आगरा के गांव नगला नाथू (सिकंदरा) की जिन गलियों में हर समय बच्चे खेलते नजर आते थे, बुधवार को वहां सन्नाटा पसरा रहा। घरों के बाहर इक्का-दुक्का लोग बैठे दिखे। पीड़ित परिवारों के घरों के आसपास करुण क्रंदन गूंज रहा था।
यमुना नदी में डूबने से मंगलवार को नगला नाथू गांव की मुस्कान, दिव्या, संध्या उर्फ कंचन, माैसेरी बहन सोनम, चचेरी बहन नैना और माैसी शिवानी की माैत हो गई थी। घटना सुबह 10:30 बजे हुई थी। सभी किशोरियां यमुना में नहाने गई थीं। घटना के बाद से पीड़ित परिवारों में मातम है। गांव के लोग भी हादसे को याद कर सिहर उठते हैं।
सबसे बड़ा दर्द तीन बेटियों मुस्कान, दिव्या और संध्या को खोने वाली मां कांता देवी, पिता सुरेश चंद और दादी मीना को मिला है। उनके आंसू थम नहीं रहे हैं। उन्हें लोग किसी तरह संभाल रहे हैं। मां एक ही बात बोल रही हैं कि बेटियों को एक बार वापस ला दो, फिर कभी उन्हें जाने न दूंगी। घर में लोगों का तांता लगा है। लोग ढांढस बंधा रहे हैं।
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