आप बिजनौर से मेरठ जा रहे हैं तो सावधान रहिए। शहर से निकलने के दो किलोमीटर बाद ही आपकी राह कठिन हो सकती है, क्योंकि इस राह में गड्डे ही गड्ढे हैं। अमर उजाला की टीम ने मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे शहर के चक्कर चौराहे से बैराज पुल तक के गड्ढे गिने तो संख्या चौंकाने वाली थी। इस चौराहे से दो से तीन किमी तक तो सात गड्ढे मिले, लेकिन आखिरी पांच से छह किलोमीटर की दूरी में 623 गड्ढे मिले। इनमें से कई खाई का रूप ले चुके हैं, जो रात में बड़े ट्रक के पलटने का भी कारण बन सकते हैं। अब सवाल उठता है कि प्रशासन द्वारा तीन से चार बार चेतावनी देने के बावजूद भी यह गड्ढे नहीं भरे गए तो किसके कहने पर इसकी हालत सुधर पाएगी।
पिछले दिनों डीएम उमेश मिश्रा ने स्वयं एनएचआई के अधिकारियों के साथ बैठक कर शीघ्र ही हाईवे के गड्ढे भरने की चेतावनी दी थी। साथ ही किसी की जान गड्ढों के कारण जाने पर एफआईआर कराने को भी कहा था। इसके बावजूद बैराज रोड का हाल जस का तस है। चेतावनी के बाद अफसरों को दिखाने के लिए शहर से बैराज की ओर कुछ दूरी तक गड्ढे जरूर भरे गए, लेकिन करीब दो किलोमीटर बाद डरावना सफर शुरू हो जाता है। गड्ढे ऐसे कि दोपहिया वाहन का संतुलन बिगड़ना तो तय है ही, बड़े वाहन भी अधिकतर संतुलन खोते दिख जाते हैं।