आगरा में मंगलवार सुबह से काले बादल छाए हुए हैं। सुबह 10 बजे से बारिश की फुहार शुरू हो गई। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने आगरा सहित प्रदेश के कई जिलों में पांच अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, पांच अगस्त तक कई जिले भारी बारिश के यलो अलर्ट पर रखे गए हैं। यलो अलर्ट वाले जिलों में आगरा के अलावा अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, फिरोजाबाद, झांसी भी शामिल हैं।
उधर, लगातार हो रही बारिश और गोकुल बैराज से पानी छोड़े जाने से यमुना उफान पर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से नदी के तटवर्ती इलाकों में खेत जलमग्न हो गए हैं। वहीं चंबल नदी में तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है। इससे बीहड़ में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
सोमवार को भी ताजनगरी में बारिश की फुहारों ने लोगों को उमस से राहत दी। दिनभर काले बादल छाए रहे। पारा सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। ताजनगरी का अधिकतम तापमान महज 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 5 डिग्री कम है।
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आगरा का मौसम
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न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन और रात के तापमान में महज तीन डिग्री का अंतर रह गया है। दिन में कुल 4 मिमी बारिश दर्ज की गई जो सुबह से रात तक क भी फुहार तो कभी रिमझिम के रूप में हुई। दिन में अधिकतम आर्द्रता 98 फीसदी बनी रही।
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उफान पर बह रही यमुना नदी
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आगरा में यमुना नदी के बढ़े जलस्तर से खेत जलमग्न हो गए हैं। कालिंदी सोमवार को लाल निशान से चार कदम दूर बह रही थी। वाटरवर्क्स पर इस साल का सबसे अधिक जलस्तर 491.4 फीट पर पहुंच गया है। मथुरा जिले की कॉलोनियों में पानी भर गया है।
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बटेश्वर में उफान पर बह रही यमुना
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गोकुल बैराज से रिकॉर्ड 46433 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया है। जिला प्रशासन ने राजस्व टीमों को आकस्मिक स्थिति से निबटने के लिए अलर्ट पर रखा है। दयालबाग के निचले इलाके मनोहरपुर, खासपुर, बाईंपुर एहतिमाली सहित सात गांव में खेत यमुना के उफान से जलमग्न हो गए हैं।
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बल्केश्वर में पार्वती घाट की सीढ़ियां डूबी
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आगरा में बाढ़ के खतरे का निशान 495 फीट है। वाटरवर्क्स पर यमुना 491.4 फीट पर पहुंच गई है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा, ताजेवाला बैराज से डिस्चार्ज में कमी आई है। चार दिन पहले छोड़े गए पानी से जलस्तर बढ़ा है। पहाड़ों पर बारिश होने पर यमुना पर दबाव बढ़ सकता है।
राजस्थान, मध्यप्रदेश की बारिश और काली सिंध से छोडे़ गए पानी के कारण चंबल नदी में फिर उफान आ गया है। मंगलवार सुबह को चंबल का जलस्तर 126.50 मीटर पर पहुंच गया। सोमवार शाम तक 122.50 मीटर था। जलस्तर बढ़ने से पिनाहट समेत कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।