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कौन हैं श्रुति शर्मा: पिता इंजीनियर और परिवार में कई डॉक्टर, अब बेटी ने रच दिया इतिहास

Mon, 30 May 2022 09:07 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
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Shruti Sharma IAS UPSC CSE 2021 Topper - फोटो : सोशल मीडिया
श्रुति परिवार की अकेली सदस्य हैं, जिन्होंने कला वर्ग को चुनकर इतिहास पढ़ा। जबकि परिवार में सभी विज्ञान से पढ़े हुए हैं। श्रुति के परदादा जिले के नामचीन वैद्य रहे हैं, जबकि दादा भी डॉक्टर रहे हैं। ताऊ और तहेरी बहन डॉक्टर हैं और श्रुति के पापा इंजीनियर। श्रुति ने परिवार में सबसे अलग राह पकड़ी और कला वर्ग को चुन लिया। जिन्होंने इतिहास कुरेद कर सिविल सर्विसेज में सफलता की कुंजी को ढूंढ निकाला। 

थाना चांदपुर क्षेत्र के गांव बास्टा निवासी सुनील दत्त शर्मा की बेटी श्रुति शर्मा ने यूपीएससी में टॉप कर अपने परिवार के साथ गांव, जनपद और प्रदेश का नाम रोशन किया है। जिस पर चांदपुर में रहने वाले श्रुति के ताऊ डॉ. यज्ञ दत्त शर्मा को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। एसडीएम हिमांशु वर्मा ने भी श्रुति के ताऊ के घर पहुंचकर पूरे परिवार को बधाई दी। 
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परिवार के साथ श्रुति शर्मा। - फोटो : amar ujala
श्रुति के परदादा दयास्वरूप शर्मा जाने माने वैद्य हुआ करते थे, जोकि मूल रूप से थाना चांदपुर क्षेत्र के गांव अंथाई के रहने वाले थे। दादा डॉ. देवेंद्र दत्त शर्मा भी चिकित्सक थे। जबकि श्रुति के पापा सुनील दत्त शर्मा आर्किटेक्ट इंजीनियर हैं। सुनील दत्त शर्मा और रचना शर्मा की बेटी श्रुति शर्मा ने यूपीएससी परीक्षा में टॉप कर परदादा, दादा, पिता के साथ-साथ क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया है। 
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परिवार के साथ श्रुति शर्मा। - फोटो : amar ujala
श्रुति के ताऊ डॉ. यज्ञ दत्त शर्मा बताते हैं कि श्रुति हमारे परिवार में अकेली सदस्य है जो कला वर्ग से पढ़ी। बाकी सभी विज्ञान से पढ़े हुए हैं। हालांकि श्रुति का भाई क्रिकेटर है, जो अंडर 25 क्रिकेट में यूपी की ओर से खेलता है। पिता ने बास्टा में बाल ज्ञान निकेतन इंटर कॉलेज के नाम से विद्यालय संचालित किया हुआ है। जिसकी व्यवस्था सुनील देखते हैं। बीच-बीच में वे गांव आते रहते हैं। 

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Shruti Sharma IAS UPSC CSE 2021 Topper AIR1 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
दिल्ली में हुई श्रुति की शिक्षा
श्रुति के माता-पिता बास्टा के रहने वाले हैं, लेकिन अब दिल्ली में रहते हैं। पिता एक कंपनी में एमडी हैं। श्रुति की प्रारंभिक शिक्षा भी सरदार पटेल विद्यालय दिल्ली में हुई। श्रुति ने दिल्ली विश्वविद्यालय के संत स्टीफन कॉलेज से इतिहास विषय के साथ स्नातक ऑनर्स और जवाहर लाल नेहरू विश्ववविद्यालय से समाजशास्त्र से परास्नातक किया है। श्रुति ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, दोस्तों व शिक्षकों को दिया है। श्रुति ने यह सफलता 12 से 15 घंटे प्रतिदिन पढ़ाई कर हासिल की है। 
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यूपीएससी टॉपर श्रुति शर्मा - फोटो : amar ujala
दूसरे प्रयास में मिली सफलता 
श्रुति के ताऊ डॉ. यज्ञ दत्त शर्मा और ताई सीमा शर्मा ने बताया कि श्रुति को बचपन से ही पढ़ाई में बहुत रुचि रही है। श्रुति को घर का खाना पसंद है। उसका चयन पहले प्रयास में एक नंबर से रह गया था। दूसरे प्रयास में सफलता मिली है। चांदपुर उपजिलाधिकारी हिमांशु वर्मा ने श्रुति के ताऊ डॉ. यज्ञ दत्त शर्मा के चांदपुर दया विहार कॉलोनी स्थित निवास पर पहुंचकर पुष्प गुच्छ भेंट किया और बेटी की सफलता पर उन्हें बधाई दी।
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परिवार के साथ सुमाएला चौधरी। - फोटो : amar ujala
बिजनौर की तीन बेटियों ने यूपीएससी में लहराया परचम
बिजनौर जिले की तीन बेटियों ने यूपीएससी की परीक्षा में परचम लहराया है। यूपीएससी की टॉपर बेटी श्रुति शर्मा बिजनौर के बास्टा की रहने वाली है। इसके साथ ही स्मृति भारद्वाज और डॉ. शुमाएला ने भी यूपीएससी की परीक्षा पास करने में सफलता हासिल की है, जोकि जिले के लिए गौरव की बात है। 

सोमवार को संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के नतीजे आए तो बिजनौर का नाम पूरे देश में छा गया। जिले को यह गौरव मिला बास्टा की रहने वाली श्रुति शर्मा की वजह से, जिसने सिविल सेवा परीक्षा में पहली रैंक हासिल की है। श्रुति ने देशभर के प्रतिभागियों को पछाड़ कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं, बिजनौर शहर की बेटी स्मृति भारद्वाज और डॉ. शुमाएला ने भी सिविल सेवा की परीक्षा पास करने में सफलता हासिल की है। 
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स्मृति भारद्वाज - फोटो : amar ujala
स्मृति भारद्वाज को 176वीं रैंक मिली है, जबकि सहसपुर की रहने वाली डॉ. शुमाएला चौधरी को 368 वीं रैंक हासिल हुई है। स्मृति भारद्वाज को रैंक के लिहाज से आईपीएस की श्रेणी मिल सकती है। वहीं, सुमायला भी अफसर बनेंगी। जिले की तीन बेटियों ने सिविल सेवा की परीक्षा पास कर जनपद का गौरव बढ़ाया। परीक्षा में पास होने की खबर मिलते ही इनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
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