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आगरा: डॉ. योगिता हत्याकांड में कोर्ट में दो घंटे हुई जिरह, आरोपियों के हमले के बाद पिता को मिली सुरक्षा

Thu, 19 Aug 2021 11:22 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
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जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज की पीजी की छात्रा डॉ. योगिता गौतम हत्याकांड में बुधवार को कोर्ट में जिरह हुई। इस दौरान वादी पक्ष की सुरक्षा के लिए एक दरोगा और सिपाही भी मौजूद रहे। नजफगढ़, नई दिल्ली निवासी अंबेश कुमार की बेटी डॉ. योगिता की 18 अगस्त 2020 को हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्याकांड में आरोपी डॉ. विवेक तिवारी को जेल भेजा था। अंबेश कुमार का आरोप था कि वह छह अगस्त को बेटे डॉ. मोहिंद्र गौतम के साथ कोर्ट में आए थे। सुनवाई के बाद लौटते समय दीवानी परिसर में आरोपी पक्ष ने हमला बोल दिया था। इससे बेटे के हाथ में चोट लगी थी। उनको भी धमकी दी थी। उन्होंने एसएसपी ऑफिस में प्रार्थनापत्र दिया था। बुधवार को भी केस में सुनवाई थी। अंबेश कुमार आए हुए थे। उन्होंने बताया कि उनकी सुरक्षा के लिए थाना एमएम गेट के एक दरोगा और सिपाही आए थे। दीवानी परिसर में वह उनके साथ रहे। कोर्ट में केस में दो घंटे तक जिरह हुई।
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योगिता गौतम के पिता अंबेश कुमार गौतम - फोटो : अमर उजाला
नई दिल्ली के नजफगढ़ निवासी अंबेश कुमार गौतम नवोदय विद्यालय शिक्षा समिति, शिक्षा मंत्रालय में उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं। उनके बेटे डॉक्टर मोहिंद्र कुमार गौतम नई दिल्ली नगर पालिका के अस्पताल में सीनियर रेजीडेंट हैं। 
 
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योगिता गौतम की हत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर योगिता गौतम एसएन मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति विभाग में डॉक्टर थीं। 18 अगस्त 2020 उनकी हत्या कर दी गई थी। मामले में आरोपी विवेक तिवारी को पुलिस ने जेल भेजा था। 

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जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
18 अगस्त 2020 को डा. योगिता गौतम की हत्या कर दी गई थी। वह एसएन मेडिकल कॉलेज से पीजी कर रही थीं। नूरी गेट स्थित एक घर में किराये पर रहती थीं। घटना वाले दिन लापता हो गई थीं। दूसरे दिन उनका शव फतेहाबाद क्षेत्र में बमरौली कटारा चौकी क्षेत्र में खेत में पड़ा मिला था। उनको गोली मारी गई थी। इस मामले में परिजनों ने जालौन के उरई में मेडिकल ऑफिसर विवेक तिवारी के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। शव मिलने पर पहचान के बाद पुलिस ने विवेक तिवारी को गिरफ्तार किया था। 
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जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पुलिस का दावा था कि डॉ. योगिता गौतम की हत्या विवेक तिवारी ने गोली मारकर की थी। इसके बाद शव को खेत में फेंककर भाग गया था। उसने अपने रिटायर्ड सीओ पिता की लाइसेंसी बंदूक से वारदात को अंजाम दिया। डॉ. योगिता और विवेक तिवारी एक साथ पढ़े थे। दोनों अक्सर मिलते थे। शादी से इनकार पर हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस ने चार्जशीट में 15 से अधिक गवाह बनाए हैं।
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