आयुष परिवार ही नहीं, बल्कि घर के आसपास में सभी सभी का दुलारा था। वह हमेशा खुद हंसता रहता था तो सभी को हंसाता था। लेकिन माता-पिता को नहीं पता था कि उनको हंसाने वाला बेटा उनको रोता हुआ छोड़कर चला जाएगा। बेटे की मौत के गम में मां का बुरा हाल है। वहीं मासूम की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है और लोगों की आंखों में आंसू छलक उठे।
चमरावल के रहने वाले आयुष के पिता अरुण त्यागी खेती के साथ ही दुकान भी करते है। उनकी पत्नी रश्मि ग्रहणी है और उनकी आठ वर्षीय बेटी किट्टू उर्फ शिवन्या है, जबकि छह वर्षीय आयुष था और दो वर्षीय छोटा बेटा वीर है।