डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन के छात्र-छात्राओं के दो घंटे प्रवेश संबंधी निर्णय टाले जाने के बावजूद गुरुवार को छात्र नेता प्रदर्शन के लिए पहुंच गए। पालीवाल पार्क परिसर के गेट संख्या-दो के बाहर कुलपति का पुतला फूंक रहे छात्र नेताओं को पुलिस ने दौड़ा लिया और विरोध करने पर लाठियां भांजीं। पुलिस ने सात छात्र नेताओं को शांति भंग में गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
2 of 5
डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के छात्र प्रदर्शन के दौरान
- फोटो : अमर उजाला
विश्वविद्यालय प्रशासन ने 23 जुलाई को निर्णय लिया था कि 24 जुलाई से दोपहर दो से चार बजे तक सिर्फ उन्हीं छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा, जिनकी मार्कशीट, डिग्री संबंधी या अन्य कोई समस्या है। इस अवधि में छात्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ छात्र-छात्राओं की समस्याओं का समाधान कराएगी। कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक और वित्त अधिकारी से कोई भी बिना पूर्व अनुमति के नहीं मिल सकेगा। छात्र-छात्राओं के दबाव को देखते हुए प्रवेश की नई व्यवस्था लागू नहीं की गई। इसे कुछ दिन के लिए टाल दिया गया है।
विज्ञापन
3 of 5
प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पकड़कर ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को एनएसयूआई के कार्यकर्ता दोपहर करीब सवा एक बजे विश्वविद्यालय के गेट पर कुलपति का पुतला फूंक रहे थे, लेकिन यहां पहले से मौजूद पुलिस ने छात्र नेताओं को खदेड़ दिया। विरोध करने पर लाठियों से पीटा। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव सतीश सिकरवार, गौरव शर्मा (छात्रसंघ के पूर्व
अध्यक्ष), प्रदेश संयोजक अंकुश गौतम, जिलाध्यक्ष बिलाल अहमद, ललित त्यागी, कुलदीप और आशीष को पुलिस हरीपर्वत थाने ले गई। करीब दो घंटे बाद शांतिभंग में चालान कराया।
4 of 5
प्रदर्शन कर रहे छात्रों को खदेड़ती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
गौरव शर्मा, पूर्व अध्यक्ष, विवि छात्रसंघ का कहना है कि कुलपति जब तक अपने निर्णय को वापस नहीं लेते, आंदोलन जारी रहेगा। मामले की शिकायत राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी की जाएगी।
डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा का गेट
- फोटो : अमर उजाला
प्रो. मनोज श्रीवास्तव, चीफ प्रॉक्टर ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र हित में ही दोपहर दो से शाम चार बजे तक प्रवेश देने का निर्णय लिया है। छात्र शिकायत निवारण प्रकोष्ठ ठीक ढंग से काम करना शुरू कर देगा, तभी प्रवेश की नई व्यवस्था लागू की जानी है। पुतला फूंक रहे छात्र नेताओं पर पुलिस स्तर से कार्रवाई की गई।