जन्म-जन्म का साथ है हमारा तुम्हारा...इस गीत के अल्फाज बरखेड़ा सादात के रहने वाले रामगोपाल उर्फ गोकुल यादव और उनकी पत्नी वीरवती के जीवन पर सटीक बैठते हैं। जी हां, बीमार पत्नी की मौत के बारह घंटे बाद ही रामगोपाल की हार्ट अटैक से मौत हो गई। पत्नी के मौत के गम में उनका भी दम निकल गया। बुजुर्ग दंपती की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। इसके बाद परिजनों ने गमगीन माहौल में दंपती का एक साथ एक ही चिता पर गंगा घाट किनारे अंतिम संस्कार किया गया। बुजुर्ग दंपती की मौत क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। ग्रामीणों का कहना है दोनों एक साथ ही गांव से विदाई लेने की बात कहते थे, जो इश्वर को पहले से मंजूर थी।