बरेली के किला थाना क्षेत्र के मोहल्ला बाकरगंज में शुक्रवार सुबह मांझा बनाने की अवैध फैक्टरी में धमाका हो गया। इससे फैक्टरी मालिक और दो कारीगरों के चीथड़े उड़ गए। पतंगबाजी के लिए मजबूत मांझा बनाने के लिए गंधक, पोटाश, कांच और लोहे के बुरादे का मिश्रण तैयार करने के दौरान यह हादसा हुआ।
विज्ञापन
1 of 10
मांझे की अवैध फैक्टरी में हुआ था विस्फोट
- फोटो : अमर उजाला
बरेली के बाकरगंज इलाके में खूनी मांझे से कई गोदाम भरे हैं। जिम्मेदारों की लापरवाही के बीच मांझा कारोबारी गोदामों से चोरी-छिपे माल निकाल रहे हैं। कई कारोबारियों ने काइट डोर, केके, डीके, केजीएन नामों से फर्मों का पंजीकरण करा रखा है। एक फर्म का पंजीकरण कर सौ-सौ ब्रांड तैयार किए जा रहे हैं। इसको लेकर हर कोई चकित है कि मांझा बनाने में भी विस्फोटक का इस्तेमाल होता है। बांकरगंज में शुक्रवार को मांझा बनाते समय धमाका होने से फैक्टरी मालिक अतीक, कारीगर सरताज व फैजान की मौत होने के बाद मोहल्ले में कारोबारियों ने मांझा बनाना बंद कर दिया है।
कुटीर उद्योग की तरह चल रहा ये धंधा
शहर में कुटीर उद्योग की तरह चल रहे खूनी मांझे के कारोबार ग्रामोद्योग कार्यालय से भी जानकारी मांगी गई है। कुछ मांझा करोबारियों ने जीएसटी में पंजीकरण करा रखा है। इस संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी अजयपाल ने बताया कि उनके यहां मांझा संबंधी कोई फर्म पंजीकृत नहीं है। मांझा बनाने के लिए फैक्टरी आदि लगाने के लिए खादी ग्रामोद्योग की ओर से कोई सहायता भी नहीं दी जाती।
विज्ञापन
2 of 10
Manjha Factory Explosion: जांच करती फॉरेंसिक टीम
- फोटो : अमर उजाला
कहां से आता है इतना गंधक-पोटाश?
जांच के दौरान सामने आया है कि अतीक ने अपनी फर्म का जीएसटी पंजीकरण करा रखा था। वह भी 50 से ज्यादा अलग-अलग नामों से मांझा बनाकर उसकी सप्लाई जिले समेत आसपास के जिलों और राज्यों में करता था।शुक्रवार को हुए विस्फोट ने पुलिस-प्रशासन के निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि मांझा निर्माताओं के पास इतनी तादाद में गंधक-पोटाश कहां से आता है। पुलिस की जांच इस दिशा में भी चल रही है।
विज्ञापन
3 of 10
यहीं पर बन रहा था मांझा
- फोटो : अमर उजाला
अब सता रहा कार्रवाई का डर, सूने पड़े हैं अड्डे
ठेकेदार अतीक के घर में हुए धमाके में तीन लोगों की मौत ने मांझा कारीगरों को डरा दिया है। ईदगाह पर लगे मांझे के अड्डों पर आम दिनों में दिनभर काम होता है। यहां कारीगरों की चकल्लस से खासी रौनक रहती है। शनिवार को सभी अड्डे सूने पड़े थे। मैदान में कुछ लड़के क्रिकेट खेल रहे थे। इसी तरह बस्ती के घरों में भी काम बंद था। लोग मांझे के धंधे के बारे में बात करने से भी कतराते दिखे।
4 of 10
विस्फोट में हुई थी तीन लोगों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
अवैध रूप से विस्फोटक रखने और मांझा बनाने के आरोप में तीनों मृतकों पर रिपोर्ट
बरेली के बाकरगंज में मांझा बनाने की अवैध फैक्टरी में हुए धमाके में तीन लोगों की मौत के बाद पुलिस-प्रशासन की नींद टूटी है। शनिवार को किला थाना प्रभारी राजेश कुमार ने अवैध रूप से विस्फोटक रखने और मांझा बनाने के आरोप में तीनों मृतकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। डीएम भी इस मामले की जांच करवा रहे हैं।
विज्ञापन
5 of 10
मौके पर जांच करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
