बदायूं के एचपीसीएल डबल मर्डर केस की जांच के लिए शासन की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार शाम बदायूं पहुंचा। टीम ने कर्मचारियों व सुरक्षाकर्मियों के बयान दर्ज किए। साथ ही घटना से संबंधित रिकॉर्ड देखा और अधिकारियों से अब तक की कार्रवाई को लेकर पूछताछ की।
बदायूं में एचपीसीएल प्लांट में हुई दो अफसरों की हत्या के मामले में खुलासा हुआ है। बदायूं इलाके के एक नेता की शह पर उनके भाई ने कंपनी के प्लांट को गुर्गों के जरिये हाईजैक कर रखा था। प्लांट में न तो स्थानीय स्तर पर माल की आपूर्ति हो पा रही थी और न ही कामगार ढंग से काम कर रहे थे। व्यवस्था बेपटरी कर दी गई, जिसे दुरुस्त करने की कोशिश में दोनों अफसरों की जान चली गई।
मूसाझाग के सैजनी में बनाए गए इस प्लांट का श्रेय तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह को जाता है। इसके साथ ही इलाके के नेताओं ने भी प्लांट स्थापना का श्रेय लेने की कोशिश की थी। 27 जनवरी 2024 को प्लांट शुरू हुआ तो डीजीएम मृगांक सिन्हा थे।
विज्ञापन
2 of 14
एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद बाहर तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बताते हैं कि उस दौरान स्थानीय नौजवानों को रोजगार देने की बात कही गई थी, लेकिन इसके लिए सूची एक नेता के भाई के पास से आती थी। अजय के परिवार के ही करीब दस लोगों को रोजगार दिया गया। इन लोगों को जरूरत से ज्यादा पगार दी जाती थी।
विज्ञापन
3 of 14
एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूत्र बताते हैं कि नेता के घर काम करने वाले माली, नौकरों से लेकर ड्राइवरों तक की तैनाती कागजों में प्लांट में चल रही थी। वह कंपनी से पगार पाने के साथ ही काम नेता व उसके भाई के घर पर किया करते थे।
4 of 14
आरोपी अजय प्रताप सिंह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक पार्टी से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के नाम भी कर्मचारी बतौर दर्ज होने की बात कंपनी सूत्रों से सामने आई है। धान की खेती सीमित होने से पराली स्थानीय स्तर पर बेहद कम मिल रही थी तो प्लांट संचालन में दिक्कत आ रही थी।
ऐसे में पंजाब, शाहजहांपुर व पीलीभीत से पराली मंगाकर बॉयो गैस बनाना काफी महंगा पड़ रहा था। ऊपर से कर्मचारियों की हठधर्मिता हावी थी। इससे परेशान होकर सुधीर गुप्ता ने वीआरएस लेने के लिए आवेदन कर दिया था। इस महीने के अंत में उनका नौकरी छोड़ना तय था। हर्षित ने भी सुधीर गुप्ता की तरह प्लांट की व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए मेहनत की, लेकिन सफल नहीं हो सके। नतीजा दोनों की मौत के रूप में सामने आया।
विज्ञापन
6 of 14
आरोपी अजय प्रताप सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्यारोपी की मां है कोटेदार, करीबी को बनाया प्रधान
शाहजहांपुर से आए दबंग परिवार ने सैजनी में बसने के बाद यहां भी बादशाहत कायम कर ली थी। अजय और उसके परिवार ने हथियारों के दम पर इलाके में दहशत फैलाई और जिला पंचायत सदस्य पद से लेकर प्रधानी तक हासिल कर ली। अजय के ताऊ गांव के प्रधान और तहेरा भाई जिपं सदस्य रह चुके हैं। अजय ने अपनी मां को कोटेदार बना रखा है।
विज्ञापन
7 of 14
एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव के कुछ खास लोगों को छोड़कर बाकी को दो महीने बाद एक महीने का राशन मिलने की बात अमर उजाला की पड़ताल में सामने आई। बताते हैं कि कोटे में भी नेता के भाई को चौथ (हिस्सेदारी) देने की परंपरा निभाई जा रही थी। इसके बाद किसी तरह की शिकायत पर जांच या कार्रवाई नहीं होती थी। सामान्य के बाद पिछड़ा वर्ग के लिए सीट आवंटित हुई तो अजय ने अपने बेहद करीबी शख्स को प्रधान बनवा दिया।
8 of 14
एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद बाहर मौजूद लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी के खिलाफ कोर्ट में जल्द दाखिल होगी चार्जशीट
