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खौफनाक: बर्खास्त कमांडो के क्राइम रिकॉर्ड की पूरी कहानी, पहले बनाया गैंग, फिर की ताबड़तोड़ वारदातें

Thu, 12 Aug 2021 02:15 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर में हाथ में पिस्टल लेकर लूट की कोशिश करता बर्खास्त कमांडो। - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में मुठभेड़ में दबोचे गए बदमाश रंजीत और अमजद की तलाश में राजस्थान व पंजाब पुलिस खाक छानती घूम रही थी। रंजीत को दस साल पहले एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडो रहते हुए आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर बर्खास्त किया गया था। इसके बाद रंजीत ने अपना गैंग बना लिया था और वारदातों को अंजाम देने लगा।

पंजाब के पटियाला की प्रोफेसर कॉलोनी में रहने वाला रंजीत एनएसजी में कमांडो था। परिवार के लोग भी रंजीत पर फख्र करते थे। कमांडो रहते हुए रंजीत बुरी संगत में पड़ गया और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा। रंजीत को दस साल पहले एनएसजी से बर्खास्त कर दिया गया था। रंजीत की नजर सोना लूटने पर लगी रहती थी। उसने अपने गैंग के साथ मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, दिल्ली, हापुड़, सहारनपुर, बागपत, पंजाब व राजस्थान में लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। एक मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई। उस मामले में वह फरार चल रहा है। 
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पिस्टल बरामद। - फोटो : amar ujala
राजस्थान के चुरू में 25 किलो सोना व आठ लाख रुपये लूटने के बाद रंजीत अपने साथी अमजद, शादाब व मोहाली के रहने वाले हनीस ठाकुर के साथ फरार हो गया था। बदमाशों को नहीं मालूम था कि सोने के जो पैकेट उन्होंने लूटे हैं, उनमें चिप लगी थी। राजस्थान पुलिस चिप की जीपीएस के माध्यम से बदमाशों की लोकेशन लेती रही। हनीस ठाकुर व शादाब को हिसार में पुलिस ने लूटे गए 25 किलो सोने व छह लाख रुपये, चार पिस्टल, एक कार, चाकू के साथ दबोच लिया था पर रंजीत व अमजद भाग निकले। 
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मुठभेड़ में बदमाश गिरफ्तार - फोटो : amar ujala
इसके बाद ये हिमाचल और उत्तराखंड में छिपे रहे। 21 मार्च को रंजीत, शादाब व हनीस समेत पांच बदमाशों ने अमृतसर में सराफ के यहां डाका डाला। अमजद उस समय जेल में बंद था। इस डकैती में 30 लाख कीमत का सोना लूटा गया। तब से पंजाब पुलिस के साथ राजस्थान पुलिस भी रंजीत व अमजद की तलाश में थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों बदमाशों पर 30-30 मुकदमे दर्ज हैं और उनकी हिस्ट्रीशीट खुली हुई है।

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बाइक बरामद। - फोटो : amar ujala
लूट में विफल होने पर भाग गए थे हरिद्वार
पकड़े गए बदमाश अमजद की बिजनौर के मोहल्ला मिर्दगान में ससुराल है। वह ससुराल में खूब आता-जाता है। अमजद के कहने पर ही रंजीत 19 जुलाई को बिजनौर में मुथूट फाइनेंस में सोना लूटने गया था। दोनों बदमाश बकरीद से पहले रैकी करके गए थे। मुथूट फाइनेंस में विफल होने पर दोनों बदमाश बाइक से हरिद्वार भाग गए। मौके से भागते के बाद रंजीत ने ऐश्वर्य होटल के पीछे अपने कपड़े बदले। रंजीत ने पुलिस को बताया कि अमजद मालतीनगर में था। वहां से दोनों बदमाश हरिद्वार चले गए। हरिद्वार से मुंबई गए और कुछ दिन बाद वापस हरिद्वार आ गए।
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मौके पर जांच करती टीम। - फोटो : amar ujala
वहीं मंगलवार को दोनों बदमाश बाइक से बिजनौर में अमृतसर की डकैती का लूटा गया सोना बेचने आए थे। सोना बिका नहीं तो वापस हरिद्वार जा रहे थे। तभी पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने रंजीत के पास से बिजनौर की घटना के दौरान पहने लोअर, टीशर्ट व कैप, दोनों पिस्टल बरामद कर ली हैं। रंजीत ने पुलिस को बताया कि भागते समय होशराम ने पकड़ लिया था। उसने पिस्टल से गोली लाई। उसे नहीं मालूम कि गोली होशराम को लगी या नहीं। रंजीत को मालूम था कि मुथूट फाइनेंस में मोटा सोना है। अमजद ने ही बिजनौर में लूट करने का रास्ता रंजीत को दिखाया था।
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बिजनौर में मुठभेड़। - फोटो : amar ujala
इनाम देने की घोषणा
एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने गैंग को दबोचने वाली टीम में शामिल शहर कोतवाल राधेश्याम, एसएसआई सुनील कुमार, दरोगा जर्रार हुसैन, सिपाही अरविंद, बादल ढाका, स्वॉट टीम के प्रभारी नरेश कुमार समेत पूरी टीम को इनाम देने की घोषणा की है।
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