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मां गंगा ने फिर किया बड़े हनुमानजी का जलाभिषेक

Fri, 13 Sep 2019 06:25 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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lete hanuman mandir, prayagraj - फोटो : प्रयागराज
पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में भारी बरिश केचलते केन, बेतवा में आने के बाद बृहस्पतिवार को गंगा-यमुना बाढ़ का खतरा पैदा हो गया। शाम को गंगा दूसरी बार बड़े हनुमान के गर्भगृह में पहुंच गई। पूजन सामग्री-प्रसाद की कई दुकानों में पानी भर गया। उधर, माताटीला बांध से इस दिन भी 1.62 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से यमुना में दबाव बढ़ गया। इसी तरह हरिद्वार, नरोरा और कानपुर बैराजों से करीब तीन लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है।  

इससे कछारी इलाकों में तेजी से पानी घुसने लगा है। दारागंज, नागवासुकि समेत कई बस्तियों में बाढ़ का पानी आने से हड़कंप मच गया। लोग गृहस्थी समेट कर एक बार फिर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। महावीर मार्ग अक्षयवट मार्ग पर पानी भर गया। किला मार्ग बंद होने के बाद देर रात तक चौकियां हटाने और सुरक्षित स्थानों पर जगह बनाने की मशक्कत की जाती रही।
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lete hanuman mandir, prayagraj - फोटो : प्रयागराज
बांधों से गंगा-यमुना में लगातार जलराशि छोड़े जाने के बाद तटीय बस्तियों में हड़कंप मच गया है। बृहस्पतिवार की शाम छह बजे सिंचाई बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम से जारी बुलेटिन के अनुसार गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 81.64 मीटर, छतनाग में 80.88 मीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 81.48 मीटर रिकार्ड किया गया। यहां गंगा-यमुना दोनों नदियों में छह सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से जल स्तर में वृद्धि होने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
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lete hanuman mandir, prayagraj - फोटो : प्रयागराज
सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने दावा किया है कि इसी रफ्तार से जल स्तर बढ़ता रहा तो शुक्रवार की शाम तक गंगा चेतावनी बिंदु केपार कर सकती है। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के अनुसार माताटीला बांध से 1.62 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। केन-बेतवा केजल स्तर में हो रही वृद्धि की वजह से यमुना के जल स्तर में उफान बढ़ता जा रहा है। गंगा में इस दिन कानपुर बैराज से 1.40 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर में तेज वृद्धि के चलते देर शाम अक्षयवट मार्ग, महावीर मार्ग के बाद किला मार्ग भी जमग्न हो गया। अक्षयवट पुसि चौकी डूब गई। रात को ही सैकड़ों परिवारों को गृहस्थी समेटने के लिए मजबूर होना पड़ा। श्मशान घाट पर भी पानी पहुंचने वाला है। सड़क पर पानी आने की वजह से अंतिम संस्कार में भी दिक्कतें आने लगी हैं।

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lete hanuman mandir, prayagraj - फोटो : प्रयागराज
रिकार्ड: 12 घंटे में 63 एमएम बारिश
 उमस भर चिपचिपी गर्मी से परेशान लोगों को बुधवार रात राहत देने वाली बारिश बृहस्पतिवार को दिन भर भिगोती रही। काले-काले बादल डराने के साथ खूब बरसे। रुक-रुक कर हो रही बारिश ने इस साल सितंबर महीने में अब तक का रिकार्ड बनाया। सुबह 8.30 बजे से 12 घंटे तक 63 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
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lete hanuman mandir, prayagraj - फोटो : प्रयागराज
बादलों ने अरसे बाद 24 घंटे अपनी धमक बनाए रहे। थोड़ी ही देर सही, पर जहां बादल बरसे, तबीयत से लोगों को सराबोर करते रहे। सूरज एक से दो बार बड़ी मुश्किल से बादलों की ओट से बाहर निकला, लेकिन धूप नमी नहीं सोख सखी। अलसुबह शुरू बारिश शाम छह बजे तक कहीं धीमी तो कहीं झमाझम होती रही। बारिश से गर्मी-उमस से तो राहत दी लेकिन नालियों की गंदगी सड़कों और फुटपाथ तक पसर गई। लोगों को पानी निकलने के बाद कीचड़ से खासी परेशानी हुई। कोठापार्चा, स्टेशन रोड पर नगर निगम कार्यशाला के पास सड़क खोदकर डालने से राहगीर और वाहन फंसे रहे। शहर में कई स्थानों पर सड़कें भी धंसी हैं। 
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prayagraj news - फोटो : प्रयागराज
शहर में बारिश का साइड इफेक्ट जलजमाव के रूप में लोगों की परेशानी का कारण बना। तेज बारिश के कारण शहर में निरंजन डॉट पुल और रामबाग आरओबी के मेडिकल चौराहे छोर पर दिन भर जलभराव की स्थिति राह में बाधा बनी। यही नहीं स्टेशन से जानसेनगंज जाने वाली सड़क, स्टेशन चौराहा, बैरहना, अल्लापुर समेत कई मोहल्लों में सड़कें , फुटपाथ बरसाती पानी से लबालब रहीं। बारिश रुकने के आधे से एक घंटे बाद पानी निकलता, लेकिन बार-बार किस्तों में हो रही बारिश से जलजमाव हो जाता। निरंजन से जानसेनगंज चौराहा, दूसरी तरफ एंग्लोबंगाली कॉलेज तक लोग घंटों फंसे रहे। स्टेशन रोड पर भरा पानी मुसीबत बना। हाईकोर्ट पानी टंकी और आरओबी के छोर पर जाम लगा रहा। बैरहना, अल्लापुर, राजरूपपुर, खुल्दाबाद, बेनीगंज, राजरूपपुर आदि इलाकों में भी जलभराव मुसीबत बना रहा।
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24 घंटे से हो रही बारिश का क्रम तो टूटा लेकिन थोड़ी देर में ही घंटे दो घंटे का कोटा पूरा हुआ। इसके कारण वातावरण में नमी उच्चतम स्तर 100 प्रतिशत रही। पारा धड़ाम हो गया। लोगों को उमस भरी गर्मी से कई दिन बाद फौरी राहत मिली। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस रहा। रात में बाहर निकले लोगों को बदला मौसम राहत देने वाला रहा।
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मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक विदाई की बेला में मानसून तेजी दिखा रहा है। अगले चार दिन यानी 16 सितंबर तक इसी तरह की बारिश के आसार हैं। कहीं तेज तो कहीं मध्यम बारिश मौसम को खुशनुमा बनाए रख सकती है। उन्होंने बताया कि अब स्थितियां शीतकाल की ओर बढ़ने की तरफ संकेत दे रही हैं। हालांकि सितंबर अंत तक छिटपुट बारिश होती रहेगी। इस बीच धूप भी खिलेगी, जो उमस बढ़ाने का कारक बनेगी। 
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