बैल के साथ सुरेश
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घुमंतू परिवार से हैं, इसलिए अलग-अलग जाने के लिए आज भी बैल बुग्गी, तांगे का इस्तेमाल करते हैं। उसने कहा कि आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए दूसरा बैल अभी तक नहीं खरीद पाए हैं। एक बैल गाड़ी को नहीं खींच सकता, इसलिए उसके साथ गाड़ी खिंचवानी पड़ती है।