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prayagraj violence : उपद्रवियों ने जहां से जमा किए पत्थर, वहां बंद कराया काम

Sat, 18 Jun 2022 12:48 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

गोल पार्क से शौकत अली रोड पर बढ़ने पर दाहिनी तरफ ही एक कॉम्पलेक्स का निर्माण हो रहा है। इसके चलते वहां बड़ी मात्रा में ईंट व पत्थर के टुकड़े भी जमा थे। 10 जून को हुए बवाल के बाद जब जांच पड़ताल की गई तो यह भी माना गया कि उपद्रवियों ने इस जगह से भी बड़ी मात्रा में ईंट पत्थर एकत्र किए।
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Prayagraj News : हिंसा के दौरान इसी निर्माणाधीन भवन में जमा किए गए थे ईंट पत्थर। - फोटो : अमर उजाला।
अटाला में 10 जून को हुए बवाल को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शुक्रवार को फूंक-फूूंककर कदम रखे। इसी के चलते उस निर्माण को भी बंद करा दिया गया था, जहां से पिछले जुमे पर हुए बवाल के दौरान उपद्रवियों ने ईंट-पत्थर जमा किए। इस निर्माणाधीन भवन के मालिक को न सिर्फ नोटिस जारी किया गया बल्कि काम भी बंद करा दिया गया। निर्माणस्थल पर चस्पा इसी कार्रवाई से संबंधित नोटिस चर्चा का विषय बना रहा।


गोल पार्क से शौकत अली रोड पर बढ़ने पर दाहिनी तरफ ही एक कॉम्पलेक्स का निर्माण हो रहा है। इसके चलते वहां बड़ी मात्रा में ईंट व पत्थर के टुकड़े भी जमा थे। 10 जून को हुए बवाल के बाद जब जांच पड़ताल की गई तो यह भी माना गया कि उपद्रवियों ने इस जगह से भी बड़ी मात्रा में ईंट पत्थर एकत्र किए। इसे ही देखते हुए प्रशासन ने एक्शन लिया। प्रयागराज विकास प्राधिकरण की ओर से बवाल के तीन दिन बाद ही निर्माणाधीन भवन के मालिक को नोटिस भेजकर काम बंद करा दिया गया।


निर्माणस्थल पर चस्पा यह नोटिस शुक्रवार को चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि पीडीए की ओर से जारी नोटिस में आरोप है कि स्वीकृत मानचित्र से अधिक क्षेत्र में बेसमेंट का निर्माण किया जा रहा है। जोनल अधिकारी अजय कुमार की ओर से जारी नोटिस में तत्काल काम बंद करने और 27 जून को स्वयं या अपनी ओर से प्राधिकृत किसी व्यक्ति को उपस्थित होकर यह बताने का निर्देश दिया है कि आदेश का अनुपालन कर लिया गया है। 
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Prayagraj News : अटाला इलाके में तैनात फोर्स तैनात। - फोटो : अमर उजाला।
अटाला में अभी एक हफ्ते तक नहीं हटेगी फोर्स

दूसरा जुमा भले ही शांतिपूर्वक बीत गया हो लेकिन अटाला में अभी फोर्स की मौजूदगी जारी रहेगी। फिलहाल जो योजना है उसके मुताबिक एक हफ्ते और सुरक्षा प्रबंध जस के तस रहेंगे। अफसरों का कहना है कि इसकेबाद स्थिति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। 


10 जून को हुए बवाल के बाद से ही अटाला में फोर्स की तैनाती है। तीन शिफ्टों में यहां पुलिस व पीएसी के जवानों की ड्यूटी लगाई जा रही है। संवेदनशीलता को देखते हुए जुमे की नमाज के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध भी किए गए। पुलिस व पीएसी के अलावा आरएएफ की कई कंपनियां भी तैनात की गईं। इन्हें मल्टीसेल लांचर समेत अन्य अत्याधुनिक उपकरण भी दिए गए। पूरे इलाके में करीब 300 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए। यह कैमरे क्षेत्र में लगे सर्विलांस कैमरों के अतिरिक्त रहे।


जुमे की नमाज सकुशल संपन्न होने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। ऐसे में माना जा रहा था कि सुरक्षा व्यवस्था में अब कुछ ढील दी जाएगी। लेकिन अफसरों का कहना है कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। कम से एक हफ्तों तक सुरक्षा प्रबंध जस के तस रखने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा स्थिति के अनुसार आगे निर्णय लिए जाएंगे।


