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guru purnima : गुरु ज्ञान के उजाले में शिष्यों ने मिटाया अंतस का अंधेरा

Sun, 25 Jul 2021 12:22 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • कोरोना कर्फ्यू के बीच गुरु पीठों पर शिष्यों ने लगाई हाजिरी
  • बाघंबरी गद्दी, देवरहा बाबा आश्रम, शंकराचार्य आश्रम समेत कई मठों में गुरु पूजा
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prayagraj news : गुरु पूर्णिमा पर बाघंबरी गद्दी मठ में महंत नरेंद्र गिरि की पूजा करते भक्त। - फोटो : prayagraj
गुरु कुम्हार सिष कुंभ है गढ़ि गढ़ि काढ़ै खोट/आंतर हाथ सहार दै बाहर बाहै चोट...। चाक पर घड़े को संवारने वाले कुम्हार से गुरु की तुलना करने वाली संत कबीर की यह पंक्तियां शनिवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर साकार हुईं। कोरोना संक्रमण की वजह से कर्फ्यू के बावजूद शिष्यों ने गुरु पीठों पर हाजिरी लगाई और मन के अंधकार को दूर करने के लिए गुरु ज्ञान को आत्मसात किया। शहर के मठों, आश्रमों में इस बार गुरु पूर्णिमा पर उत्सव जैसा माहौल रहा। गुरुओं ने शिष्यों को दीक्षा प्रदान की।
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prayagraj news : गुरु पूर्णिमा पर भक्तों को दर्शन देते स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती। - फोटो : prayagraj
गुरु पूर्णिमा पर संगम समेत गंगा के तटों पर स्नान, ध्यान के साथ ही दान-पुण्य का सिलसिला दिन भर चला। श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम के तट पर पूर्णिमा पर पुण्य की डुबकी लगाई। इस दौरान मठों, आश्रमों में गुरु पूजा-वंदना के लिए शिष्यों का जमावड़ा लगा रहा। कला, संगीत के गुरुओं के यहां भी शिष्यों ने हाजिरी लगाई और आशीर्वाद लिया। अल्लापुर स्थित मठ बाघंबरी गद्दी में सुबह सविधि मंत्रोच्चार के साथ गुरु पूजन किया गया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और मठ के महंत नरेंद्र गिरि का शिष्यों ने पादुका पूजन किया।
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prayagraj news : गुरु पूर्णिमा पर बहादुरगंज में हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने मंहत योगी आदित्यनाथ का पूजन किया गया। - फोटो : prayagraj
दोपहर बाद मठ में भंडारे में बड़ी संख्या में शिष्यों और अनुयायियों ने प्रसाद ग्रहण किया। गुरु पूर्णिमा पर चौक के आर्य समाज मंदिर उपमंत्री संजय सिंह, यज्ञाचार्य विनय शुक्ला, आदित्य अग्रवाल, राधेश्याम पांडेय, अंगद शुक्ला, पंकज शुक्ला ने सुबह लोक कल्याण की कामना से यज्ञ किया। इसी तरह सिद्धपीठ शनिधाम अतरसुइया में गुरु पूर्णिमा महोत्सव में शिष्यों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। पीठाधीश्वर पराग महाराज ने अपने गुरु संत दशरथ गिरि का पादुका पूजन किया। इसके बाद उनके शिष्यों ने गुरु पूजन किया।

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prayagraj news : गुरु पूर्णिमा पर गंगा स्नान करते श्रद्धालु। - फोटो : prayagraj
इस मौके पर अनिल पांडेय, प्रियंका अग्रवाल, प्रीति पांडेय, मिनी सेठ, विनीता जायसवाल, कृष्ण कुमार यादव, शिवम सेठ, स्वाति सेठ, साक्षी गुलाटी, विकास गुलाटी समेत कई भक्त उपस्थित थे। उधर,त्रिवेणी बांध स्थित देवरहा बाबा आश्रम में शिष्यों ने सविधि गुरु पूजन किया। यहां ज्योतिषाचार्य डॉ रामेश्वर प्रपन्नाचार्य शास्त्री ने गुरु पूजन किया। यमुना तट स्थित मनकामेश्वर मंदिर में श्रीधरानंद ने द्वारका-शारदा, ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का पादुका पूजन किया। अलोपीबाग स्थित शंकराचार्य आश्रम में जगद्गुरु वासुदेवानंद का शिष्यों ने पूजन किया। 
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संत आनंद गिरि - फोटो : अमर उजाला
गुरु-शिष्य के बीच बढ़ी दूरी, गुरु पूजा के लिए नहीं आए आनंद गिरि
निरंजनी अखाड़े में चल रहे गुरु -शिष्य विवाद का पटाक्षेप इस गुरु पूर्णिमा पर भी नहीं हो सका। अखाड़े से निष्कासित संत योग गुरु आनंद गिरि को गुरु पूर्णिमा पर गुरु पूजा के लिए बाघंबरी गद्दी मठ आना था। इसी के साथ बड़े हनुमान मंदिर में भी उनकी हाजिरी लगनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अखाड़े से निष्कासित आनंद गिरि की दूरी बनी रह गई। उन्होंने अमर उजाला को फोन पर बताया कि अभी तक स्थिति जस की तस रह गई है। अखाड़े से उनका निष्कासन तक वापस नहीं हो सका है। तय हुआ था कि पंत परमेश्वर से निष्कासन वापस कराने के बाद गुरु पूर्णिमा पर बाघंबरी मठ और बड़े हनुमान मंदिर में उनकी हाजिरी लगेगी, लेकिन अभी हालात वैसे ही हैं। (ब्यूरो)
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prayagraj news : योगी सत्यम। - फोटो : prayagraj
क्रियायोग आश्रम में योगी सत्यम ने की गुरु पूजा, दिया संदेश
क्रियायोग आश्रम अनुसंधान संस्थान में शुक्रवार को योग गुरु योगी सत्यम ने गुरु पूजा की। इस दौरान उन्होंने योगावतार लाहिड़ी महाशय, ज्ञानावतार स्वामी युक्तेश्वर गिरि, परमहंस योगानंद के जीवन दर्शन पर विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर क्रिया योगद अभ्यास शिविर में कनॉडा, अमेरिका, ब्राजील, रूस, गयाना, सिंगापुर, आस्ट्रेलिया के अलावा देश के अलग-अलग इलाकों से आए साधकों ने भी गुरु पूजा में हिस्सा लिया।

ज्ञान रूपी वटवृक्ष के नीचे गुरुओं की पूजा के बाद योगी सत्यम ने बताया कि क्रियायोग किसी भी शब्द या रचना के विषय में सत्य की अनुभूति कराने का सरल उपाय है। क्रियायोग ध्यान से ज्ञान रूपी प्रकाश के तेज से अंधकार मिट जाता है। अंधकार और प्रकाश के बीच दूरी शून्य हो जाती है। ऐसे में अंधकार भी प्रकाश में परिवर्तित हो जाता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए गुरु पूर्णिमा महोत्सव से बड़ा अवसर कुछ भी नहीं है।
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