बरेली के किला थाना इलाके से दूसरे समुदाय की लड़की को ले जाने का आरोपी बिलाल घोसी फेसबुक पर खुद को रईसजादे के तौर पर पेश करता था। महंगी बाइक और कारों के साथ फेसबुक पर उसके तमाम फोटो हैं। उसके दोस्त भी उसकी ही तर्ज पर हनक दिखाते थे। फेसबुक पर बिलाल खुद को शिकारी लड़का तो उसका दोस्त खुद को वीआईपी गुंडा लिखता है।
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आरोपी बिलाल
- फोटो : अमर उजाला
किला थाना क्षेत्र से दूसरे समुदाय की लड़की को फुसलाकर ले जाने वाले बिलाल की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अब बिलाल के बारे में कई हैरतअंगेज खुलासे हुए हैं। बिलाल हाथ में कलावा बांधता था। माथे पर टीका भी लगाता था। उसका एक फोटो भी सोशल साइट्स पर वायरल हुआ है, जिसमें उसके माथे पर टीका लगा है।
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bareilly police
- फोटो : अमर उजाला
आठवीं फेल बिलाल दूध-दही बेचने का काम करता था, लेकिन रहन-सहन में रईसी दिखाने का उसे शौक था। एक नामी लस्सी वाले का बेटा बिलाल का दोस्त है। वह बिलाल को अपनी स्विफ्ट डिजायर कार में घुमाता था। अक्सर बिलाल अकेले भी कार ले जाता था। इसके अलावा महंगी बाइक पर भी दोनों साथ घूमते थे। हुक्का बार भी जाते थे।
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- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि बरेली में लड़की को दूसरे समुदाय का युवक बहला-फुसलाकर ले गया। लड़की के पिता ने उसे नाबालिग बताते हुए 17 अक्तूबर को थाना किला में बिलाल नाम के युवक समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि लड़की बिलाल के झांसे में आकर घर में रखे आठ लाख रुपये और जेवर भी ले गई है। लड़की के परिवार के साथ हिंदू संगठन इसे लव जेहाद का मामला बताकर जल्द उसकी बरामदगी का दबाव बनाए हुए थे।
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- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार दोपहर भाजपा महानगर अध्यक्ष केएम अरोरा, विहिप के विभाग संयोजक पवन अरोरा के साथ कई हिंदू संगठनों के लोग थाना किला पहुंचे। ज्ञापन देने आए हिंदू संगठनों के नेताओं से पुलिस अफसरों की नोकझोंक के बाद भीड़ ने थाना किला में तोड़फोड़ कर दी। जवाब में अफसरों के आदेश पर पुलिस ने भीड़ पर लाठियां चला दीं। इसमें कुछ कार्यकर्ताओं के घायल होने के बाद मामला और तूल पकड़ गया। जबर्दस्त हंगामा करती भीड़ चार घंटे थाने में जमी रही।
हालात गंभीर होने के बाद इधर एडीजी, डीआईजी और एसएसपी समेत तमाम अधिकारी थाने पहुंच गए तो उधर शहर और बिथरी के विधायकों समेत मेयर भी आ गए। प्रथम दृष्ट्या पुलिस की गलती साबित होने पर इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर करने के साथ एक दरोगा और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया। घायल कार्यकर्ताओं का मेडिकल कराकर एसपी देहात को जांच का आदेश दिया गया है।