आगरा में महात्मा गांधी मार्ग (एमजी रोड) शहर की धड़कन है तो संजय प्लेस दिल, लेकिन दिल पर काफी समय से बहुत बोझ है। यह है अतिक्रमण और अवैध पार्किंग का। इनमें पार्किंग विवाद इन दिनों बीमारी बना हुआ है। शहर के दिल का इस बीमारी से इलाज जरूरी है। इसी पार्किंग के विवाद पर इन दिनों व्यापारी आग बबूला हैं। धरना-प्रदर्शन चल रहा है और हल निकलने की कोई सूरत बन नहीं रही। हैरानी की बात यह है कि इस विवाद पर प्रशासन उदासीन बना है, बावजूद इसके किसंजय प्लेस में हलचल का असर पूरे शहर पर पड़ता है।
विज्ञापन
2 of 8
संजय गांधी के साथ संजय प्लेस का मॉडल देखते तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
1978 में अस्तित्व में आए इस व्यावसायिक केंद्र में 41 ब्लॉक हैं, लगभग 3000 दुकानें और शोरूम हैं। 30 से ज्यादा बैंकों के जोनल ऑफिस हैं। कंप्यूटर, जूते और कपड़े का यह खास बाजार है। शहर का ऑडिटोरियम सूर सदन भी यहीं है। मॉल, मल्टीप्लेक्स, बार, होटल, सिनेमा हॉल इसकी रौनक को चार चांद लगाते हैं। केंद्र सरकार के आयकर, पेट्रोलियम सेफ्टी, पुरातत्व, लघु उद्योग, हथकरघा विभाग के दफ्तर भी यहां पर हैं। एलआईसी, इंडियन ऑयल, एफसीआई के ऑफिस भी हैं।
विज्ञापन
3 of 8
धरने पर बैठे व्यापारी
- फोटो : अमर उजाला
संजय प्लेस में पखवाड़े भर से पार्किंग वसूली को लेकर विवाद चल रहा है। संजय प्लेस वेलफेयर एसोसिएशन पार्किंग के ही खिलाफ है, जबकि नगर निगम पार्किंग व्यवस्था लागू करने पर अड़ा हुआ है। इधर, पार्किंग के स्थान पर अतिक्रमण की भी समस्या है। अधिकांश ब्लॉक की इमारतों की पार्किंग में गोदाम और दुकानें बनाकर कब्जा कर लिया गया है। हालांकि संजय प्लेस के कपड़ा व्यापारियों ने इस मामले में नजीर पेश की है। कपड़ा मार्केट की भूमिगत पार्किंग में व्यापारियों के वाहन रखे जा रहे हैं।
4 of 8
संजय प्लेस का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला
संजय प्लेस में कंप्यूटर, कपड़ा, जूता, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंट्र्रल गवर्नमेंट ऑफिस, बैंक और रेजीडेंशियल कांप्लेक्स हैं। 41 ब्लॉक यहां पर हैं, जिनमें आगरा विकास प्राधिकरण ने पार्किंग की जगह तय की थी। संजय प्लेस हैंडओवर होने के बाद नगर निगम ने अब जाकर 38 ब्लॉक में पार्किंग का ठेका उठाया। इनमें आयकर विभाग का कार्यालय, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय और एलआईसी बिल्डिंग कार्यालय को निगम की पार्किंग से मुक्त किया गया है। अन्य सभी खुली पार्किंग का ठेका उठाया गया, लेकिन इसका लगातार विरोध हो रहा है।
विज्ञापन
5 of 8
आगरा नगर निगम
विरोध के बीच ही नगर निगम ने जांच की तो पता चला कि संजय प्लेस कंप्यूटर मार्केट समेत ज्यादातर ब्लॉक में बेसमेंट में पार्किंग की जगह पर गोदाम बना लिए गए हैं। वाहनों की पार्किंग अपने ब्लॉक में करने की जगह खुली पार्किंग में वाहन खड़े हो रहे हैं और पार्किंग शुल्क का विरोध किया जा रहा है।
विज्ञापन
6 of 8
अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त आगरा
- फोटो : अमर उजाला
नगर आयुक्त अरुण प्रकाश से बातचीत सवाल: व्यापारी विरोध कर रहे हैं, निगम ने संजय प्लेस में पार्किंग क्यों लगाई? जवाब: वाहन चोरी का सबसे बड़ा केंद्र संजय प्लेस है। व्यवसायिक गतिविधियों के लिए हर दिन लोग संजय प्लेस जाते हैं। जाम, अव्यवस्था न फैले, इसलिए हमने पार्किंग की सुविधा दी है। सदर हो या राजा की मंडी, सभी जगह वाहनों की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पार्किंग है। व्यापारी गलत विरोध कर रहे हैं।
सवाल: 15 दिन हो गए निगम के अधिकारी उनसे बात क्यों नहीं करते? जवाब: मेरे पास दो महीने पहले संजय प्लेस के कुछ व्यापारी आए थे, तब मैंने कहा था कि अगर एडीए ने उन्हें पार्किंग की जमीन से जुड़ा कोई कागज या मालिकाना हक दिया है तो पार्किंग टेंडर निरस्त कर दूंगा। अभी तक तो कोई मेरे पास आया नहीं। अगर व्यापारियों को दिक्कत है तो एक बार आकर बात तो करें।
सवाल: बाजार बंद हैं, पार्किंग ठेकेदार से मारपीट हो रही है, ये कब तक चलेगा? जवाब: संजय प्लेस के 5-6 व्यापारी, जो खुद अवैध पार्किंग चला रहे थे, निगम की पार्किंग के विरोध में हैं। हमारी पार्किंग में जो गड़बड़ी,मारपीट करेगा, उसके खिलाफ एफआईआर कराएंगे। सड़क हम बनाएं, सफाई हम कराएं, फुटपाथ और अन्य सुविधाएं हम देंगे तो पार्किंग व्यवस्था भी हम ही करेंगे। अवैध काम नहीं करने देंगे।
विज्ञापन
7 of 8
कपड़ा मार्केट की भूमिगत पार्किंग
- फोटो : अमर उजाला
कपड़ा मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोख अरोड़ा ने कहा कि कॉमर्शियल हब संजय प्लेस में पार्किंग के लिए व्यवस्था तो होनी ही चाहिए। ग्राहक से जो शुल्क लिया जाए, उसकी पूर्ति व्यापारी कर सकते हैं। पार्किंग शुल्क की पूर्ति कर हम ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं। हमें संजय प्लेस में ग्राहकों को बुलाना है न कि वाहन चोरी का डर दिखाकर भगाना है। निगम ये सुनिश्चित करे कि व्यापारियों, स्टाफ और रहने वालों से कभी पार्किंग शुल्क नहीं लेगा।
कपड़ा मार्केट की भूमिगत पार्किंग
- फोटो : अमर उजाला
आगरा कंप्यूटर ट्रेडर्स एसोसिएशन अध्यक्ष अजय रंगीला ने बताया कि बाजार में व्यवस्था तो बनानी होगी, लेकिन नगर निगम भी पहले सुविधाएं उपलब्ध कराए। सीवर लाइन आज तक नहीं जोड़ी गईं। व्यापारियों की समस्या है तो निगम उनके साथ मिलकर बैठे और वार्ता करे, तब समाधान निकलेगा। अभी जो ठेकेदार व्यापारियों से शुल्क न लेने और एक ही टोकन पूरे दिन मान्य रखने की बात कह रहे हैं, क्या वो व्यवहारिक रूप से चला पाएंगे।