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जोखिम में जान: बिना ऑक्सीजन किट के दौड़ रहीं खटारा एंबुलेंस, ले जाए जा रहे मरीज

Sun, 07 Feb 2021 11:58 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के बाहर खड़ी अवैध एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
बिना ऑक्सीजन किट की खटारा एंबुलेंस से मरीजों को ले जाया जा रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज और अन्य अस्पतालों के बाहर ही इन डग्गामार एंबुलेंस का जमावड़ा है। जानकारी होने पर भी इन एंबुलेंस पर कार्रवाई करना तो दूर सात महीनों से आरटीओ की टीमों ने इनकी चेकिंग तक नहीं की है। अमर उजाला टीम ने शनिवार को अस्पतालों में मरीज ले जा रही एंबुलेंसों की पड़ताल की तो पाया कि इनमें ऑक्सीजन सिलिंडर और स्ट्रेचर तक नहीं है। क्रिटिकल एंबुलेंस में वेंटीलेटर की सुविधा नहीं मिली।
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एसएन इमरजेंसी के बाहर खड़ीं प्राइवेट एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
शहर में चल रहीं खटारा एंबुलेंस के खिलाफ आरटीओ की कार्रवाई न होने से इनकी संख्या में इजाफा हुआ है। सात माह पहले 9 एंबुलेंस के चालान के बाद से आरटीओ ने कोई कार्रवाई नहीं की। तब इन एंबुलेंस में ऑक्सीजन किट, मरीजों को ऑक्सीजन देने के लिए अंबू बैग, अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी किट तक नहीं मिले थे। इसके बाद अचानक अभियान बंद हुआ और फिर चला ही नहीं।
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प्राइवेट अस्पतालों में मरीज ले जा रहीं एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
यहां हैं डग्गामार एंबुलेंस के ठिकाने
खटारा और डग्गामार एंबुलेंस ने अस्पतालों के बाहर ठिकाना बना रखा है। इनका जमावड़ा दिल्ली गेट, रामबाग, सिकंदरा, एसएन मेडिकल कॉलेज, बोदला पर ज्यादा रहता है।

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एसएन इमरजेंसी के बाहर खड़ी खराब एंबुलेंस को ठीक करता मरीज - फोटो : अमर उजाला
20 फरवरी से चलाएंगे धरपकड़ अभियान: आरटीओ
आरटीओ प्रवर्तन अनिल कुमार का कहना है कि अभी सड़क सुरक्षा अभियान में स्टाफ लगा हुआ है। 20 फरवरी से खटारा और डग्गामार एंबुलेंस के खिलाफ धरपकड़ अभियान चलाएंगे।

आरटीओ टीम बनाएं, हम तैयार हैं: एसीएमओ
एसीएमओ डॉ. वीरेंद्र भारती ने कहा कि खटारा एंबुलेंस की जांच करने के लिए आरटीओ टीम बनाएं। इसमें ही एक स्वास्थ्य अधिकारी की ड्यूटी तय कर देंगे।
 
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एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी - फोटो : अमर उजाला
मजबूरी में ले जाते हैं मरीज
बिना मानक के एंबुलेंस चल रही हैं। परिजनों को मजबूरी में ऐसी एंबुलेंस में अपने मरीज को अस्पताल लेकर जाना होता है, विभाग जांच नहीं कर रहा है। -प्रमोद सिंघल, कमला नगर

मानकों की जानकारी नहीं
ग्रामीण के मरीजों को एंबुलेंस में मानकों की सही जानकारी नहीं होती है, इसका खटारा एंबुलेंस चालक लाभ उठाते हैं। आरटीओ को ज्ञापन भी दिया था, फिर से मांग उठाएंगे। -सत्यवीर चौधरी, दयालबाग
 
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डग्गामार एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
एंबुलेंस को सीज किया जाए
मरीजों से पूरा किराया वसूलते हैं, लेकिन इसमें सुविधाएं नहीं होतीं। इससे मरीज की जान को खतरा है, ऐसी एंबुलेंस को पकड़कर सीज कर देने से ही राहत मिलेगी। -संजय सिंह, आवास विकास कॉलोनी

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