कुख्यात और दिल्ली-यूपी में सक्रिय गैंगेस्टर अंकित गुर्जर उर्फ बाबा ने 2012 में जरायम की दुनिया में कदम रखा था। सबसे पहले गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके खिलाफ बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, दिल्ली के विभिन्न थानों में 16 मुकदमें दर्ज हैं। इनमें हत्या के छह केस शामिल हैं। वहीं खैला गांव के पूर्व प्रधान राजे के पुत्र विनोद की 18 जुलाई 2019 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उधर, चांदीनगर थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह का कहना है कि कुख्यात अंकित की दिल्ली तिहाड़ जेल में मौत होने की जानकारी मिली है। उसके परिजन दिल्ली चले गए हैं।
जेल कर्मियों से हुई थी मारपीट
जेल अधिकारियों का दावा है कि अंकित की मौत कैदियों की आपसी मारपीट में हुई, जबकि जेल के सूत्र बता रहे हैं कि सेल में तलाशी अभियान के दौरान मोबाइल मिलने के बाद हुए विवाद में अंकित ने एक जेल कर्मी की पिटाई कर दी थी। इसके बाद हुई मारपीट में उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप भी यही है।