घायलों और शवों का आना बंद हुआ। तब तक पोस्टमार्टम हाउस पर भारी भीड़ जुट चुकी थी। भीड़ को देखकर जिले भर की पुलिस मोर्चरी पर बुला ली गई। 

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
अधिकारी लाउडस्पीकर के माध्यम से परिजन को बुलाकर शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने में जुट गए। एएसपी धनंजय सिंह कुशवाहा ने माइक को संभाला। शवों के पास मिले नाम-पतों से घोषणा कर बुलाया जाता रहा। जो परिजन पहुंचे, उनके शवों को पोस्टमार्टम शुरू कराया गया। 
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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
शाम 5 बजे एसएसपी राजेश कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश और एसडीएम सदर भावना विमल भी पहुंच गईं। इन अधिकारियों की ओर से परिजन से बात की गई और उन्हें ढांढ़स बंधाते रहे। इसके बाद राजनीतिक दलों के लोगों ने भी पहुंचकर पीड़ित परिजन को सांत्वना दी।
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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
हाथरस में सत्संग के बाद मची भगदड़, 121 की मौत
हाथरस के सिकंदराराऊ के नेशनल हाईवे स्थित गांव फुलरई मुगलगढ़ी के सहारे खेतों में आयोजित नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग के समापन के बाद मची भगदड़ में करीब 121 लोगों की मौत हो गई।
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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
मंगलवार दोपहर यह हादसा उस समय हआ, जब भोले बाबा के काफिले के निकलते समय उनकी चरण धूल लेने के लिए अनुयायियों में अफरा-तफरी मच गई। भगदड़ के बीच हाईवे के सहारे के कीचड़युक्त खेत में तमाम लोग गिर गए और उनके ऊपर से भीड़ गुजर गई।

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
हादसे के बाद मची चीख पुकार के बीच अफरा-तफरी भरे माहौल में शवों व घायलों को सिकंदराराऊ के ट्रामा सेंटर और एटा के मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
मरने वालों में महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक है। मरने वालों में चार की पहचान हुई है। मंडलायुक्त अलीगढ़ चैत्रा वी की अगुवाई में जांच समिति गठित की गई है।

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
24 घंटे के भीतर इसे अपनी रिपोर्ट देनी है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 20 हजार लोगों के कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति मांगी गई थी, इसमें 50 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। 

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
कार्यक्रम स्थल पर जगह भी समतल नहीं थी, भोले के बाबा के पैर छूने की होड़ में भगदड़ मची है। मंडलायुक्त ने अभी 116 की मौत और 18 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि की है। इस संबंध में सत्संग कार्यक्रम के मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर और अन्य आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 105, 110, 126(2), 223 और 238 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। हादसा मंगलवार दोपहर करीब दो बजे हुआ।

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
उस समय सत्संग समाप्त हो गया था और भीड़ अपने वाहनों की ओर जा रही थी। इसी दौरान सत्संग में स्वयंसेवकों भोले बाबा के वाहनों के काफिले को निकालने भीड़ रोक दिया।

 

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
स्वयंसेवकों ने लाठी डंडों से भीड़ को धकियाकर रोकने और बाबा के काफिले की चरण धूल लेने की होड़ के बीच कुछ महिलाएं गिर पड़ी। इसी बीच स्वयं सेवकों ने उन्हें धकेला तो वहां भगदड़ मच गई और गिरे लोगों को पीछे से आ रहे लोग कुचलते गए।

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
इस भगदड़ के दौरान काफी संख्या में लोग एनएच के सहारे कीचड़युक्त खेत में गिर गए और उनके ऊपर से भी भीड़ गुजरती चली गई। आनन-फानन आसपास के ग्रामीणों ने राहत व बचाव कार्य शुरू किए और प्रशासन को सूचना दी।

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
तब जाकर घायलों और शवों को जो भी वाहन मिला, उससे सिकंदराराऊ के ट्रामा सेंटर और एटा के मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया।



 

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
पुलिस-प्रशासन ने भले ही 116 की मरने की पुष्टि की है, लेकिन यह आंकड़ा अधिक हो सकता है। शाम तक करीब 97 शव सिकंदराराऊ के ट्रामा सेंटर पर लाए गए। इनमें 85 महिलाएं, चार बच्चों और तीन पुरुषों के शव थे।

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
27 शव एटा मेडिकल कॉलेज पहुंचे हैं। इनकी संख्या और बढ़ सकती है। कुछ शवों को परिजन सिकंदराराऊ से बिना पोस्टमार्टम और पंचनामा भरवाए लेकर चले गए।

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
सत्संग में अलीगढ़, एटा, मैनपुरी, कासगंज, आगरा सहित हरियाणा से भी अनुयायी पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि सत्संग के पंडाल में हजारों की संख्या लोग पहुंचे थे
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हाथरस में सत्संग के दौरान दर्दनाक हादसा - फोटो : अमर उजाला
वहां गर्मी व उमस भरा माहौल था। सत्संग के समाप्त होने के बाद लोग वहां निकलकर अपने वाहनों तक पहुंचने की जल्दी में थे। 
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