लॉजेस्टिक कारोबारी व सीमेंट सप्लायर संदीप गुप्ता की हत्या को जिस कार से अंजाम दिया गया, वह मथुरा के फरह क्षेत्र से चोरी नहीं, बल्कि लूट की थी। घटना के बाद मध्य रात्रि तक चली जांच में यह साफ हुआ। साथ ही सीसीटीवी से यह भी साफ हुआ कि शूटर करीब डेढ़ घंटे से संदीप का पीछा कर रहे थे और मौका मिलते ही उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। घटनास्थल के सीसीटीवी में कैद बदमाशों को चेहरे व हुलिया के आधार पर पश्चिमी यूपी के अलावा राजस्थान व हरियाणा में चिह्नित कराने का भी प्रयास किया जा रहा है।
मथुरा में बना था लुटेरे का स्कैच, खंगाले जा रहे सीसीटीवी
पुलिस जांच में उजागर हुआ कि बदमाशों ने जिस नीले रंग की बलैनो कार से इस वारदात को अंजाम दिया, वह 14 अक्तूबर को आगरा के सिकंदरा मंडी पुल के नीचे से कार स्वामी सतगुरु शरण निवासी दयालबाग को हाईजैक कर लूटी गई थी। जैज कार सवार दो बदमाशों ने इस बलैनो को लूटकर इसके स्वामी को मथुरा के फरह में फेंक दिया था। वहां लूट का मुकदमा दर्ज है। साथ में यह भी पता चला कि कार स्वामी ने उनमें से एक बदमाश का स्कैच भी बनवाया था।
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Sandeep Gupta Murder case
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की एक टीम उस स्कैच के आधार पर सीसीटीवी में कैद बदमाशों से मिलान कराने के लिए भी लग गई है। उम्मीद है कि कोई सफलता हाथ लगे। इसके बाद बदमाशों ने इस कार पर दो बार नंबर प्लेट बदली और दूसरी नंबर प्लेट से अलीगढ़ की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अलीगढ़ व आसपास के जनपदों के सीसीटीवी और टोल नाकों के सीसीटीवी पर यह दिखवा रही है कि हाल फिलहाल के दिनों में यह कार कब कहां कैद पाई गई है।
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डीआईजी के पास जाते समय तस्वीर महल से लगे पीछे
पुलिस की अब तक की जांच में यह साफ हुआ है कि शूटर घटना से करीब दो घंटे पहले शहर में खेरेश्वर के रास्ते घुसे हैं और डेढ़ घंटे पहले तस्वीर महल चौराहे से उस समय संदीप गुप्ता के पीछे लगे हैं, जब वे डीआईजी से मिलने जा रहे थे। मगर इस बीच उन्हें कहीं भी वारदात को अंजाम देने का मौका नहीं मिला।
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वहां से निकलकर संदीप अपने ऑफिस पहुंचे हैं। फिर जब ग्रीन पार्क जाने के लिए निकले तो यह कार कभी आगे तो कभी पीछे लगी है। गांधी आई तिराहा पर शूटरों की कार संदीप से आगे थी। जैसे ही कार रुकी तो मौका पाकर उसमें से दो शूटरों ने उतरकर वारदात को अंजाम दिया है।
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बॉडी बिल्डिर टाइप शूटरों ने 30 सेकेंड में कर दिया कांड
इस घटना में घटनास्थल का एक सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगा है और वह सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इस 1 मिनट 42 सेकेंड के इस सीसीटीवी फुटेज में घटना से चंद सेकेंड पहले नीली कार गांधी आई के सामने वाली पट्टी पर आकर खड़ी होती है। उसमें ड्राइवर बदलता है। फिर एक नीली या काली टीशर्ट व कैप व लोवर पहने और एक सफेद हुडी व लोवर पहने और स्पोर्ट्स शूज पहने मुंह पर मास्क लगाए दो हट्टे कट्टे बॉडी बिल्डर जैसी कदकाठी के युवक उतरते हैं।
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इनमें से सफेद हुडी पहने युवक गाड़ी चला रहा था। उसकी जगह दूसरा ड्राइविंग सीट पर अतरौली की ओर कार का मुंह किए और स्टार्ट किए खड़ा रहता है। इसी बीच काली टीशर्ट पहने युवक मीनाक्षी पुल की ओर मुंह कर किसी से फोन पर बात करता है। जैसे उसे कोई संदीप के आने की लोकेशन दे रहा है। इसी बीच वे संदीप की गाड़ी की ओर बढ़ते हैं और जैसे ही पान की दुकान पर संदीप की गाड़ी रुकती है तो वहां पहुंचकर वारदात को अंजाम देकर बमुश्किल तीस सेकेंड में वापस आकर कार में सवार होकर अतरौली की ओर भाग लेते हैं। इस सीसीटीवी में वारदात करते यानी संदीप की कार के आसपास का सीन कैद नहीं है।
घटनास्थल के सीसीटीवी का रुख घटनास्थल पर नहीं
पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए अब तक 200 करीब सीसीटीवी खंगाले हैं। साथ में 500 करीब मोबाइल नंबर, जिनमें घटनास्थल की टॉवर लोकेशन के नंबर भी शामिल हैं खंगाले हैं। इन पर अभी पुलिस का रिसर्च चल रहा है। उम्मीद है कि रिसर्च में बुधवार तक कोई महत्वपूर्ण क्लू हाथ लगे। मगर सबसे खास बात है कि घटनास्थल यानी गांधी आई तिराहा पर लगा स्मार्ट सिटी के सीसीटीवी का रुख घटनास्थल की ओर न होकर सड़क पर लंबाई की ओर है। अगर घटनास्थल पर होता तो शायद बदमाशों के चेहरे साफ कैद हो जाते।