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दिसंबर 18 में फराज आया था यहां
सपा नेता मुश्ताक काजमी बताते हैं कि वर्ष 2017 में फराज उनके बेटे आसिफ काजमी की शादी में यहां आया था। कुछ दिन रुका फिर वर्ष 2018 के दिसंबर में उसकी शादी में यहां से बाराती और रिश्तेदारों को लेकर वह बिलासपुर गए थे। इसके बाद वह यहां आया था। वैसे फराज जिले के गंगापार इलाके में बरना नदी का पुल पार करते ही छोर के सरवाडीह गांव में अभी भी फराज की पुश्तैनी जायदाद है। वहां उसके दादा, परदादा रहते थे। पिता डॉ. इकबाल का आना जाना बना है।
सुर्खा अमरूद हैं फराज की पसंद
फराज का प्रयागराज में आना रिश्तेदारों के लिए किसी जलसे से कम नहीं होता है। परिवार के बीच में घुलमिल कर घर की बातों में ही समय बीत जाता है। मुश्ताक बताते हैं कि आमतौर पर फराज ठंड में ही यहां आते हैं। पिछले साल नहीं आए अब प्रोजेक्ट में व्यस्त हैं। उन्होंने बताया कि यहां के सुर्खा इलाहाबादी अमरूद फराज की पहली पसंद हैं।