कन्हैयालाल
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फादर्स डे के दूसरे दिन पौत्रों ने घर से निकाला
शास्त्रीपुरम निवासी 90 वर्षीय कन्हैया लाल ने बताया कि बेटे की तीन साल पहले हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद से बहू और पौत्र उनसे अक्सर झगड़ने लगे थे। उनका घर में रहना दुश्वार कर दिया था। जायदाद के लिए पौत्र आए दिन मारपीट करते। 18 जून को भी मारपीट की और घर से बाहर निकाल दिया था। तब छोटे पौत्र ने कहा कि इन्हें रविवार तक और रखते हैं, फादर्स डे के बाद घर छोड़ने के लिए कह देंगे। सोमवार को पौत्रों ने रात में घर से बाहर निकाल दिया। जैसे-तैसे आश्रम पहुंचा। यह कहते हुए कन्हैया लाल अपने आंसू नहीं रोक पाए और फफककर रोने लगे।