बदायूं के सिविल लाइंस क्षेत्र में दो बच्चों की हत्या के मामले में पुलिस अब साजिद को कॉल कर बदायूं बुलाने वाले की तलाश में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर वह कौन था, जिसने उसको शहर बुलाया। इसके बाद ही इतनी बड़ी दर्दनाक घटना को अंजाम दिया गया। साजिद के भाई जावेद के फोन की कॉल डिटेल भी पुलिस खंगाल रही है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की बाबा कॉलोनी में 19 मार्च शाम करीब 6.30 बजे विनोद कुमार के घर में घुसकर उनके बेटे आयुष और अहान की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा सखानूं निवासी साजिद और जावेद के खिलाफ हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।
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आरोपी साजिद, जावेद, मृतक बच्चों के पिता
- फोटो : अमर उजाला
वारदात के तीन घंटे बाद ही साजिद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। जबकि जावेद ने बरेली में सरेंडर कर दिया था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। परिवार के लोग हत्या की वजह जानने को लगातार पुलिस से गुहार लगा रहे थे। हत्या की वजह सामने न आने से पीड़ित विनोद ने 24 मार्च को आत्मदाह की कोशिश की और अपनी बाइक को आग के हवाले कर दिया था।
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आरोपी जावेद के पिता और चाचा
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साजिद के पिता बोले- बेटे को कॉल कर बुलाया गया था
दरअसल, रविवार को जावेद के पिता ने बेटे जावेद को निर्दोष बताते हुए पुलिस से मांग की है कि उनके दोनों बेटों की मोबाइल कॉल रिपोर्ट निकलवाकर सार्वजनिक की जाए। कॉल डिटेल से साफ हो जाएगा कि घटना से पहले साजिद को किसने फोन करके बदायूं बुलाया था। साजिद और जावेद के पिता बाबू खां रविवार को मीडिया के सवालों के जबाव दे रहे थे। पिता बाबू खां का कहना है कि 19 मार्च मंगलवार को दोनों बेटे तीन बजे के बाद घर आ गए थे। जावेद घर में मिट्टी डालने लगा और साजिद बैठा हुआ था।
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Badaun double murder
- फोटो : अमर उजाला
अचानक उसके मोबाइल पर एक कॉल आई, जिसके बाद साजिद बाइक लेकर बदायूं जाने की बात कहकर घर से चला गया। तीन घंटे बाद सूचना मिली कि साजिद का बदायूं में किसी से झगड़ा हो गया है। इसके बाद जावेद बदायूं जाने के लिए अपनी मां नाजरीन के साथ बस स्टैंड पर पहुंचा। वहां पता लगा कि विनोद के दो बेटों की हत्या हो गई है। शहर में बवाल हो रहा है। साजिद का नाम आ रहा है। इसके बाद डर की वजह से जावेद दिल्ली भाग गया और नाजरीन घर लौट आईं। कुछ ही देर में अलापुर पुलिस घर आई और पूरी घटना बताई। पुलिस उनको और भाई कयामुद़्दीन को अपने साथ ले गई। अब पुलिस ने जावेद को आरोपी बनाकर जेल भेजा है। वह पुलिस से मांग करते हैं कि दोनों बेटों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाकर पता करें कि साजिद को बुलाने वाला कौन है।
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Badaun double murder
- फोटो : अमर उजाला
अगर यह साफ हो जाए कि साजिद को कॉल करने वाला कौन है और उसने साजिद को बदायूं क्यों बुलाया तो हो सकता है कि निर्मम हत्या की असली वजह भी साफ हो जाए। इस मामले में इंस्पेक्टर गौरव विश्नोई का कहना है कि हत्या के हर पहलू पर जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आ रहे हैं उनकी बारीकी से जांच पड़ताल की जा रही है। कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। कॉल करने वाले का भी पता लगाया जा रहा है।
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Badaun double murder
- फोटो : अमर उजाला
उधर, आरोपियों के परिवार वालों ने भी हत्या की वजह साफ करते हुए घटना का सही खुलासा करने की गुहार पुलिस से लगाई थी। साजिद के पिता बाबू का कहना था कि दोनों बेटों के मोबाइल फोन कॉल डिटेल निकलवाकर पुलिस असल वजह बताए। उन्होंने कहा कि साजिद को कॉल कर बदायूं बुलाया गया था। इसके बाद पुलिस दोनों के फोन की कॉल डिटेल खंगाल में जुटी है।
