ईंट-पत्थर चलाने के साथ ही ग्रामीणों ने पुलिस वालों को लाठी-डंडा लेकर दौड़ा लिया। भाग कर पुलिसकर्मियों ने अपनी जान बचाई। चौकी प्रभारी इमिलिया की बाइक को ग्रामीणों ने आग के हवाले कर दिया तो वहीं कोतवाल के वाहन का शीशा भी तोड़ डाला। सूचना पर कई थानों की फोर्स के साथ ही पीएसी भी मौके पर पहुंची। एसपी सुधीर कुमार सिंह, सीओ राजेश तिवारी, एसडीएम गौरव कुमार ने भी मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाला।
स्कूल प्रबंधक पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का आरोप था कि धर्मपाल की स्कूल प्रबंधक ने ही साजिश के तहत हत्या कराई है। चार अप्रैल को उन्होंने धर्मपाल को घर से बुलाया था और इसके बाद से ही वह लापता था। परिजन प्रबंधक से पूछते तो आज आ जाएगा, कल आ जाएगा की बात कह कर उन्हें बरगला रहे थे। वहीं आठ अप्रैल को जब भोपाल में लाश मिलने की सूचना मिली तो परिजनों के होश ही उड़ गए। घटना के पीछे का कारण अवैध संबंध का भी बताया जा रहा है।
दो भाईयों में छोटा था मृतक
मृतक धर्मपाल दो भाईयों में छोटा था और उसकी चार बहन बताई गई है। जब से परिजनों को उसके मौत की सूचना मिली है तब से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजन स्कूल प्रबंधक पर साजिश कर हत्या का आरोप लगा रहे हैं लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते रविवार को शव आने की सूचना पर वे ग्रामीणों के साथ अजमतगढ़-घोसी मार्ग पर चक्काजाम कर धरने पर बैठ गए।