फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रयागराज संगम : मखमली रेती पर सजी तंबुओं की नगरी, मकर संक्रांति पर पुण्य की डुबकी से आज होगा माघ मेले का आगाज

Fri, 14 Jan 2022 12:24 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मन, वचन और कर्म तीनों प्रकार से जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्त होने के लिए महीने भर ध्यान और स्नान का मेला मिलन की भूमि संगम पर आकार ले चुका है। अब हर किसी को इंतजार है सूर्य के उत्तरायण होने का।
विज्ञापन
1 of 7
Prayagraj News : माघ मेले में स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु। - फोटो : प्रयागराज
माघ मकरगत रबि जब होई/तीरथपतिहिं आव सब कोई...। तुलसी की यह चौपाई में संगम की रेती पर लगने वाले माघ मेले की महिमा बताने के लिए काफी है। यानी माघ महीने में सूर्य जिस तिथि को मकर राशि में पहुंचते हैं, उस दिन तीर्थराज प्रयाग में संगम पर डुबकी लगाने के लिए आने से कोई भी नहीं बच पाता। सुरसरि की सुरम्य गोद में अक्षय वट से लेकर त्रिवेणी, काली और गंगोली शिवाला मार्ग तक संतों, भक्तों, कल्पवासियों के शिविर तन गए हैं।

इसी के साथ सूर्य के उत्तरायण होने से पहले मकर संक्रांति के प्रथम स्नान पर्व पर पुण्य की डुबकी लगाने के लिए बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। शुक्रवार को प्रथम पुण्य की डुबकी के साथ ही संगम पर मास पर्यंत चलने वाले जप-तप, ध्यान के मेले का आरंभ हो जाएगा। 15 जनवरी को भी मकर संक्रांति होने से इस बार डुबकी दो दिन लगेगी।

मन, वचन और कर्म तीनों प्रकार से जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्त होने के लिए महीने भर ध्यान और स्नान का मेला मिलन की भूमि संगम पर आकार ले चुका है। अब हर किसी को इंतजार है सूर्य के उत्तरायण होने का। गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती के तट पर भगवान सूर्य के उत्तरायण होते ही प्रथम स्नान पर्व की डुबकी आरंभ हो जाएगी। हालांकि मकर संक्रांति के स्नान के लिए देश के कोने-कोने से संतों-भक्तों से पहुंचने का सिलसिला कड़ाके की ठंड के बीच शुरू हो चुका है।
विज्ञापन

2 of 7
Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : प्रयागराज
देर रात तक उतरते रहे कल्पवासियों के सामान
बृहस्पतिवार को दिन भर पांटून पुलों से कल्पवासियों के वाहन फूस, अलाव की लकड़ी और गृहस्थी के सामानों के साथ उतरते रहे। देर रात कर संतों, तीर्थपुरोहितों के शिविरों में हजारों कल्पवासियों ने डेरा डाल दिया।  मकर संक्रांति पर मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के साथ ही मेला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।

संगम से लेकर ओल्डजीटी के बीच गंगा के दोनों तटों पर 12 स्नान घाटों पर मकर संक्रांति पर्व पर स्नान होगा। वाहनों के लिए आठ पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, ताकि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही में किसी तरह का असर न पड़ सके। पांच सेक्टर में बसे इस मेले में 32 सौ आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व की संस्थाओं के शिविर लगाए गए हैं।
विज्ञापन

3 of 7
Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : प्रयागराज
मेलाधिकारी ने बिजली-पानी के इंतजामों को परखा
 प्रयागराज। प्रयागराज मेला प्राधिकरण के मेलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने बृहस्पतिवार की शाम मेला क्षेत्र में मकर संक्रांति स्नान पर्व की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बिजली, पानी के अलावा सड़क और संचार के इंतजामों को परखा और संतों-भक्तों को किसी भी तरह की असुविधा न होने देने के लिए निर्देश दिए।

मेलाधिकारी ने संतों, भक्तों और प्रयागवाल तीर्थपुरोहितों से अपील की है कि वह उन्हीं कल्पवासियों को शिविरों में बसाएं, जिनकी 72 घंटे के भीतर आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव आई हो। साथ ही कोविड वैक्सीन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट लेकर आना अनिवार्य होगा। मेला एसपी डॉ. राजीव नारायण मिश्र ने सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। 

4 of 7
Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : प्रयागराज
16 प्रवेश द्वारों पर थर्मल स्क्रीनिंग, 12 सर्विलांस टीमें तैनात
मेला प्रशासन ने कोविड प्रोटोकॉल के बीच स्नान की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। मेले के सभी 16 प्रवेश द्वारों और पार्किंग स्थलों पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा प्रत्येक सेक्टर में 12 सर्विलांस टीमें तैनात की गई हैं, जो मेले में आने वाले श्रद्धालुओं कल्पवासियों की आरटीपीसीआर जांच करेंगी।   इसके अलावा कोविड-19 के टीकाकरण और सैंपलिंग के लिए भी छह-छह केंद्र बनाए गए हैं।
विज्ञापन

