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कुख्यात को कंधा देने भी नहीं आए 'अपने': आठ दिन रखा रहा बदन सिंह का शव, पुलिस ने किया अंतिम संस्कार

Fri, 30 Jul 2021 07:43 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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मुठभेड़ में मारे बदमाश गए बदन सिंह का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक उमाकांत गुप्ता का पांच करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अपहरण करने वाले एक लाख के इनामी बदमाश बदन सिंह के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उसका कोई अपना मुखाग्नि देने नहीं आया। इस पर शुक्रवार को पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अब उसकी अस्थियां और डीएनए सैंपल सुरक्षित रखा गया है। अगर, कोई परिजन आता है तो डीएनए जांच कराई जाएगी। अस्थियां भी सौंपी जाएंगी।

ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी डॉ. उमाकांत गुप्ता का 13 जुलाई की शाम को भगवान टाकीज से अपहरण कर लिया गया था। उन्हें संध्या नामक युवती ने हनी ट्रैप का शिकार बनाया था। बदमाश उन्हें धौलपुर के बीहड़ में ले गए थे। पुलिस ने 31 घंटे बाद डॉ. उमाकांत गुप्ता को मुक्त करा लिया था। संध्या उर्फ मंगला और पवन पकड़े गए थे। बदन सिंह और उसका साथी अक्षय 22 जुलाई को जगनेर थाना क्षेत्र में पुलिस की मुठभेड़ में मार गए थे। 
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मुठभेड़ में मारा गया अक्षय - फोटो : अमर उजाला
आरोपी अक्षय उर्फ चंकी पांडे के शव को परिजन ले गए थे, जबकि बदन सिंह के परिजन नहीं आए थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम होने के बाद सुरक्षित रखवा दिया था। उसके गांव में सूचना दी गई थी। पुलिस को कई रिश्तेदार मिले, सभी ने कहा कि बदन सिंह के माता-पिता की मौत हो गई है। उसके भाई और अन्य लोगों के बारे में पता नहीं है। रिश्तेदारों ने भी आने से मना कर दिया। 
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धौलपुर के बीहड़ में आगरा पुलिस (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
आगरा पुलिस के साथ ही धौलपुर पुलिस को भी बदन सिंह के परिजनों से संपर्क के लिए लगाया गया, लेकिन कोई नहीं आया। आठ दिन इंतजार के बाद पुलिस ने शुक्रवार को कुख्तात बदन सिंह शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

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विद्युत शवदाह गृह, ताजगंज - फोटो : अमर उजाला
एसपी ग्रामीण पश्चिमी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि बदन सिंह के शव का ताजगंज स्थित विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया गया है। उसके कपड़े सहित अन्य सामान सुरक्षित रखा गया है। उसका डीएनए सैंपल सुरक्षित रखा गया है। कुछ अस्थियां रखी गई हैं, जिससे परिजनों को दी जा सके। वहीं बाकी अस्थियां विसर्जित की गई हैं। परिजन आकर दावा करते हैं तो डीएनए कराने के बाद अस्थियां दे दी जाएंगी। 
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कुख्यात बदन सिंह - फोटो : अमर उजाला
जिंदा था तो डरते थे लोग, मरने पर नहीं आया कोई
पुलिस ने बताया कि बदन सिंह धौलपुर के थाना कंचनपुर स्थित गांव अब्दुलपुर का रहने वाला था। वर्ष 2017 में सदर क्षेत्र से डॉक्टर निखिल बंसल का अपहरण करके फिरौती वसूलने में भी शामिल रहा था। उस पर आठ मुकदमे दर्ज थे। इनमें एक एत्माद्दौला, दो मुरैना, दो सिकंदरा, एक सदर और दो जगनेर के थे। वह दस्यु का साथी था। इस कारण लोग डरते थे। धौलपुर में दहशत का पर्याय बना हुआ था।
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