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शहर से गांव तक विरोधः भाजपा नेताओं की बढ़ी मुश्किल, केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान को काले झंडे दिखाने पहुंचे किसान हिरासत में

Sat, 13 Mar 2021 07:47 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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पुलिस से किसानों की नोकझोंक - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश में कृषि कानूनों का विरोध भाजपा नेताओं के लिए एक बड़ी मुश्किल बनता जा रहा है। पश्चिमी यूपी में शहर से लेकर गांव तक बीजेपी नेताआों का विरोध हो रहा है। ताजा मामला आज बागपत जिले में देखने का मिला। यहां किसानों ने केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान को काले झंडे दिखाने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया। इस दौरान पुलिस ने करीब आधा दर्जन किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया।
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मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान शनिवार दोपहर को रमाला गांव में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, इसी दौरान किसान हाथों में काले झंडे लेकर सड़क पर जमा हो गए। वहीं संजीव बालियान को काले झंडे दिखाने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसान नेताओं को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन, किसान नेता नहीं और उनकी पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने आधा दर्जन को हिरासत में लिया। - फोटो : अमर उजाला
वहीं पुलिस ने किसानों को रोक लिया और कई किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया। उधर, कार्यक्रम में पहुंचे डॉ. संजीव बालियान ने ग्रामीणों को कृषि कानून की विशेषताएं और सरकार की उपलब्धियां बताईं।

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मौके पर पहुंची पुलिसफोर्स - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक, रमाला गांव में शनिवार को आयोजित भाजपा के किसान चौपाल कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने जा रहे थे। वहीं संजीव बालियान के गांव में पहुंचने की सूचना पर क्षेत्र के कुछ किसान नेताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाने की योजना बनाई थी।
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किसानों को समझाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विरोध करने पर पुलिस ने आधा दर्जन किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस उन्हें थाने ले गई। कार्यक्रम स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं रमाला बस स्टैंड पर भी पुलिस बल तैनात किया गया है। 
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किसानों को समझाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बताया गया कि किसान आंदोलन को लेकर क्षेत्र के किसान नेताओं और खाप चौधरियों में काफी रोष है। किसान नेताओं का कहना है कि यदि भाजपा नेताओं को गांव में आना है तो उन्हें पद से इस्तीफा देकर आना होगा।
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किसानों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा था कि जो इनको काला कानून कहते हैं वह बताएं कि इसमें काला क्या है? सरकार किसानों की बात मानकर संशोधन करने के लिए तैयार है। जो अफवाह फैला रहे हैं कि किसान की जमीन छिन जाएगी, मैं खुले मंच से कहता हूं पूरे देश में इन कानूनों से एक किसान की भी जमीन गई तो त्यागपत्र देने वाले वह पहले मंत्री और सांसद होंगे।

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