उत्तर प्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट से सपा सांसद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम की विधायकी रद्द कर दी गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन रद्द कर दिया है। अब्दुल्ला आजम पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर चुनाव लड़ा। लंबे समय से पिता आजम खां के साथ अब्दुल्ला भी तमाम आरोपों से घिरते आ रहे हैं। यहां पढ़िए कौन हैं अब्दुल्ला आजम और कैसा रहा है उनका अबतक का राजनीतिक करियर-
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अब्दुल्ला आजम
- फोटो : अमर उजाला
रामपुर जिले के स्वार विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक अब्दुल्ला आजम, आजम खां के छोटे बेटे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरंग की पढ़ाई की है। इसके साथ ही साल 2015 में गलगोटिया विश्वविद्यालय से इसी विषय में मास्टर्स भी किया।
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अब्दुल्ला आजम
- फोटो : Social Media
साल 2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे अब्दुल्ला ने स्वार-टांडा सीट से जीत हासिल की। तब उनके मुकाबले बसपा से चुनाव लड़े नवाब काजिम अली खां ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अब्दुल्ला की आयु को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि अब्दुल्ला की उम्र 25 साल से कम है, इसलिए वह चुनाव नहीं लड़ सकते, लेकिन इस आपत्ति को खारिज कर दिया गया था।
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अब्दुल्ला आजम
- फोटो : Social Media
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद नवाब काजिम अली खां ने इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर कर दी थी। स्थानीय नेता आकाश सक्सेना ने भी अब्दुल्ला के खिलाफ चुनाव नामांकन के लिए फर्जी प्रमाणपत्र पेश करने की शिकायत की थी। रामपुर जिला मजिस्ट्रेट की जांच में अब्दुल्ला को दोषी पाया गया, जिसके बाद चुनाव आयोग को पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपी गई।
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अब्दुल्ला आजम
- फोटो : Social Media
जनवरी 2019 में आकाश सक्सेना ने जन्म प्रमाण पत्र मामले में एक स्थानीय पुलिस स्टेशन में जालसाजी करने को लेकर अब्दुल्ला के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। मार्च 2019 में हाइकोर्ट ने पुलिस की जांच पूरी होने तक अब्दुल्ला, पिता आजम खां और मां तजीन फातमा की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के आदेश दिए।
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अब्दुल्ला आजम
- फोटो : Social Media
इससे पहले कि यह मामला शांत हो पाता, सितंबर 2019 में मोहम्मद जौहर अली विश्वविद्यालय ने तूल पकड़ लिया। जौहर विश्वविद्यालय बनाने के लिए किसानों की जमीन हड़पने को लेकर अब्दुल्ला और मां तजीन फातमा के खिलाफ नोटिस जारी किया गया।
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अब्दुल्ला आजम
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इसके साथ ही अब्दुल्ला पर एक के बाद एक आरोपों की बौछार हो गई। धारा 447 और 184 के तहत हमसफर रिसॉर्ट के निर्माण के लिए कथित रूप से सरकारी जमीन को हड़पने के आरोप में अब्दुल्ला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। अभी यह सब चल ही रहा था कि आज हाई कोर्ट ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर चुनाव लड़ने के कारण उनका निर्वाचन रद्द कर दिया।
24 अप्रैल 2017 को हाईकोर्ट में दायर चुनाव याचिका संख्या 8 में नवाब काजिम अली खां ने अब्दुल्ला आजम की सीबीएसई बोर्ड की हाईस्कूल की मार्कशीट पेश की थी, जिसमें अब्दुल्ला की जन्म तिथि 01.01.1993 है। इसके हिसाब में वह चुनाव नहीं लड़ सकते थे। याचिका में अब्दुल्ला की जन्म तिथि 30.09.1990 बताने वाले लखनऊ नगर निगम के प्रमाण पत्र को झूठा बताते हुए स्वार का चुनाव रिक्त घोषित करने और गलत जन्म तिथि से चुनाव लड़ने पर कार्रवाई की मांग की गई थी।