5 of 7
Prayagraj News : माघ मेले में महिलाओं के लिए बनाए गए चेंजिंग रूम। - फोटो : प्रयागराज
घाट बने, चेंजिंग रूम भी तैयार
प्रयागराज। माघ मेले में संतों-भक्तों की सुगम डुबकी के लिए स्नान घाटों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इन घाटों पर संत, भक्त और कल्पवासी पुण्य की डुबकी लगाएंगे। इसके अलावा महिला श्रद्धालुओं के कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम भी बनाए गए हैं। भक्तों की मदद के लिए भी घाटों पर टीमें तैनात रहेंगी।

-12 स्नान घाटों पर मकर संक्रांति पर लगेगी पुण्य की डुबकी
-1390 सामुदायिक शौचालय माघ मेले में स्वच्छता और सफाई के लिए लगाए गए
-12 स्वास्थ्य शिविर और 10 प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए गए
-05 सेक्टरों में बसाया गया संगम की रेती पर आस्था का माघ मेला
-08 पार्किंग स्थल वाहनों के लिए बनाए गए
-11,500 स्टैंड पोस्ट पेयजल के लिए मेला क्षेत्र में स्थापित
विज्ञापन

6 of 7
Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : प्रयागराज
आज रात सूर्य होंगे उत्तरायण, मकर संक्रांति का पुण्यकाल कल
इस बार मकर संक्रांति शुक्रवार की रात 8:49 बजे लगेगी। इसी के साथ सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे, लेकिन उदया तिथि की मान्यता की वजह से मकर संक्रांति का पुण्यकाल शनिवार को माना जाएगा। ऐसे में मकर संक्रांति का स्नान 15 जनवरी को होगा। 

मकर संक्रांति पर इस बार खास संयोग भी बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पं. बृजेंद्र मिश्र के मुताबिक उदया तिथि में 15 जनवरी को मकर संक्रांति की मान्यता होगी। शनिवार को सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक मकर संक्रांति के स्नान पर्व का पुण्यकाल रहेगा। इस दिन शनि प्रदोष का संयोग मकर संक्रांति पर सोने पर सुहागा के रूप में देखा जा रहा है। शनि प्रदोष में तिल का दान और हवन करने से पुण्य की प्राप्ति का योग है। इस तिथि पर मृगशिरा नक्षत्र में चंद्रमा उच्च की कक्षा में विराजमान रहेंगे। इसी दौरान सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : प्रयागराज
गंगा में कटान से गंगद्वीप जलमग्न, शिविरों को ऊपर ले आने की तैयारी

गंगा में कटान और जल प्रवाह में तेजी की वजह से गंग द्वीप क्षेत्र जलमग्न होता जा रहा है। इससे गंग द्वीप की कई संस्थाओं को कछार से हटाकर ऊपरी सतह वाले इलाकों में बसाने की तैयारी है। काली और त्रिवेणी मार्ग के किनारे बने दर्जनों शिविर पानी से घिर गए हैं। कई शिविरों में पानी भर गया है। कहा जा रहा है कि यही हालात रहे तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

गंगा में कटान का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को घाटों पर कटान का दायरा बढ़ता रहा। उधर, सिंचाई विभाग के अभियंताओं की टीम काली और त्रिवेणी पांटून पुल के उस पार बसे कल्पवासियों और अन्य संस्थाओं के शिविरों को बचाने के लिए दिन भर मशक्कत करती रहीं। कटान रोकने के लिए लगातार बाड़ लगाई जा रही है। जेसीबी मशीने लगाकर तटबंध को ऊंचा करने के साथ ही बालू की बोरियां पाटी जा रही हैं।

बावजूद इसके प्रवाह शिविरों की ओर बढ़ रहा है। त्रिवेणी पांटून पुल के पार दर्जन भर से अधिक शिविर पानी से घिर गए हैं। इससे पहले सेक्टर एक और दो से कटान की वजह से विस्थापित हुई संस्थाओं को दारागंज के सामने गंग द्वीप में बसाया गया था। वहां 40 से अधिक संस्थाओं को भूमि और सुविधाएं आवंटित की गई हैं, लेकिन वहां पानी आने से अब स्थिति चिंताजनक हो गई है।

गंग द्वीप में पानी सूखने के बाद वहां संस्थाएं बसाई गई थीं, लेकिन अब उन संस्थाओं को वहां से हटाकर ऊपर ले आने की तैयारी की जा रही है। ताकि मेले में बसने वाली संस्थाओं में श्रद्धालुओं के जप, तप और ध्यान पर किसी तरह का असर न पड़ने पाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें