विदेशी फंडिंग से हिंसा भड़काने की साजिश के आरोप में मथुरा की अस्थायी जेल में बंद पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) एवं सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) के सदस्य रामपुर निवासी मोहम्मद आलम की पत्नी बुशरा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है। उसने कहा कि उसके पति को पुलिस ने झूठा फंसाया है। आलम दिल्ली में टैक्सी चलाता है, उसका पीएफआई या सीएफआई से कोई संबंध नहीं है। गुरुवार को आलम के परिजन उसकी जमानत लिए आए थे।
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आरोपियों को कोर्ट ले जाती पुलिस (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा के एडीजे दशम के न्यायालय में गुरुवार का मोहम्मद आलम की जमानत अर्जी पर सुनवाई थी। जमानत कराने के लिए आलम की पत्नी बुशरा दिल्ली से आई थी। उसके साथ आलम की दो बहनें फुलवी और सहजी, चचेरा भाई महबूब आलम और सास शहाना भी आई थीं।
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आरोपी आलम की पत्नी बुशरा
- फोटो : अमर उजाला
बुशरा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आलम पढ़ा-लिखा नहीं है और उसका बैंक खाता बंद है। आलम पांच अक्तूबर को सुबह छह बजे घर से चला था। सुबह नौ बजे फोन भी बात भी हुई थी, लेकिन इसके बाद संपर्क नहीं हुआ। अगले दिन पता चला कि आलम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बुशरा ने बताया कि आलम के साथ जो लोग गिरफ्तार किए हैं, उन्हें वह व परिवार के लोग नहीं जानते।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पांच अक्तूबर को मसूद अहमद निवासी बहराइच, आलम निवासी रामपुर, अतीकुर्रहमान निवासी मुजफ्फरनगर और सिद्दीक निवासी केरल को थाना मांट पुलिस ने हिंसा फैलाने की साजिश के आरोप में पकड़ा था। ये चारों कार से हाथरस जा रहे थे। पुलिस का दावा है कि इनकी कार से भड़काऊ साहित्य मिला था।
कोर्ट में आरोपियों की पेशी के दौरान की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने इन चारों के संबंध पीएफआई और सीएफआई से होने की पुष्टि की। हिंसा भड़काने की साजिश के मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। वहीं गिरफ्तारी के बाद से चारों आरोपी अस्थायी जेल में बंद हैं। गुरुवार की आलम की जमानत पर सुनवाई हुई। एसटीएफ ने जांच के लिए समय मांगा। इस पर अदालत ने अगली सुनवाई के लिए चार नवंबर की तारीख तय की है।