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Prayagraj Flood News : उफनाई गंगा-यमुना की बाढ़ से मचा हाहाकार, घरों के ऊपर से बह रहा पानी, देखें फोटो-वीडियो

Mon, 29 Aug 2022 12:19 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

गंगा-यमुना की बाढ़ की वजह से हर तरफ जलाप्लावन की स्थिति बन गई है। रविवार को गऊघाट इलाके में भी कई मकानों की पहली मंजिल डूब गई। कहीं टीवी के सिर्फ एंटीना नजर आ रहे हैं तो कहीं छतों पर गृहस्थी बचाने की जद्दोजहद में जुटे लोग।
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Prayagraj News : खतरे के निशान के एक मीटर ऊपर बह रहीं गंगा और यमुना। - फोटो : अमर उजाला।
रौद्र रूप धारण कर चुकी गंगा-यमुना रविवार की रात खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बहने लगीं। गंगा तटवर्ती मंदिरों, मार्गों और भवनों के ऊपर से बह रही है। बड़े हनुमान मंदिर का परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया है। अब हनुमान मंदिर की सिर्फ पताका ही नजर आ रही है। गंगा-यमुना के कछार में अब तक करीब पांच लाख से परिवार बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। बाढ़ से घिरे घरों को छोड़कर राहत शिविरों में या फिर रिश्तेदारों के यहां शरण लेने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।

गंगा-यमुना की बाढ़ की वजह से हर तरफ जलाप्लावन की स्थिति बन गई है। रविवार को गऊघाट इलाके में भी कई मकानों की पहली मंजिल डूब गई। कहीं टीवी के सिर्फ एंटीना नजर आ रहे हैं तो कहीं छतों पर गृहस्थी बचाने की जद्दोजहद में जुटे लोग। दो दर्जन से अधिक कॉलोनियां जहां जलमग्न हो गई हैं। वहीं, सैकड़ों परिवारों ने राहत शिविरों में शरण ले ली है।




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Prayagraj News : बाढ़ में डूबा नागवासुकि मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से रात आठ बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक, गंगा-यमुना एक-एक सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही हैं। इस अवधि तक फाफामऊ में गंगा 85.83 मीटर और नैनी में यमुना भी 85.83 मीटर पर बहती रहीं। इन स्थानों पर खतरे के निशान 84.73 मीटर से 1.10 मीटर ऊपर बह रही हैं। हालांकि यमुना की सहायक नदियों केन ,बेतवा और चंबल के जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है।
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Prayagraj News : बाढ़ की चपेट में आया मकान। - फोटो : अमर उजाला।
इससे यमुना की रफ्तार थमने के संकेत मिलने लगे हैं। लेकिन, गंगा में बैराजों से रविवार को भी पानी छोड़ा गया। हरिद्वार बैराज से 38,448 क्यूसेक, नरोरा बैराज से 28,701 क्यूसेक और कानपुर बैराज से 1,28,396 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़े जाने की सिंचाई बाढ़ खंड के अफसरों ने पुष्टि की। कहा जा रहा है कि अगर पहाड़ों पर फिर तेज बारिश नहीं हुई और जल दबाव फिर से नहीं बढ़ा तो अगले 24 घंटे में गंगा-यमुना शांत हो सकती हैं।

गंगा-यमुना की रफ्तार में लगतार कमी दर्ज की जा रही है। जिस तरह ऊपर से जल दबाव कम हो रहा है, उससे सोमवार की दोपहर तक जलस्तर स्थिर होने की उम्मीद है। - सिद्धार्थ कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई बाढ़ खंड, प्रयागराज।  

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Prayagraj News : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
गंगा की बाढ़ से घिरे दर्जनों गांव
गंगा की बाढ़ की विभीषिका की चपेट में रविवार को पीरदल्लू, झिंगहा, शहजादपुर समेत कई और गांव आ गए। मोती लाल का पूरा व बुद्धू का पूरा, महाराजपुर, नरहा, दादनपुर, अलीमपुर, दानिशपुर, झिंगहा का संपर्क मार्ग पानी में डूब चुका है। रविवार को दादनपुर, नरहा, झिंगहा आदि गांवों से ग्रामीण निकलते रहे। जबकि सिंघापुर, शहजादपुर, मटरू का पूरा आदि गांवों के किनारों पर पानी पहुंच गया है।

