बागपत में घोटाला।
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वहीं जांच में अभी तक 30 प्रतिशत मकान ऐसे मिले हैं, जो कागजों में मुगलपुरा मोहल्ला, ठाकुरद्वारा मोहल्ला, देशराज मोहल्ला में दिखाए गए हैं। मगर, इनका निर्माण यमुना खादर, पाली गांव के जंगल, नौरोजपुर गांव के जंगल में कराया गया हैं। इन मकानों से प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र होने की लगी प्लेट भी हटा दी गई थी, जो जांच शुरू होने पर दोबारा लगाई गई है।