दुकानें खोेलें दुकानदार, डरने की जरूरत नहीं
एसएसपी अजय कुमार का कहना है कि फिलहाल सुरक्षा प्रबंध कमोबेश पूर्व की तरह ही रहेंगे। लेकिन अटाला क्षेत्र के दुकानदार अपनी दुकानें खोल सकते हैं। उप्रदव में उनका कोई रोल नहीं है तो वह पूरी तरह से निश्चिंत रहें। उन्हें कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही अगर कोई जबरन दुकान बंद कराता है या इसके लिए दबाव डालता है तो उनकी पूरी सुरक्षा की जाएगी। 
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Prayagraj News : उपद्रवियों के द्वारा क्षतिग्रस्त किए गए वाहन। - फोटो : अमर उजाला।
क्षतिग्रस्त गाड़ियां बयां करती रहीं उपद्रव की दास्तां

अटाला इलाके का हाल इस शुक्रवार को पिछले जुमे से बिल्कुल जुदा रहा। जहां पिछली बार तीन घंटों तक बवाल होता रहा था, वहीं इस बार सूनी सड़कें व गलियां ही नजर आ रही थीं। लेकिन इसी बीच वह गाड़ियां उपद्रव की दास्तां बयां करती रहीं, जो पिछले जुमे पर हुए बवाल की भेंट चढ़ गई थीं। अटाला की मुख्य सड़क व गलियों में खड़ी क्षतिग्रस्त गाड़ियों को देखकर रह-रहकर पिछले जुमे पर हुए बवाल की भयावह यादें ताजा होती रहीं।


पिछले जुमे पर अटाला में हुए बवाल के दौरान दर्जनों वाहनों को भी निशाना बनाया गया था। उपद्रवियों ने वाहनों पर भी जमकर पत्थर बरसाए थे। यही नहीं, लाठी-डंडों से भी तोड़फोड़ की थी। इनमें पुुलिसकर्मियों के साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के भी वाहन शामिल थे। बवाल की भेंट चढ़े यह वाहन शुक्रवार को भी उसी हालत में वहां खड़े मिले। किसी का शीशा चकनाचूर कर दिया गया था तो किसी के दरवाजे व लाइटें तोड़ दी गई थीं। सन्नाटे के बीच खड़े इन वाहनों को देखकर पिछले जुमे पर हुए बवाल की भयावह यादें लोगों के जेहन में कौंधती रहीं।


बवाल में जिन भी लोगों के वाहनों को नुकसान पहुंचा है, वह भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. राकेश सिंह, आईजी रेंज

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Prayagraj News : अटाला स्थित मस्जिद में शुक्रवार को लटकता रहा ताला। - फोटो : अमर उजाला।
मुतवल्ली के न होने से नहीं खुला मस्जिद का ताला
अटाला स्थित एक मस्जिद का ताला न खुलने पर शुक्रवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई। दोपहर में एक बजे के करीब अटाला चौराहे के पास स्थित हाजी अब्दुल रहमान मोमिन अंसार मस्जिद के बाहर कुछ नमाजी पहुंचे। लेकिन गेट पर ताला बंद था, ऐेसे में वह भीतर नहीं जा सके। कुछ देर बाद मस्जिद की देखरेख करने वाला एक युवक पहुंचा तो बताया कि मुतवल्ली के न होने की वजह से मस्जिद में आज नमाज नहीं होगी। इस पर लोगों ने नाराजगी जताई।


कहा कि वह लंबे समय से इसी मस्जिद में नमाज पढ़ते आए हैं। सूचना पर खुल्दाबाद पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद समझाकर लोगों को शांत कराया गया। कुछ देर बाद लोग नमाज पढ़ने के लिए पास ही स्थित एक अन्य मस्जिद में चले गए। इंस्पेक्टर अनुराग शर्मा ने बताया कि मुतवल्ली के मौजूद न होने से मस्जिद में ताला बंद था। लोगों को समझाया गया जिसके बाद वह चले गए। 
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Prayagraj Violence - फोटो : अमर उजाला
पोस्टर में नजर आए 15 आरोपी चिह्नित, तलाश शुरू

अटाला बवाल के 15 अन्य उपद्रवियों को चिह्नित कर लिया गया है। यह वह आरोपी हैं जिनकी तस्वीर पुलिस की ओर से लगाए गए पोस्टरों में है। अफसरों का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं। 


पुलिस की ओर से बवाल में शामिल 59 उपद्रवियों के पोस्टर जारी किए गए हैं। यह वह उपद्रवी हैं जिनकी तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस की ओर से पोस्टर जारी करने के साथ ही तीन फोन नंबर भी जारी किए गए थे।


बताया गया था कि पोस्टर में नजर आने वाले उपद्रवियों की सूचना इन नंबरों पर दी जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि पिछले तीन दिनों में इन नंबरों पर दो दर्जन से ज्यादा कॉल आ चुकी हैं। इनमें मिली सूचनाओं के आधार पर पोस्टर में नजर आ रहे 15 उपद्रवियों को चिह्नित किया गया है। पुलिस अफसरों ने बताया कि इनके घरों पर दबिश डलवाई जा रही है। गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस के साथ ही एसओजी की टीमें भी लगाई गई हैं। 
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