एचपीसीएल प्लांट के दो अधिकारियों सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा की हत्या के बाद पुलिस सक्रिय हुई है। अब मामले की विवेचना मूसाझाग थाने के नए इंस्पेक्टर वीरेंद्र तोमर कर रहे हैं। उन्होंने साक्ष्य संकलन करने का काम तेजी से शुरू किया है। अब तक उन्होंने इतने साक्ष्य जुटा लिए हैं कि जिनके आधार पर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में जल्द दाखिल कर दी जाएगी।
9 of 14
एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्याकांड के बाद विवेचक ने काटा था पहला पर्चा
बता दें कि इन अफसरों ने वारदात के पहले आरोपी अजय प्रताप सिंह पर जो केस दर्ज कराया था उसके विवेचक रहे धर्मेंद्र कुमार ने खुद की गर्दन बचाते हुए 12 मार्च को दोनों अफसरों की हत्या होने के बाद मामले से संबंधित विवेचना का पहला पर्चा काटा। इसके बाद एसएसपी ने उनको निलंबित कर दिया।
10 of 14
एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी के मोबाइल में छिपे हैं तमाम राज, नहीं हुआ बरामद
दोनों अधिकारियों की हत्या करने के बाद आरोपी अजय कुमार फिल्मी स्टाइल में गाड़ी से थाने पहुंचा और तमंचे के साथ पुलिस के सामने अपना जुर्म कुबूल करते हुए सरेंडर कर दिया था। उस समय उसके पास मोबाइल नहीं था। पुलिस ने बाेलेरो को केस का हिस्सा बना लिया है, जबकि आरोपी का मोबाइल फोन अब तक पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। उस मोबाइल फोन में हत्या के तमाम राज कैद बताए जा रहे हैं।
एसआईटी बदायूं पहुंची, कर्मचारियों के बयान दर्ज
बदायूं के एचपीसीएल डबल मर्डर केस की जांच के लिए शासन की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार शाम बदायूं पहुंचा। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में पहुंची टीम ने शाम पांच बजे एचपीसीएल प्लांट का दौरा कर घटनास्थल का मुआयना किया और वहां मौजूद कर्मचारियों व सुरक्षाकर्मियों के बयान दर्ज किए।
12 of 14
एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
टीम ने घटना से संबंधित रिकॉर्ड देखा और अधिकारियों से अब तक की कार्रवाई को लेकर पूछताछ की। इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही घटनाक्रम में दोषी अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। मूसाझाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत सैंजनी में बने इस प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की 12 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी प्लांट कर्मचारी अजय प्रताप सिंह खुद ही थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया था।
घटना की जांच के लिए शासन स्तर से तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसमें बरेली मंडल के आयुक्त भूपेंद्र एस चौधरी, डीआईजी अजय कुमार साहनी व लखनऊ से अपर आयुक्त (खाद्य) कामता प्रसाद शामिल हैं। तीनों ही अधिकारियों ने प्लांट का निरीक्षण किया। स्थानीय कर्मचारियों से घटना के बारे में जानकारी ली। साथ ही सिक्योरिटी गार्डों से भी बात की गई। उस दिन गेट पर तैनात रहे गार्डों से मूसाझाग थाने में पूछताछ भी की गई। मौके पर जिला पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। इनसे भी अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा लिया गया। इसके साथ ही आगे की कार्रवाई को लेकर भी निर्देश दिए गए।
एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद बाहर मौजूद लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसआईटी ने इन बिंदुओं पर मांगा ब्योरा
एसआईटी ने मामले से संबंधित एफआईआर, आरोपी की दुकानों को गिराने से पहले जारी किए गए नोटिस, पीडब्ल्यूडी की पैमाइश रिपोर्ट और आरोपी की मेडिकोलीगल रिपोर्ट भी तलब की है।