आज से सावन माह की शुरुआत हो गई। घंटा और घड़ियाल के बीच में श्रद्धालु भोले बाबा का अभिषेक करने पहुंचे। लेकिन, शिवालयों तक पहुंचने में शिव भक्तों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। शिवालयों तक पहुंचाने वाले रास्ते जगह-जगह से उखड़े पड़े हैं। पेश है रिपोर्ट...
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शिवालय के पास उखड़ी सड़क दूसरे सोमवार को जहां से नंगे पैर होकर गुजरेंगे शिवभक्त
- फोटो : अमर उजाला
बल्केश्वर महादेव मंदिर: महादेव मंदिर जाने वाला रास्ता कई जगह से उखड़ चुका है। गहरे-गहरे गड्डे हो गए हैं। बजरी पैरों में चुभ रही है। यह हाल तब है, जब मंदिर पर पिछले दिनों श्री जगन्नाथ महाप्रभु की रथयात्रा भी निकल चुकी है।
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पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर
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केदार नगर: पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर जाने वाले शिव भक्तों के लिए केदार नगर प्रमुख मार्ग है। यहां होकर हजारों की तादाद में शिव भक्त महादेव बाबा के दर्शन करने जाते हैं। यहां सावन माह का अंतिम मेला भी लगता है।
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राजेश्वर महादेव मंदिर
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सावन माह के प्रत्येक सोमवार को अलग अलग शिव मंदिरों पर मेला लगता है। पहला मेला 22 जुलाई को राजेश्वर महादेव मंदिर, 29 को बल्केश्वर महादेव मंदिर, पांच अगस्त को कैलाश महादेव मंदिर और 12 अगस्त को पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर पर लगेगा।
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शिवालय के पास उखड़ी सड़क
- फोटो : अमर उजाला
ताजगंज: ममलेश्वर महादेव मंदिर के रास्ते का भी हाल बल्केश्वर महादेव मंदिर के रास्ते जैसा है। यहां भी सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है। ताजगंज क्षेत्र के शिव भक्त यहां जलाभिषेक को पहुंचते हैं। सभी को शिवालय आने जाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पंडित चन्द्रबल्लभ शर्मा के अनुसार शिवलिंग को स्नान कराने के लिए तांबे का बर्तन, तांबे का लोटा, दूध, वस्त्र, चावल, अष्टगंध, दीपक, तेल, रुई, धूपबत्ती, चंदन, धतूरा, आंकड़े के फूल, बेलपत्र, जनेऊ, फल, मिठाई, नारियल, पंचामृत, सूखे मेवे, पान, दक्षिणा पूजा में अनिवार्य रुप से रखें।