बृहस्पतिवार को दिन में हुई झमाझम बारिश से शाहगंज थाने के पार हुआ जलभराव।
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नाला सफाई के दावे फुस्स, सिल्ट-गंदगी बनी मुसीबत
शहर में नाला सफाई का काम कागज पर पूरा हो चुका है। सच्चाई इससे कुछ अलग है। बड़े नाले अभी भी गंदगी से पटे पड़े हैं। कमला नेहरू रोड, रसूलाबाद, खुल्दाबाद, रसूलपुर, कल्याणी देवी सहित कई मोहल्लों में हल्की बारिश में ही नाले उफान मार रहे हैं। जगह-जगह पानी के बहाव में रुकावट बनी है। निरीक्षण के दौरान महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने भी नाला सफाई का सच अपनी आंखों से देखा। निर्देश दिए कि नाला सफाई का काम प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए, लेकिन अफसर हैं कि लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं।
नाले ही नहीं पुरानी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में गंदगी से पटी नालियां परेशानी का कारण बनी हैं। चीफ इंजीनियर नगर निगम सतीश कुमार के मुताबिक नाला सफाई का काम पूरा कर चुके हैं। अब निगरानी और पर्यवेक्षण का काम किया जा रहा है। जहां सिल्ट या गंदगी मिली, वहां सफाई कराकर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नाला सफाई का काम बारिश के पहले या दौरान नहीं बल्कि निश्चित अंतराल में पूरे साल भर तक कराया जाएगा।
जलभराव पर कांग्रेसियों ने जताया रोष
प्रयागराज। शहर के विभिन्न मोहल्लों में जलभराव, घरों में बारिश का पानी घुसने से नाराज कांग्रेसियों ने प्रशासन और नगर निगम पर लापरवाही पर आरोप लगाया है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पुराने शहर के रोशनबाग, नखासकोहना, रानीमंडी, खुल्दाबाद, अटाला, लूकरगंज, अकबरपुर, गौस नगर सहित अन्य मोहल्लों में स्थिति नारकीय है। नाले चोक होने से लोगों के घरों में पानी घुस रहा है। नगर निगम प्रशासन हाथ पर हाथ धरे सिर्फ झूठ बोल रहा कि नाला सफाई की जा चुकी है। हल्की बारिश में ही जलजमाव होना लापरवाही का प्रमाण है। जोनल कार्यालय में हुई बैठक में कांग्रेस पार्षद दल के नेता मुकुंद तिवारी ने कहा कि जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। नाला सफाई कार्य की जांच जरूरी है।
बैठक में समस्याओं को दूर करने की मांग करने वालों में हसीब अहमद, दीपचंद्र शर्मा, मो. हसीन, विवेक पांडेय, नफीस कुरैशी, रंगराज मिश्रा, दरख्शा कुरैशी, सिराज अहमद आदि मौजूद रहे। वहीं पार्षद संघर्ष समिति एवं नागरिक संघर्ष मोर्चा के संयोजक शिव सेवक सिंह ने कहा कि नाला सफाई के काम पर पांच करोड़ खर्च करने की बात कही जा रही है। जिस तरह का काम हुआ है, उससे साफ है कि लाखों ने नहीं कई करोड़ के वारे न्यारे किए गए हैं। इसका खामियाजा शहरी भुगत रहे हैं। पार्षद कक्ष में हुई बैठक में पार्षद कमलेश सिंह, अशोक सिंह, आनंद घिल्डियाल, रंजन कुमार, चंद्र प्रकाश गंगा, चंद्र शेखर बच्चा आदि ने लचर जनसुविधाओं पर नाराजगी जताई।
सिविल लाइंस में सड़कों पर जल भराव होना भ्रष्टाचार का नमूना
प्रयागराज। सिविल लाइंस में प्रमुख सडक़ों पर जलभराव पर सपा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। महानगर प्रवक्ता सै.मो.अस्करी का कहना है कि अरबों रुपये खर्च करके सिविल लाइंस की सडक़ें बनाई गईं लेकिन पहली बारिश में ही घुटने तक पानी लग गया। उन्होंने इन सड़कों के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की।
अफसरों को लेकर महेवा पहुंची सांसद रीता
प्रयागराज। महेवा और मणौका में जलभराव की समस्या को देखते हुए बृहस्पतिवार को सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी बृहस्पतिवार को अफसरों को लेकर मौके पर पहुंची। वहां बताया गया कि सड़क के किनारे नालों से जल निकासी ना होने की वजह से जल भराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस वजह से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। सांसद के साथ वहां पहुंचे नगर निगम के मुख्य अभियंता सतीश कुमार, जल कल विभाग के महाप्रबंधक हरिश्चंद्र वाल्मीकि, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता महेंद्र सिंह ने लोगों की सारी समस्याएं सुनी। इस दौरान सांसद ने नगर निगम के मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि तत्काल नालों की सफाई कराया जाए। इस अवसर पर अभिषेक शुक्ला, कृष्ण मोहन गुप्ता, पीयूष रंजन निषाद, फूलचंद निषाद, मणि शंकर दिवेदी, पवन निषाद, आर पी सिंह, डा. अंबिका पांडेय, प्रभात शुक्ला, राजेश शुक्ला, राघवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।