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आजमगढ़: गांव में लाश नहीं पहुंचने दी तो पुलिस पर पथराव, लाठी भांजने के बाद अफरा-तफरी

Sun, 11 Apr 2021 05:47 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
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गांव में मची अफरा-तफरी। - फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ जिले के जीयनपुर कातवाली क्षेत्र के छपरा सुल्तानपुर गांव निवासी एक युवक की भोपाल में लाश मिली। रविवार को लाश गांव पहुंचने वाली थी। इसके पहले ही परिजन और ग्रामीणों ने एक व्यक्ति पर साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाते हुए चक्काजाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने माहौल देख शव वहां पर पहुंचने नहीं दिया। जिस पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। इस पर पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। जिस पर ग्रामीणों ने भी पुलिस पर पथराव कर दिया और लाठी-डंडा लेकर पुलिस को दौड़ा लिया।

पुलिसकर्मियों ने भाग कर किसी तरह जान बचाई। इस दौरान ग्रामीणों ने एक चौकी प्रभारी की बाइक को जहां आग के हवाले कर दिया तो वहीं कोतवाल की गाड़ी का शीशा भी टूट गया। उपद्रव की जानकारी पर कई थानों की फोर्स व पीएसी के साथ ही एसपी, सीओ समेत आलाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।

छपरा सुल्तानपुर निवासी धर्मपाल(21) पुत्र शंकर गांव में प्राइवेट स्कूल में बतौर क्लर्क और शिक्षक का कार्य करता था। बीते चार अप्रैल को प्रबंधक ने उसे घर से बुलाया। इसके बाद से वह लापता हो गया। आठ अप्रैल को मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के एसओ नगर अनंत सिंह परिहार ने फोन कर सूचना दी कि धर्मपाल का शव भोपाल के एक मकान के कमरे में मिला है।
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इस सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। पिता स्कूल प्रबंधक को लेकर भोपाल पहुंचे और रविवार को शव लेकर वापस लौट रहे थे। इसके पूर्व ही ग्रामीण और परिजनों ने अजमतगढ़-घोसी मार्ग पर छपरा सुल्तानपुर गांव के पास चक्काजाम कर दिया। ग्रामीण लाठी-डंडा लिए हुए थे। सूचना पर जीयनपुर कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। ग्रामीण स्कूल प्रबंधक पर ही साजिश के तहत हत्या कराने का आरोप लगा रहे थे।

ग्रामीणों के उग्र तेवर को देखते हुए जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने मृतक का शव गांव नहीं पहुंचने दिया और रास्ते से ही उसे जीयनपुर कोतवाली भेज दिया। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो वे आक्रोशित हो उठे। जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई ने आग में घी का काम किया और ग्रामीण भी पुलिस से भिड़ गए।
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ईंट-पत्थर चलाने के साथ ही ग्रामीणों ने पुलिस वालों को लाठी-डंडा लेकर दौड़ा लिया। भाग कर पुलिसकर्मियों ने अपनी जान बचाई। चौकी प्रभारी इमिलिया की बाइक को ग्रामीणों ने आग के हवाले कर दिया तो वहीं कोतवाल के वाहन का शीशा भी तोड़ डाला। सूचना पर कई थानों की फोर्स के साथ ही पीएसी भी मौके पर पहुंची। एसपी सुधीर कुमार सिंह, सीओ राजेश तिवारी, एसडीएम गौरव कुमार ने भी मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाला।

स्कूल प्रबंधक पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का आरोप था कि धर्मपाल की स्कूल प्रबंधक ने ही साजिश के तहत हत्या कराई है। चार अप्रैल को उन्होंने धर्मपाल को घर से बुलाया था और इसके बाद से ही वह लापता था। परिजन प्रबंधक से पूछते तो आज आ जाएगा, कल आ जाएगा की बात कह कर उन्हें बरगला रहे थे। वहीं आठ अप्रैल को जब भोपाल में लाश मिलने की सूचना मिली तो परिजनों के होश ही उड़ गए। घटना के पीछे का कारण अवैध संबंध का भी बताया जा रहा है।

दो भाईयों में छोटा था मृतक
मृतक धर्मपाल दो भाईयों में छोटा था और उसकी चार बहन बताई गई है। जब से परिजनों को उसके मौत की सूचना मिली है तब से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजन स्कूल प्रबंधक पर साजिश कर हत्या का आरोप लगा रहे हैं लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते रविवार को शव आने की सूचना पर वे ग्रामीणों के साथ अजमतगढ़-घोसी मार्ग पर चक्काजाम कर धरने पर बैठ गए।
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