इसके साथ ही हजारों एकड़ की फसल डूब गई है। बाढ़ को देखते हुए बिजली विभाग ने इन गांवों विद्युत आपूर्ति ठप कर दी है। शनिवार की देर रात मोती लाल का पूरा, महराजपुर, बुद्धू का पूरा नरहा आदि गांवों के लिए पांच नावें गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। झिंगहा के राम कैलाश पटेल, पीरदल्लू के पन्ना लाल प्रधान कहते हैं कि रेरुआ सुल्तानपुर की सड़क की ऊंचाई बढ़ने से बाढ़ का असर कम है। आशंका है कि सोमवार सुबह तक मकदूमपुर और शहजादपुर चौराहा के साथ ही गुलकइयापुर, भीखपुर में भी बाढ़ का पानी पहुंच जाएगा।
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Prayagraj News : मंसूराबाद इलाके में पहुंचा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला।
मुबारकपुर पूरन कछार में पहुंची पांच नावें
शनिवार की रात मुबारकपुर पूरन कछार में पांच नावें लेकर नाविक पहुंचे। इससे ग्रामीणों नेराहत की सांस ली। ग्राम प्रधान मुखिया यादव कहते हैं कि आबादी के अनुसार नावों की संख्या कम है। इसे और बढ़ाना जरूरी है।

बाढ़ से बंद हुए दर्जनों विद्यालय
बाढ़ से दर्जनों गांवों में स्थित विद्यालयों में पानी भर गया है। इनमें शहजादपुर स्थित विवेकानंद पब्लिक स्कूल, एसपीएस आईटीआई कॉलेज, राष्ट्रीय ग्रामोदय विकास विद्यालय, एपीएम हायर सेकेंड्री स्कूल तथा विभिन्न परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
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Prayagraj News : मंसूराबाद इलाके में पहुंचा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला।
विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने बाढ़ क्षेत्र का किया दौरा
क्षेत्रीय विधायक गुरु प्रसाद मौर्य ने शनिवार की शाम बाढ़ क्षेत्र के दानिशपुर, दादनपुर, शहजादपुर, मकदूमपुर, अलीमपुर, नरहा आदि गांवों का दौरा किया और एसडीएम से राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने शिकायत की कि बोट नहीं पहुंची। एसडीएम से कहने पर देर शाम नावें नरहा गांव पहुंची। वहीं रविवार को अपना दल के राष्ट्रीय सलाहकार एवं राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य जवाहर लाल पटेल ने भी साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर लोगों को मदद का भरोसा दिलाया।

बाढ़ देखने वाले बाढ़ पीड़ितों के लिए बने मुसीबत
मंसूराबाद में गंगा की बाढ़ से जहां हजारों ग्रामीण पीड़ित हैं वहीं उपरहार क्षेत्र के हजारों लोगों का बाढ़ देखने आना कोढ़ में खाज का काम कर रहा है। पीड़ितों का कहना है कि आने वाले लोग सिवाय कुतर्क ही करते हैं और पीड़ितों को बेहद गुस्सा आता है।
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Prayagraj News : करछना के कंजासा गांव में बाढ़ से घिरे मकान। - फोटो : अमर उजाला।
बाढ़ से घिरे कंजासा में 180 परिवारों ने छोड़ा घर 
यमुना नदी में लगातार उफान के कारण घूरपुर क्षेत्र के बसवार, बीकर, इरादतगंज, देवरिया, कंजासा, बिरवल, जगदीशपुर में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कंजासा गांव बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित है। तीन सौ से अधिक परिवार बाढ़ की चपेट में है। इनमें से 180 परिवारों ने घर छोड़कर राहत शिविरों व नाव में शरण ली है।

भीटा में अनंत राम महाविद्यालय, कंजासा में पंचायत भवन और पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए राहत शिविर में रविवार को भी लोगों के आने का सिलसिला जारी रहा। डेढ़ दर्जन और प्रभावित परिवारों ने राहत शिविरों में पहुंचकर शरण ली। रविवार को भाजपा यमुनापार अध्यक्ष विभनाथ भारतीय, जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र सिंह पटेल, जगत शुक्ला, ग्राम प्रधान दिनेश निषाद, आशीष सोनकर आदि ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा लोगों से बातचीत की और राहत सामग्री भी बांटी। 
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Prayagraj News : गांव में पानी भर जाने से नाव से जाते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला।
बढ़ रहा नदियों का जलस्तर, सुरक्षित स्थान पर पहुंचने लगे लोग 
नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण क्षेत्र के कई कछारी गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। क्षेत्र के बबुरा, कटका, लटकहां, मनैया, हथसरा, पनासा, डीहा सहित अन्य गांवों में पानी पहुंच गया है। बाढ़ की चपेट में फंसे परिवार गृहस्थी समेटकर सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे हैं। 

कटका डेरा, मेडरा के मौजा पूरा गांव के रहने वाले दर्जन भर ग्रामीण अनाज, लकड़ी, आटा, बिस्तर सहित दिनचर्या उपयोगी वस्तुओं को समेट कर ऊंचे स्थान पर विस्थापित हो गए। कटका ग्राम प्रधान पवन निषाद ने बताया कि अभी तक शासन प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक ले जाने के लिए किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं कराई गई है। बाढ़ पीड़ितों के खानपान और पंचायत भवन में रहने की व्यवस्था करा दी गई है। 
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