ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भी रथयात्रा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। ठा. बांकेबिहारी ने 160 किलो चांदी के रथ में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। वहीं शाम को रथनुमा पुष्प बंगला में दर्शन दिए। वर्ष में एक बार होने वाले विशेष दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्तों ने दर्शन किए।
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बांके बिहारी मंदिर में चांदी का रथ
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को प्रात: ठा. बांकेबिहारी मंदिर के पट खुलते ही जगमोहन में चांदी से बने चार घोड़ों के शोभायमान रथ में ठा. बांकेबिहारी विराजमान हुए। रथ को पुष्पों और लता-पताओं से सजाया गया था। रथ के ऊपर सोने से जड़ित ध्वज लगाया गया।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
रथ में अपने आराध्य को विराजमान करने से पहले सेवायत जुगल गोस्वामी, आनंद किशोर गोस्वामी एवं आचार्य बालकृष्ण गोस्वामी ने रथ का पूजन मंत्रोच्चारों के मध्य किया। यह रथ 2013 में भक्तों के सहयोग से बनाया गया था।
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बांकेबिहारी मंदिर में चांदी का रथ
- फोटो : अमर उजाला
बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत जुगल गोस्वामी ने बताया कि चांदी से निर्मित इस भव्य रथ में चार घोड़े और एक बग्गी है। चंद्र आनंद निकुंज बिहारी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा भक्तों के सहयोग से बांकेबिहारी के लिए चांदी का विशाल रथ सन 2013 में बनाया गया।
रथ पर सवार होकर निकले ठाकुर बांकेबिहारी महाराज
- फोटो : अमर उजाला
शाम को मंदिर के जगमोहन में रथनुमा पुष्प बंगला सेवकों द्वारा बनाया गया। इसमें जन-जन के आराध्य ठा. बांकेबिहारी ने भक्तों को दर्शन दिए। देर रात तक मंदिर में भगवान के विशेष दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। वहीं, सनेह बिहारी मंदिर में भी पुष्पों से रथ बनाकर ठाकुर जी को उसमें विराजमान किया गया।