पीलीभीत के न्यूरिया क्षेत्र में गांव टांडा बिजैसी निवासी राजमिस्त्री गोकुल मलिक को बाघ ने निवाला बना लिया। गोकुल रविवार को काम करने के बाद रोजाना की तरह पैदल ही घर का सफर तय करने के लिए निकला था। वह घर से सौ मीटर दूर ही था। अचानक मौत बनकर आए बाघ ने उस पर हमला कर दिया। जान बचाने को गोकुल ने गेहूं के खेत में दौड़ भी लगाई, लेकिन बच नहीं सका। खेत में उसके शरीर के अंग अलग-अलग मिले।
गोकुल मल्लिक टांडा बिजैसी गांव में पत्नी सुनीता के अलावा 13 वर्षीय पुत्री मानवी और नौ वर्षीय पुत्र मानव के साथ रहता था। उसने गांव से करीब आठ किलोमीटर दूर उत्तराखंड के बनगवा क्षेत्र में रविवार को दिन भर काम किया। लौटते समय वह घर के पास तक पहुंच गया था। घर महज सौ मीटर दूर ही रह गया था। इसी दौरान खेतों में घात लगाए बैठे बाघ ने हमलाकर उसे मार डाला।