ताजमहल में मुगल बादशाह शाहजहां का तीन दिवसीय उर्स रविवार को गुस्ल की रस्म के साथ शुरू हो गया। पहले दिन दोपहर दो बजे मुख्य मकबरे के नीचे तहखाने के दरवाजे खोले गए। तहखाने में शाहजहां और मुमताज की कब्रों पर गुस्ल के बाद चंदन का लेप गया। फूलों की चादर चढ़ाई गई। इसके बाद फातिहा पढ़ा गया। इस दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी, राजकुमार कपूर, उर्स कमेटी के अध्यक्ष सैयद इब्राहिम जैदी, सैयद मुनव्वर अली, ताहिरउद्दीन ताहिर, आरिफ तैमूरी आदि मौजूद रहे। उर्स के दूसरे दिन दोपहर दो बजे संदल चढ़ाया जाएगा। तीसरे दिन सुबह से शाम तक चादरपोशी का सिलसिला चलेगा। इसी दिन सर्वधर्म सद्भाव की प्रतीक सतरंगी चादर चढ़ाई जाएगी।