उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के यमुनापार में कोरांव थाना क्षेत्र के निश्चिंतपुर गांव में बुधवार को जमीन के विवाद में पहली बार खून की होली नहीं खेली गई थी। इससे पहले 2014 में भी इसी चार बीघा जमीन के विवाद में क्षेत्र पंचायत सदस्य रहे मुलायम यादव की हत्या भी हो चुकी है। इस मामले में मुख्य आरोपी बरमदीन व उसके तीन बेटे अभी जेल में हैं।
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triple murder in prayagraj
- फोटो : अमर उजाला
गांव के रामजन यादव और उनकी पत्नी जोखनी देवी के पास करीब 40 बीघे जमीन थी। बेटा ना होने की वजह से जोखनी देवी ने अपने नाती बरमदीन को अपने साथ रख लिया। उसे जमीन का उत्तराधिकारी बना दिया। इसी समय रामजन यादव के रिश्तेदार शिवनारायण यादव भी वहीं आकर रहने लगे।
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रामजन की मौत के बाद शिवनारायण ने भी उनकी जमीन पर दावा ठोक दिया। 36 बीघे भूमि का मामला तो बातचीत से निपट गया, लेकिन 4 बीघे का विवाद लगभग 20 साल से चला आ रहा है। दोनों ही पक्ष इस जमीन पर दावा जताते रहे हैं।
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2014 में शिवनारायण के बेटे मुलायम यादव की घर के पास ही जंगलों में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुलायम उस समय क्षेत्र पंचायत सदस्य भी थे। इस कांड में बरमदीन मुख्य आरोपी बनाया गया। उनके साथ ही बेटे लक्ष्मण कुंवर और अनिरुद्ध के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। चारों अभी तक जेल में हैं।
मुलायम की हत्या और बरमदीन व उसके तीन बेटों के जेल जाने के बाद भी दुश्मनी ठंडी नहीं हुई, बल्कि और बढ़ गई। अक्सर विवाद होता रहा और मामला पुलिस तक भी जाता रहा। बुधवार को बरमदीन के बेटे इंद्र बहादुर राम सिंह और रविंद्र जब उसी विवादित जमीन को ट्रैक्टर से जोतने के लिए पहुंचे तो उनकी आरोपियों ने हत्या कर दी।