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बदायूं डबल मर्डर
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बदायूं में दो भाइयों की गला रेतकर हत्या, पुलिस ने एक आरोपी किया ढेर
याद रहे कि बदायूं की बाबा कॉलोनी में बीते मंगलवार (19 मार्च) की रात करीब आठ बजे ठेकेदार विनोद ठाकुर के दो बेटों आयुष (13) और अहान (6) की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई। जिस जगह वारदात हुई वह मंडी समिति पुलिस चौकी से सिर्फ 500 मीटर दूर है। आरोपियों के दूसरे समुदाय के होने से गुस्सा भड़क उठा। जाम लगाकर हंगामा करते हुए दूसरे समुदाय के तीन खोखों में आग लगा दी थी।
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डीएम ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
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इसके बाद पुलिस ने आरोपी साजिद को मौके से करीब दो किमी. दूर पुरानी चांदमारी के पास घेराबंदी कर मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। जानकारी के अनुसार, बाबा कॉलोनी में मजिया रोड के रहने वाले ठेकेदार ‘हर घर जल योजना’ के तहत ओवरहेड टैंक का निर्माण कराते हैं। उनके मकान के सामने ही कस्बा सखानू का रहने वाला साजिद बाल काटने का सैलून चलाता था।
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मृतक बच्चों की मां को संभालते परिजन
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विनोद की पत्नी संगीता अपने मकान के निचले हिस्से में ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। इसके चलते परिवारों के काफी अच्छे संबंध थे। साजिद का उनके घर आना जाना भी था। मंगलवार रात संगीता तीन बच्चों आयुष, अहान और पीयूष (8) के साथ घर पर थीं, जबकि विनोद लखीमपुर खीरी गए हुए थे। साजिद शाम चार बजे दुकान बंद करके चला गया था।
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बच्चों की मां को ढाढ़स बंधाती परिजन
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साजिद रात आठ बजे विनोद के घर आया। इस पर संगीता उसके लिए चाय बनाने अंदर को चली गई थी। तभी साजिद उनके दो बेटों आयुष और अहान को अपने साथ ऊपर ले गया। साथ ही, पीयूष से पानी लाने के लिए कहा। जब तक वह पानी लेकर ऊपर पहुंचा तब तक साजिद ने धारदार हथियार से आयुष और अहान की हत्या कर दी। सामने आए पीयूष पर भी चाकू से वार किया तो वह चीखता हुआ नीचे भागा। पीयूष के पीछे साजिद भी दौड़ा तो यह देख मां ने शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़े और मां-बेटे को बाहर खींचकर दरवाजा बंद कर दिया।
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लोगों ने आरोपी की दुकान का सामान फूंका
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आरोपी की दुकान के साथ, चार दुकानें फूंकी
सूचना पर पहुंची पुलिस साजिद की तलाश में जुट गई। इस बीच आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। नृशंस हत्या देख उनका गुस्सा बढ़ने लगा। इधर आक्रोशित भीड़ ने साजिद की दुकान तोड़कर सामान निकाला और सड़क पर रखकर फूंक दिया। आसपास के चार दुकानों को आग के हवाले कर दिया। लोग एक समुदाय के धर्मस्थल तक पहुंच गए लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया था।
मुठभेड़ में ढेर हुआ साजिद
उधर, आरोपी साजिद का पीछा करते हुए थाना पुलिस और एसओजी की टीम जब शेखूपुर के जंगल तक पहुंची तो साजिद ने फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से सिविल लाइंस इंस्पेक्टर गौरव विश्नोई घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। इसमें साजिद को भी गोली लग गई। पुलिस उसे जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।