प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सात मिनट वर्चुअल संवाद करने वाली आगरा की फल विक्रेता प्रीति की जिंदगी बदल गई है। अब लोग ढूंढते हुए प्रीति की फलों की ठेले पर पहुंच रहे हैं। बुधवार की सुबह ही कम से कम 10 लोगों ने यही पूछा, आप ही प्रीति हैं... आपसे ही प्रधानमंत्री ने बात की थी। आत्मविश्वास से लबरेज प्रीति ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री से बात हुई।
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प्रीति से बात करते डीएम प्रभु एन. सिंह
- फोटो : अमर उजाला
ताजगंज क्षेत्र के धांधूपुरा मोहल्ले में प्रीति अब किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं है। प्रीति ने बताया कि प्रधानमंत्री से बात करने के बाद जैसे ही घर पहुंची, तभी से लोग आ रहे हैं। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह की गाड़ी घर के बाहर रुकी तो लोग हैरान रह गए थे। कुछ लोग यही पूछने आए कि जिलाधिकारी क्यों आए थे। इसके बाद जैसे जैसे लोगों को पता चला कि प्रधानमंत्री से बात हुई, वैसे वैसे घर में तांता लगता चला गया।
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फल विक्रेता प्रीति
- फोटो : अमर उजाला
'मेरा ध्यान अपने काम पर है...'
बुधवार को प्रीति शिल्पग्राम के सामने ही फलों की ठेल लगाई। उसकी तबीयत कुछ ठीक नहीं थी। सुबह से ही लोग उससे मिलने के लिए आने लगे। अन्य ठेल वाले भी उससे पूछ रहे थे कि प्रधानमंत्री से बात करके कैसा लग रहा है। प्रीति ने कहा, उसका ध्यान काम पर है। प्रीति की तबीयत कुछ ठीक नहीं थी, इसलिए जल्दी घर चली गई।
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प्रीति और उसका पति
- फोटो : अमर उजाला
'मुझे प्रीति पर नाज है'
प्रीति के पति राधेश्याम का कहना है कि उसे अपनी पत्नी पर नाज है। उसने हमेशा साथ दिया है। घर को संभाल रही है। दो दिन से घर में लोगों के आने वालों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। लोग स्वनिधि योजना और प्रधानमंत्री के साथ उनकी बातचीत पर ही चर्चा करने आ रहे हैं, लेकिन वह कोई सेलिब्रिटी नहीं है। वह आम आदमी है।
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प्रीति से फल खरीदती महिला
- फोटो : अमर उजाला
रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से 10,000 रुपये मिलने के बाद चर्चित हुई आगरा की प्रीति और पवन कुमार की तरह योजना का लाभ लेने के लिए लोगों की बुधवार को भीड़ लगी रही। नगर निगम और डूडा कार्यालय पर लोग आवेदन फॉर्म जमा करने के लिए पहुंचे।
राज्यमंत्री, अधिकारीगण और स्वनिधि योजना के लाभार्थी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा शहर में अलग-अलग जगहों पर कैंप लगाए गए, जिनमें बुधवार को अपेक्षाकृत ज्यादा भीड़ नजर आई। स्वनिधि योजना में 65% महिलाओं को और 35% पुरुष दुकानदारों को 10,000 रुपये का लोन मिला है। इनमें से 40 फीसदी सब्जी विक्रेता और 25 फीसदी फास्ट फूड बेचने वाले दुकानदार हैं।