बदायूं हत्याकांड में एक और नया खुलासा हुआ है। संदिग्ध भूमिका वाले कर्मियों की प्लांट से छुट्टी होगी। 20 कर्मी बिना ड्यूटी के वेतन पा रहे हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी के परिवार के अलावा कुछ रिश्तेदार भी प्लांट में नौकरी करते पाए गए हैं।
बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों की हत्या के मामले में एक और खुलासा हुआ है। एचपीसीएल के अधिकारियों ने कर्मचारियों को रखने वाली कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए हैं कि सैजनी गांव के जो भी कर्मचारी संदिग्ध भूमिका वाले हैं उन सभी को निकालकर नए कर्मचारी बाहर से नियुक्त किए जाएं। इसको लेकर भी क्षेत्र में चर्चाएं जोरों पर हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी के परिवार के अलावा कुछ रिश्तेदार भी प्लांट में नौकरी करते पाए गए हैं। इसी के साथ ही गांव के तमाम लोग प्लांट में नौकरी करते आ रहे थे। घटना के बाद एचपीसीएल के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो यह मामला खुलकर सामने आ गया।
विज्ञापन
2 of 16
एचपीसीएल प्लांट के गेट पर तैनात पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद
20 कर्मी बिना ड्यूटी के पा रहे वेतन
यह भी पता लगा है कि 20 से अधिक कर्मचारी बिना ड्यूटी किए ही वेतन पा रहे हैं। अब ऐसे लोगों पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। इसके लिए अधिकारियों ने कार्यदायी संस्था को उन्हें प्लांट से निकालने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
3 of 16
आरोपी अजय प्रताप सिंह और उसके परिवार की मार्केट
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को भी नहीं चला बुलडोजर
आरोपी का मकान-दुकान चिह्नित होने के बाद भी प्रशासन ने बुलडोजर की कार्रवाई नहीं की है। लोगों का आरोप है कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न करके उसे स्टे आॅर्डर लाने का मौका दिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी भले ही जेल में है, लेकिन पैरवी करने वाले लोग भाग-दौड़ कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि तहसील प्रशासन कार्रवाई करने में अब भी लीपापोती कर रहा है।
4 of 16
दुकान पर नोटिस चस्पा
- फोटो : अमर उजाला
सैजनी गांव के बहुत से लोगों ने बंजर पड़ी जमीनों पर कब्जा कर मकान और दुकानें बना ली हैं। फिलहाल, चिह्नित किए गए ऐसे 10 लोगों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। तीन दिनों में अगर उचित जवाब नहीं मिला तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।- धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम, दातागंज
विज्ञापन
5 of 16
सैंजनी गांव स्थित प्लांट
- फोटो : अमर उजाला
प्लांट की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी स्थापित की गई है और पीएसी की तैनाती भी की गई है। जो भी अवैध निर्माण चिन्हित हुआ है उसके ध्वस्तीकरण की नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।- अवनीश राय, डीएम
कानपुर से बीटेक के बाद यूपीएससी के इंटरव्यू में दो बार शामिल हुए थे हर्षित
एचपीसीएल के सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा शुरू से ही मेधावी रहे। हाईस्कूल में गणित की परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए। बीटेक कानपुर से करने के बाद एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) में नौकरी मिलने पर कई प्रदेशों में उनकी तैनाती रही।
विज्ञापन
7 of 16
बदायूं दोहरा हत्याकांड
- फोटो : संवाद
वह यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) के इंटरव्यू तक में दो बार शामिल हुए थे। करीब डेढ़ साल पहले बदायूं के सैजनी स्थित एचपीसीएल के बायोगैस प्लांट में उनकी तैनाती हुई थी।
8 of 16
हर्षित के परिजन
- फोटो : संवाद
मोहल्ला साहूकारा लाइनपार निवासी सुशील मिश्रा और रानी मिश्रा के दो पुत्रों में बड़े हर्षित मिश्रा की प्रारंभिक शिक्षा मोहल्ले के आनंद आश्रम स्कूल में हुई। कक्षा एक से पांच तक की शिक्षा मोहल्ला हबीबगंज के प्राइमरी स्कूल में पूरी की। कक्षा छह से इंटरमीडिएट तक नगर के सरस्वती विद्या मंदिर से शिक्षा ली।
9 of 16
हर्षित मिश्रा
- फोटो : संवाद
वर्ष 2007 में हाईस्कूल में उन्होंने कॉलेज में टॉप किया। इंटरमीडिएट के बाद लखीमपुर से पॉलिटेक्निक किया। इसके बाद कानपुर के एचबीटीआई से बीटेक किया। हर्षित के पिता सुशील मिश्रा पूरनपुर चीनी मिल में कर्मचारी थे। गत वर्ष 30 नवंबर को ही वह सेवानिवृत हुए।
10 of 16
एचपीसीएल प्लांट
- फोटो : अमर उजाला
एचपीसीएल प्लांट के संचालन की कवायद तेज, अहमदाबाद में हुई बैठक
बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल बायोगैस प्लांट को दोबारा संचालित करने की कवायद तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, रविवार को इस संबंध में गुजरात के अहमदाबाद में एचपीसीएल और सोपान कंपनी के अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्लांट का संचालन जल्द से जल्द शुरू करने पर सहमति बनी और इसके लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
11 of 16
एचपीसीएल प्लांट में हुआ था दोहरा हत्याकांड
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बताया जा रहा है कि एचपीसीएल प्लांट का प्रबंधन देखती है, जबकि इसका संचालन सोपान कंपनी के माध्यम से किया जाता है। अहमदाबाद में हुई बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, संचालन प्रक्रिया और कर्मचारियों की तैनाती को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही कंपनी के अधिकारी बदायूं पहुंचकर प्लांट को पुनः शुरू कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।
12 of 16
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया धरना प्रदर्शन
- फोटो : संवाद
एचपीसीएल प्लांट हत्याकांड की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग
सैजनी स्थित एचपीसीएल बायोगैस प्लांट में बीते 12 मार्च को दो अफसरों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को जिला अस्पताल परिसर स्थित आंबेडकर पार्क में धरना प्रदर्शन किया। वहीं प्लांट के बाहर धरना देने जा रहे जिलाध्यक्ष को पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिया गया।
13 of 16
एचपीसीएल प्लांट के बाहर तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह और शहर अध्यक्ष मुन्ना लाल सागर के संयुक्त नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद प्रदेश कांग्रेस के निवर्तमान सचिव जितेंद्र कश्यप ने घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की।
14 of 16
budaun murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह ने आरोप लगाया कि परिजनों के अनुसार, पुलिस को पहले ही संभावित खतरे की सूचना दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि मृतकों के परिजनों को पांच करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए, साथ ही एचपीसीएल प्लांट में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
15 of 16
बदायूं दोहरा हत्याकांड
- फोटो : संवाद
सुरक्षा के पूरे इंतजाम एचपीसीएल प्लांट का संचालन जल्द शुरू कराने की दिशा में प्रशासन और कंपनी स्तर पर कार्रवाई जारी है। प्लांट की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी स्थापित की गई है और पीएसी की तैनाती भी की गई है। जो भी अवैध निर्माण चिन्हित हुआ है उसके ध्वस्तीकरण की नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। - अवनीश राय, डीएम
सपा सांसद आदित्य यादव ने सरकार और पुलिस-प्रशासन पर साधा निशाना
बदायूं के सपा सांसद आदित्य यादव ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा गठित एसआईटी जांच पर अविश्वास जताते हुए मामले की सीबीआई या सीबीसीआईडी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे।