Sandeep Gupta Murder Case: अलीगढ़ के सिविल लाइंस क्षेत्र में अतिव्यस्त रामघाट रोड स्थित गांधीआई तिराहा मोड़ पर सोमवार देर शाम पश्चिमी यूपी के अल्ट्राटेक सीमेंट सप्लायर व नामचीन कारोबारी संदीप गुप्ता उर्फ संदीप लाला (52) की हत्या कर दी गई। घटना के वक्त वे अपनी फारच्युनर में ड्राइवर व अल्ट्राटेक कंपनी के अधिकारी संग सवार थे और पीछे स्कार्पियो में उनकी निजी व पुलिस की सुरक्षा चल रही थी। इसी बीच एक नीले रंग की बलेनो कार उनके बराबर आकर रुकी। उसमें से उतरे हमलावरों ने संदीप को निशाना बनाकर फायरिंग कर दी। तीन गोलियां लगते ही संदीप कार में ढेर हो गए। इसके बाद हमलावर भाग गए।
सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता की हत्या के लिए शूटरों को उनकी गाड़ी की लोकेशन बताई जा रही थी। ऐसा अब तक की जांच में पुलिस का मानना है। अब सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर वह भेदिया कौन था, जो लोकेशन शूटरों तक पहुंचा रहा था।
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संदीप गुप्ता (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
इसी कड़ी में एक सवाल ये भी है कि गाड़ी में संदीप के अलावा सिर्फ दो अन्य लोग सवार थे। जिनमें से एक यानी कंपनी अधिकारी को गवाह नहीं बनाया गया है, जबकि परिवार के एक सदस्य व अति करीबी दोस्त को गवाह बताया है। इसे लेकर पुलिस अभी कुछ कहने से बच रही है। मगर इतना जरूर है कि तथ्यों का तकनीक यानी सर्विलांस की मदद से अध्ययन हो रहा है। उसके बाद ही कंपनी अधिकारी के विषय में कुछ कहा जा सकेगा।
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Sandeep Gupta Murder case
- फोटो : अमर उजाला
कंपनी अफसर ने गाड़ी में ही नीचे छिपकर बचाई जान
सोमवार को हुई घटना के बाद पुलिस के पास एक ड्राइवर, कंपनी का अधिकारी दो लोग मिले जो संदीप के साथ बताए गए। इनमें से ड्राइवर के बयान की पुष्टि दुकानदार से हुई कि वह पान मसाला लेने उतरा। करीब बीस कदम दूरी पर गाड़ी खड़ी थी। इसी बीच फायरिंग की आवाज सुनी तो पाया कि उसके मालिक संदीप पर गोली चली है।
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Sandeep Gupta Murder case
- फोटो : अमर उजाला
मगर वह शूटरों को नहीं देख पाया। जब तक शूटर भाग चुके थे। जब कंपनी अधिकारी से पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो उसने पूरा घटनाक्रम बताया, मगर वह बोला कि अपनी जान बचाने के लिए गाड़ी में नीचे ही छिप गया था।
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Sandeep Gupta Murder case
- फोटो : अमर उजाला
पत्नी के जन्मदिन में साथ ले जा रहा था कंपनी अधिकारी
पुलिस जांच में पता चला है कि ग्रीन पार्क सोसाइटी में रहने वाले कंपनी अधिकारी की पत्नी का बर्थडे था। उसी की दावत में वह संदीप को अपने साथ ले जा रहा था। खुद कंपनी अधिकारी ने ही सिक्योरिटी स्टाफ को यह कहकर आगे भेजा था कि तुम लोग ग्रीन पार्क पहुंचो, हम लोग संदीप की गाड़ी से आ रहे हैं। इस पर सिक्योरिटी स्टाफ ने ऐतराज भी जताया। मगर कंपनी अधिकारी के दबाव पर सिक्योरिटी स्टाफ आगे चल पड़ा। इसी बीच पीछे से वे चले और यह घटना हो गई।
अलग-अलग कई लोगों से चल रही पूछताछ
इस घटना में गनर, ड्राइवर, कंपनी अधिकारी के अलावा सारसौल से जुड़े रिश्तेदार, कंपनी के करीबी स्टाफ, कासिमपुर से जुड़े अलग-अलग लोगों से पुलिस की टीमें पूछताछ कर रही हैं। काफी लोगों को अलग-अलग बैठाकर क्रास बातचीत चल रही है। अभी किसी टीम से कोई महत्वपूर्ण तथ्य सामने नहीं आया है।