किला थाना प्रभारी ने बताया कि सात फरवरी को सुबह करीब 10 बजे उन्हें बाकरगंज मोहल्ले की ओर तेज धमाका होने की सूचना मिली। टीम के साथ वह मौके पर पहुंचे तो पता चला कि मांझा ठेकेदार अतीक रजा खान के घर में विस्फोट हुआ है। अंदर जाकर देखा तो चहारदीवारी से घिरे दो मंजिला मकान के आंगन में तीन व्यक्ति झुलसे व रक्तरंजित हालत में पड़े थे। इनमें से अतीक और फैजान की मौके पर मौत हो गई थी। घायल सरताज को जिला चिकित्सालय भेजा गया। वहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। रिपोर्ट में आरोपी के तौर पर इन्हीं तीन मृतकों के नाम लिखे गए हैं।
विज्ञापन
6 of 10
Manjha Factory Explosion
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने माना अवैध भंडारण और निर्माण
इंस्पेक्टर की ओर से कराई रिपोर्ट में मौके से फील्ड यूनिट के सहयोग से जुटाए गए साक्ष्यों का जिक्र है। बताया गया है कि अतीक रजा खान के मकान में बिना लाइसेंस के विस्फोटक का भंडारण किया गया था। उसका प्रयोग मांझा निर्माण में कर रहे थे। विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1884, 1908 व 3/4/5 के अलावा भारतीय न्याय संहिता की धाराएं भी लगाई गई हैं।
विज्ञापन
7 of 10
Manjha Factory Explosion
- फोटो : अमर उजाला
जागरूकता अभियान चलाएगी पुलिस
सीओ द्वितीय संदीप सिंह ने बताया कि किला थाना क्षेत्र में मांझा निर्माण में गंधक और पोटाश का प्रयोग रोकने के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं। वहां के लोगों को जागरूक करेंगे। साथ ही जांच करके क्षेत्र में मांझा निर्माण में गंधक और पोटाश का प्रयोग रोकेंगे। अगर मांझा निर्माण में गंधक और पोटाश का इस्तेमाल हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
8 of 10
Manjha Factory Explosion: शव लेकर जाते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
मांझे की अवैध फैक्टरी में धमाका, मालिक और दो कारीगरों के चीथड़े उड़े
बरेली के किला थाना क्षेत्र के मोहल्ला बाकरगंज में शुक्रवार सुबह मांझा बनाने की अवैध फैक्टरी में धमाका हो गया। इससे फैक्टरी मालिक और दो कारीगरों के चीथड़े उड़ गए। पतंगबाजी के लिए मजबूत मांझा बनाने के लिए गंधक, पोटाश, कांच और लोहे के बुरादे का मिश्रण तैयार करने के दौरान यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, धमाके की गूंज तीन किलोमीटर दूर तक सुनी गई। फॉरेंसिक टीम ने मौके से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद धमाके का राज सामने आएगा। बाकरगंज निवासी अतीक रजा खां (51) मांझा बनाने की अवैध फैक्टरी चलाते थे।
9 of 10
मृतक अतीक का फाइल फोटो, मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मोहल्ले के ही फैजान (26) और सरताज (24) उनकी फैक्टरी में कारीगर थे। अतीक ने अपने घर से सटे स्थित भूखंड पर मांझा बनाने का अड्डा बना रखा था। शुक्रवार सुबह 10 बजे अतीक, फैजान और सरताज मांझा बनाने के लिए मसाला तैयार कर रहे थे। इसके लिए गंधक, पोटाश के साथ कांच और लोहे के बारीक बुरादे को मिलाकर लुगदी तैयार की जानी थी। बताते हैं कि इन घातक पदार्थों का मिश्रण तैयार करने के दौरान ही धमाका हो गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में लुगदी बना रहे अतीक और फैजान के चीथड़े उड़ गए। नजदीक मौजूद सरताज भी गंभीर घायल हो गया। बाद में इलाज के दौरान जिला अस्पताल में उसने भी दम तोड़ दिया। धमाके के बाद इलाके में दहशत फैल गई। मौके पर भीड़ लग गई। धमाके की सूचना पर कई थानों की पुलिस, फायर ब्रिगेड और फील्ड यूनिट मौके पर पहुंच गईं। डीएम रविंद्र कुमार और एसएसपी अनुराग आर्य ने भी मौके का जायजा लिया। अतीक और फैजान के शव पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजने के बाद आसपास के इलाके को खंगाला गया।