कॉल्विन अस्पताल के गेट पर गोलियों से भूने गए अतीक अहमद और अशरफ अपनी आखिरी बात भी पूरी नहीं कर सके। गोली लगने से ठीक पहले मीडियाकर्मी उससे बेटे असद के अंतिम संस्कार में नहीं जाने को लेकर सवाल पूछ रहे थे। अतीक इसका जवाब दे ही रहा था कि तभी उसे मौत के घाट उतार दिया गया।
पुलिस जीप से उतरते ही मीडियाकर्मियों ने उससे पूछा कि बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल न हो पाने को लेकर उसका क्या कहना है। इस पर आगे बढ़ते हुए अतीक ने कहा कि नहीं ले गए तो नहीं गए। उसका इशारा पुलिस की ओर था। हालांकि इसके बाद फिर वह कुछ नहीं बोल पाया और शूटरों ने उसे गोलियों से भून दिया।
अशरफ बोला मेन बात यह है कि...
उधर भतीजे असद के अंतिम संस्कार में न शामिल हो पाने को लेकर अशरफ भी कुछ कहना चाहता था। शूटआउट शुरू होने से ठीक पहले उसने इस सवाल का जवाब देना शुरू किया था। कहा कि मेन बात यह है कि...। हालांकि बात पूरी होती, इससे पहले ही उसे मौत के घाट उतार दिया गया।