आगरा में कमला नगर के कपड़ा कारोबारी राहुल अग्रवाल की हत्या के 57 दिन बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें बिगड़ैल रईसजादा राजीव अग्रवाल मुख्य आरोपी है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला से मिली बैलेस्टिक परीक्षण रिपोर्ट को मुख्य साक्ष्य बनाया गया है। मुख्य गवाह राजीव के मौसेरा भाई मनीष को बनाया गया है। उसका मजिस्ट्रेट के सामने बयान पहले ही दर्ज हो चुका है।
विज्ञापन
2 of 6
राहुल का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
राहुल की हत्या सात दिसंबर को वाटर वर्क्स पर पुलिस बूथ के सामने हुई थी। पुलिस ने इसके आरोप में मैदा कारोबारी राजीव अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। राजीव की कार से राहुल की एक्टिवा की टक्कर हो गई थी। पुलिस ने खुलासा किया था कि इसी पर राजीव ने राहुल को पिस्टल से गोली मार दी।
विज्ञापन
3 of 6
एसएसपी बबलू कुमार
- फोटो : अमर उजाला
राजीव का मैदा का बड़ा कारोबार है वह बेहद गुस्सैल और बिगड़ैल किस्म का है। गिरफ्तारी के बाद से जेल में है। उसके खिलाफ पुलिस को ऐसे सुबूत की तलाश थी जिसकी कोई काट न हो। इसके लिए उसकी पिस्टल और राहुल की जान लेने वाली गोली को बैलेस्टिक परीक्षण के लिए भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट में पाया गया कि गोली उसी पिस्टल से चली थी।
4 of 6
हरीपर्वत पुलिस स्टेशन आगरा
एएसपी हरीपर्वत सौरभ दीक्षित ने बताया कि तमाम पहलुओं पर जांच पड़ताल और साक्ष्य जुटाने के बाद चार फरवरी को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। इस केस में तेजी से सुनवाई के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
5 of 6
पुलिस की गिरफ्त में हत्या का आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने इस मामले में तेजी से सुनवाई कराने के साथ ही गवाहों से बात भी की है। उन्हें भरोसा दिया गया है कि पुलिस उनकी सुरक्षा करेगी, किसी से डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने से पहले विधि विशेषज्ञों की राय भी ली।
हत्या से आरोप पत्र तक
सात दिसंबर : राहुल गुप्ता की वाटर वर्क्स पर गोली मारकर हत्या।
नौ दिसंबर : आरोपी राजीव अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया।
11 दिसंबर : राजीव का मौसेरा भाई मनीष सरकारी गवाह बनने के लिए तैयार हुआ।
21 जनवरी : विधि विज्ञान प्रयोगशाला से बैलेस्टिक रिपोर्ट आई।